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जानें आपके लिए क्‍या है बेस्‍ट वर्कआउट प्‍लान

जानें आपके लिए क्‍या है बेस्‍ट वर्कआउट प्‍लान
Quick Bites
  • जिमिंग उपकरणों से सामान्यत: दो तरह के एक्सारसाइज किए जाते हैं।
  • कार्डियो एक्सारसाइज से हृदय को पंप करने में सहायता मिलती है। 
  • वेट लिफटिंग से शरीर को ताकत मिलती है और संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
  • एक्सारसाइज करने के पहले वार्मअप और बाद में स्ट्रेच जरूर करें।

जिम जाने से वहां उपलब्ध बहुत सी आधुनिक मशीनों के सहारे एक्सारसाइज करने में सुविधा होती है। इससे ह्रदय को शक्ति मिलती है और मांसपेशियां लचीली बनती है। जिम में एक ही स्थान पर हर तरह की मशीन पाए जाने और उनपर एक्सारसाइज करने से शरीर में सक्रियता, ताकत बढाने, वजन कम करने और शरीर को एक निष्चित आकार में ढालने में मदद मिलती है। इसलिए बिना समय नष्ट किए जल्द ही किसी नजदीकी जिम को जाइन कर एक्सारसाइज शुरू कर दें।

 

फिटनेस रूटीन के तहत जिमिंग

जिमिंग को आम तौर पर एक बॉडी बिल्डिंग करने के स्थान के रूप में देखा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी आयु में जिम करके अपने को शारीरिक रूप से फिट और स्वस्थ रख सकता है। जिमिंग से न केवल आप को एक सुगठित काया मिलती है बल्कि इससे डायबीटीज, हृदयघात और सामान्य संक्रमण जैसी बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है। पुरूषों में जिमिंग करने से स्टैमिना बनता हैं, मांसपेशियों में ताकत आती है और मस्तिष्क को भी काफी आराम या रिलैक्स मिलता है।

 

 

कौंन सी करें एक्सरसाइज

जिमिंग उपकरणों से सामान्यत: दो तरह के एक्सारसाइज किए जाते हैं एक कार्डियोवासक्यूलर और दूसरा मसंल्स बनाने की ट्रेनिंग। कार्डियो एक्सारसाइज से हृदय को पंप करने में सहायता मिलती है जिससे हृदय को अधिक मात्रा में आक्सीजन की प्राप्ती होती है और इससे हृदय को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से केवल शरीर को एक सुगठित शरीर और बॉडी बिल्डरों जैसा लुक दिया जा सकता है। वेट लिफटिंग से आपके शरीर को ताकत मिलती है और संतुलन बनाने में मदद मिलती है।

 

व्यक्ति को इन सभी क्रिया कालापों को संतुलित करके चलना चाहिए और हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि वे अखिर चाहते क्या हैं मसल्स बनाना, अपना वजन कम करना या फिर पूरे शरीर को फिट और स्वस्थ रखना। इन बातों को ध्यान में रखकर ही जिमिंग को फोकस करना चाहिए। जो लोंग अपना वजन कम करना चाहते हैं उन्हें पहले कार्डियों एक्सारसाइज पर अपना फोकस करना चाहिए बाद में फिर मसल्स बनाने वाले एक्सारसाइज करने चाहिए। अगर केवल मसल्स बनाना ही उद्देश्य हो तो सिर्फ स्टेरंथे ट्रेनिंग पर ही अपना ध्यान केंन्द्रीत करना चाहिए। 

 

जिम उन लोगों के लिए खास फायदेमंद साबित होता है  जो घर पर अकेले में निरस वातावरण में एक्सरसाइज करके तुरंत थक और उब जाते है। ऐसे लोगों के लिए जिम में हल्की–हल्की मधुर संगीत के माहौल में आधुनिक मशीनों के सहारे एक्सारसाइज करना काफी आसान और आरामदायक भी हो जाता है। जिम में एक्सासारइज शुरू करने के पहले बेहतर परिणाम के लिए और किसी प्रकार के हानि से बचने के लिए अपने ट्रेनर से सलाह जरूर लें। एक्सारसाइज करने के पहले और बाद अपने आप को वार्मअप और कूल डाउन करना कभी न भूले। स्वास्थ को बनाए रखने के लिए जिमिंग के अलावा अपने आहार और जीवन शैली का भी खास ख्याल रखें। लेकिन यह भी याद रखे कि सिर्फ जिमिंग करने से ही काम नहीं चलेगा इसके अलावा भी शरीर को सक्रिय रखने वाले अन्य दूसरे कार्यों में भी खुद को व्यस्त रखे।

 

Image Source - Getty Images

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Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJan 01, 2013

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