लेप्टिन को बढ़ाने वाले आहार

Updated at: Aug 06, 2015
लेप्टिन को बढ़ाने वाले आहार

कहीं आपको भी तो बा-बार-भूख लगने की समस्या नहीं है। तो आपका लेप्टिन हार्मोन मे कुछ गड़बड है। लेप्टिन हार्मोन को बढ़ान ेके लिए जरूरी आहारों का सेवन करें। इस बारे में ज्यादा विस्तार से जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़े।

Aditi Singh
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: Aditi Singh Published at: Aug 06, 2015

हमारे शरीर को कैसे पता चल जाता है कि पेट भर गया है? क्यों एक हद के बाद हम और नहीं खा पाते? ऐसा इसलिए होता है कि लेप्टिन नाम का हार्मोन हमारे दिमाग को संदेश भेज देता है। जैसे जैसे हम खाना खाते हैं, शरीर में लेप्टिन की मात्रा बढ़ती रहती है। दिमाग के रिसेप्टर से जुड़ कर यह हार्मोन संदेश देता है कि अब पेट भर गया। इस तरह से यह हमारे वजन को भी काबू में रख पाता है। अगर यह ना हो, तो हम खाना खाते ही चले जाएंगे।

Leptin in Hindi

कैसे पता चलती है लेप्टिन की कमी

शरीर में लेप्टिन हार्मोन तो है लेकिन वह सक्रिय नहीं हो पा रहा और इसीलिए लगातार भूख का अहसास होता रहता है। ब्लड टेस्ट से इस बारे में पता लगाया जा सकता है। लेकिन अगर ब्लड टेस्ट से सही जानकारी ना मिले तो लेप्टिन जीन का टेस्ट किया जाता है। जिस तरह से डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं, उसी तरह लेप्टिन की कमी होने पर हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते है। कृत्रिम रूप से बनाए जाने वाले हार्मोन  लेप्टिन के कार्य को संभालता है। लेप्टिन नामक हारमोन का सीधा संबंध तृप्ति अथवा संतुष्टि से होता है जो वजन कम करने में अहम भूमिका निभाती है और कम सोने से लेप्टिन का स्तर भी कम हो जाता है। यही नहीं, पर्याप्त नींद न लेने से भूख से संबंध रखने वाले हारमोन घरेलिन के स्तर में वृद्धि हो जाती है।

Leptin in Hindi
लेप्टिन को बढ़ानें वाले आहार

लेप्टिन संवेदनशीलता को बढ़ाने के लिए भरपूर नींद लें और एंटीऑक्सीडेंट युक्त जामुन और हरी तथा पत्‍तेदार सब्जियों और फलों का सेवन करें। बींस को वेट लॉस के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है। बींस में ऐसे तत्व होते हैं जो कॉलेसिस्टॉकिनिन नाम के डाइजेस्टिव हार्मोन को लगभग दो गुना बढ़ाने में मदद करते हैं।एक नाशपाती आपकी भूख को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त होती है। भूख मिटाने के लिए सेब नाशपाती के बाद सबसे अच्छा स्रोत है। दोनों ही फलों में पेक्टिन फाइबर होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करता है।थोड़ी-सी दालचीनी खाकर भोजन के बाद मीठे की क्रेविंग से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। दालचीनी सेहत के लिहाज से भी बहुत अच्छी है। एक-चौथाई छोटा चम्मच दालचीनी का पाउडर का रोजाना सेवन टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर और कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है।

लेप्टिन हार्मोन की कमी आपके शरीर मे मोटापा बढ़ा सकती है। इसलिए आपको ज्यादा भूख लगने की शिकायत हो तो एक बार डॉक्टर से जरूर दिखा लें।

 

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