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बच्चों को दें ऐसी डाइट, कभी नहीं होंगे ओबेसिटी के शिकार

स्वस्थ आहार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 20, 2018
बच्चों को दें ऐसी डाइट, कभी नहीं होंगे ओबेसिटी के शिकार

बच्चों में मोटापा बहुत बड़ी समस्या है और यह बहुत तेजी से बढ़ रही है।

बच्चों में मोटापा बहुत बड़ी समस्या है और यह बहुत तेजी से बढ़ रही है। डब्यू.एच. ओ के द्वारा किये गए सर्वे के अनुसार भारत 2020 में बच्चो में मोटापे कि राजधानी बन जाएगी। जो बच्चे स्कूल जाते है है या ग्रोथ कर रहे है उनमें और खासतौर पर जो मेट्रो शहर है उनमे ये समस्या सबसे ज्यादा पाई जाती है। इसके लिए कुछ उपाए करने होंगे क्योंकि यह समस्या बढ़ती जा रही है और इसके कारण के और बीमारिया होने का खतरा बढ़ जाता है, इसके लिए बच्चो को अच्छा खाना, व्यायाम करना, अच्छा रहन-सहन, आउटडोर खेल खेलने चाहिए। आइए जानते हैं ओबेसिटी के लक्षण और उसके लिए डाइट।

ओबेसिटी के लक्षण

बड़े लोगों में ओबेसिटी के लक्षण धीरे-धीरे पनपते हैं। यह एक पीड़ादायक अनुभव है। बढ़ती आयु के साथ इससे जोडों व पीठ का दर्द, स्किन डिजीज और ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं। समय पर इसे काबू न किया जाए तो टाइप टू डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, स्लीप एप्निया, आथ्र्राराइटिस, डिप्रेशन और कैंसर तक हो सकता है। ओबेसिटी और सुस्त जीवनशैली एक-दूसरे से जुडी समस्या है। एक ओर खानपान की गलत आदतों और व्यायाम न करने से ओबेसिटी बढती है तो ओबेसिटी के कारण भी शारीरिक गतिविधियां धीरे-धीरे सीमित होने लगती हैं।

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ओबेसिटी से बचने के लिए डाइट

  • खाने में कैलरी का ध्यान रखें। पौष्टिकता स्वाद से बढ कर है।
  • रिफाइंड शुगर को चाय की प्याली से बाहर करें। खाली पेट चॉकलेट्स या मिठाई न खाएं, क्योंकि यह शरीर की बायोकेमिस्ट्री को तेजी से प्रभावित करता है।
  • चाय, कॉफी कम करें और इसकी जगह जूस, ग्रीन टी को जगह दें।
  • व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सुबह-शाम कम से कम 45 मिनट की वॉक व एक्सरसाइज करें।
  • मौसमी फल-सब्जियों का सेवन करें। मिड-टाइम स्नैक्स की जगह फ्रूट्स व सैलेड का सेवन करें।
  • खाना धीमे और चबा कर खाएं और इसका आनंद लें। ध्यान दें कि कौन सा खाद्य पदार्थ स्ट्रेस या भारीपन का एहसास दिलाता है। उसे अपने आहार से निकाल दें।
  • शरीर को आराम देने के लिए 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।
  • एक बार में अधिक खाने के बजाय दिन में पांच-छह बार छोटे-छोटे मील लें। एक स्टडी बताती है कि जो बच्चे बचपन में 4-5 मील लेते हैं, उनके ओवरवेट होने की आशंका कम होती है।
  • प्रोसेस्ड  फूड, रिफाइंड फ्लोर व ट्रांस-फैट आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा हैं। सस्ते और सुविधाजनक होने के कारण  इनका प्रयोग अधिक होता है। नॉनवेज व अन्य खाद्य पदार्थो को सुरक्षित रखने के लिए नाइट्रेट्स जैसे हानिकारक केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जिनका सेहत पर बुरा प्रभाव पडता है।
  • फल-सब्जियों के अलावा साबुत अनाज, नट्स और बींस का सेवन करें।
  • हेल्दी फैट का सेवन करें। ऑलिव ऑयल और फ्लैक्स सीड्स का सेवन करें।
  • नॉनवेज से मिलने वाले प्रोटीन और ओमेगा-3 की सही मात्रा ग्रहण करें। नॉनवेज में फिश को अपनी डाइट में शामिल करें।

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