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गर्भावस्‍था में रास्पबेरी चाय के फायदे

गर्भावस्‍था By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 07, 2013
गर्भावस्‍था में रास्पबेरी चाय के फायदे

यूं तो अच्छे स्वास्थ्य और ताजगी के लिए रास्पबेरी के पत्तों की चाय कोई भी पी सकता है, लेकिन गर्भावस्था में यह चाय ज्यादा फायदेमंद होती है। इस लेख को पढ़ें और जानें।

यदि आप गर्भवती हैं तो अपाने रास्पबेरी के पत्तों की चाय और गर्भावस्था में इसके लाभ के बारे में तो सुना ही होगा। यदि नहीं तो भी कोई बात नहीं। इस लेख के माध्यम से हम आपको रास्पबेरी के पत्तों की चाय और गर्भावस्था में इसके लाभ के बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे।  

 

हाथ में रस्‍पबेरी की पत्तियां


लाल रास्पबेरी के पत्तों से एक प्रकार की हर्बल चाय बनती है। गर्भावस्था में यह बहुत फायदेमंद होती है। यहां तक कि यह चाय नेशनल हेल्थ सर्विसेज (यूनाइटेड किंगडम की एक बड़ी स्वास्थ्य संस्था) के कुछ पत्रकों में भी शुमार है। यूं तो हर व्‍यक्ति इसका सेवन कर सकता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से लाभदायक है।

 

 

रास्पबेरी पत्ती चाय जड़ी बूटियों का मिश्रण है। माना जाता है कि यह गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूत करती है जिससे प्रसव के दौरान जोर लगाने में गर्भाशय अधिक कुशल हो जाता है। मॉमटास्टिक नाम की एक वेबसाइट के अनुसार "कई माताओं का यह दावे है कि रास्पबेरी पत्ती चाय के सेवन के बाद उन्‍हें दर्द और प्रसवश्रम की लंबाई कम करने में मदद मिली है। लेकिन यह काम करता ही है और क्‍या यह सभी महिलाओं के लिए समान रूप से लाभकारी है, इसका कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है। वेबसाइट में यह भी बताया गया है कि यदि आप इस चाय का सेवन अपनी दाई या स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार लेते हैं तो इसके इस्तेमाल से कोई हानि नहीं होती है।

 

रास्पबेरी चाय के फायदे

 

दस्त से राहत

रास्पबेरी चाय में कसैले टैनिन उच्च मात्रा में होते हैं। यह तत्‍व हल्‍का दस्‍त होने पर लाभ पहुंचाता है। अमेरिका स्थित, मैरेलैण्ड विश्वविद्यालय मेडिकल सेंटर की सलाह है कि हल्‍के दस्‍त की अवस्‍था में हर आधे घंटे के दौरान यह चाय पीना लाभकारी होता है। ऐसा तब तक करें जब तक दस्त के लक्षण पूरी तरह समाप्त ना हो जाएं। अधिक फायदे के लिए पुदीने की पत्तियों के साथ इस चाय का सेवन करें।

 

पीएमएस में राहत

पीएमएस अर्थात प्री मेंस्ट्रुएशन सिंड्रोम। यह समस्या लाखों महिलाओं को परेशान करती है। हालांकि यह बहुत ही पुरानी समस्या है फिर भी इसे बीमारी नहीं समझा जाता। यह एक शारीरिक-मानसिक स्थिति है, जो महिलाओं में मासिक धर्म से आठ-दस दिन पहले होती है और अलग-अलग महिलाओं में इसके लक्षण भिन्न-भिन्न होते हैं।

 

हालांकि इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि रास्पबेरी पत्ती चाय, पीएमएस के लक्षणों, ऐंठन में राहत देने तथा माहवारी में रक्तस्राव को कम करने में कारगर होती है। यह माना जाता है कि रास्पबेरी चाय की पत्तियों में एक ऐसा तत्व होता है जो गर्भाशय की मांसपेशियों को स्वस्थ्य बनाने में मदद करता है।

 

प्रसव में सहायक

अनेक दाइयों और वैकल्पिक चिकित्सकों का यह मानना है कि प्रसव के दौरान या पूर्व रास्पबेरी चाय पीने से प्रसव आराम से होने में सहायता मिलती है।

यूं तो कोई भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए रास्पबेरी के पत्तों की चाय पी सकता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इस चाय के सेवन के बारे में डॉक्टर से भी एक बार सलाह मशहवरा कर लेना अचछा रहता है।


Refrences

मायो क्लीनिक
जबकि ग्रेंडमांज विजिडम (वेबसाइट)  
मॉमटास्टिक
मैरेलैण्ड विश्वविद्यालय मेडिकल सेंटर

 

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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