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कई गंभीर बीमारियों को ठीक करता है मैग्नीशियम ऑयल, जानें इसके फायदे

फैशन और सौंदर्य By Meera Roy , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 20, 2018
कई गंभीर बीमारियों को ठीक करता है मैग्नीशियम ऑयल, जानें इसके फायदे

मैग्नीशियम ऑयल, मैग्नीशियम क्लोराइड और पानी का मिश्रण है। इसे हाथ लगाने पर ये तेल यानी ऑयल की तरह चिपचिपा महसूस होता है। लेकिन तकनीकी रूप से यह तेल नहीं है। मैग्नीशियम के दूसरे फार्म की तुलना में मैग्नीशियम क्लोराइड को शरीर आसानी से सोख लेता है

मैग्नीशियम ऑयल, मैग्नीशियम क्लोराइड और पानी का मिश्रण है। इसे हाथ लगाने पर ये तेल यानी ऑयल की तरह चिपचिपा महसूस होता है। लेकिन तकनीकी रूप से यह तेल नहीं है। मैग्नीशियम के दूसरे फार्म की तुलना में मैग्नीशियम क्लोराइड को शरीर आसानी से सोख लेता है। अगर इसे शरीर में लगाए जाए, तो इससे न्यूट्रिएंट्स का स्तर पर बेहतर होता है। वैसे भी मैग्नीशियम हमारे शरीर के लाभकर है। इस लिहाज से देखा जाए तो  मैग्नीशियम ऑयल हमारे लिए उपयोगी हो सकता है।

मैग्नीशियम का काम

  • नर्व और मसल फंक्शन को रेग्युलेट करना।
  • स्वस्थ गर्भावस्था को सपोर्ट करना।
  • ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य रखना।
  • रक्त चाप को नियंत्रित रखना।
  • प्रोटीन, बोन और डीएनए के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना।

मैग्नीशियम के स्रोत

मोटे अनाज, दुग्ध उत्पाद, नट्स, सफेद आलू, सोया चीज़, हरी-पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक आदि।

मैग्नीशियम ऑयल के प्रकार

मैग्नीशियम ऑयल के अलावा बाजार में मैग्नीशियम के दूसरे सप्लीमेंट भी उपलब्ध हैं जैसे दवाई, कैप्सूल। मैग्नीशियम ऑयल स्कनि में लगाई जाती है। यह स्प्रे में भी आती है। मैग्नीशियम ऑयल को आप आसानी से घर में भी बना सकती हैं।

मैग्नीशियम ऑयल के लाभ

मैग्नीशियम की कमी से कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे अस्थमा, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय संबंधी बीमारियां, हार्ट स्ट्रोक, ओस्टोपोरोसिस, प्री-एक्लेम्पसिया, माइग्रेन, अल्जाइमर आदि। जरनल आफ इंटग्रेटिव मेडिसिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैग्नीशियम ऑयल को रेग्युलर हाथ-पैरों में लगाने से दर्द का अहसास कम होता है। जिन लोगों को फाइब्रोमियालगिया बीमारी है, उन्हें लक्षण के तौर पर दर्द का एहसास होता है। इन मरीजों के लिए मैग्नीशियम ऑयल काफी कारगर साबित हुआ है।

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मैग्नीशियम ऑयल के साइड इफेक्ट

हालांकि अब तक पूरी तरह उजागर नहीं हो पाया है कि मैग्नीशियम आयल, मैग्नीशियम सप्लीमेंट जितने ही कारगर हैं या नहीं। कहने का मतलब है कि जो मैग्नीशिमय हम खाने के रूप में लेते हैं, वह ज्यादा कारगर हैं। इसलिए अगर आप मैग्नीशियम की कमी से वाकिफ हैं और इसका इनटेक बढ़ाना चाहते हैं, तो डाक्टर से संपर्क करें।

अगर आप मैग्नीशियम ऑयल नियमित रूप में लगाना चाहती हैं, तो सबसे पहले इसे हाथ के एक छोटे से हिस्से में लगाकर टेस्ट कर लें। इससे पता चल जाएगा कि मैग्नीशियम ऑयल की वजह से आपको किसी तरह एलर्जी या इंफेक्शन का खतरा तो नहीं है। अगर कहीं जलन या सेंसेशन की फीलिंग हो, तो इसे लगाने से बचें। सटीक रूप से यह भी कहना मुश्किल है कि मैग्नीशियम ऑयल कितना लगाना चाहिए। लेकिन एहतियात बरतना जरूरी है। इसलिए कभी भी ओवर मैग्नीशियम ऑयल न लगाएं। नेशनल इंस्टीट्यूट्स आफ हेल्थ के मुताबिक सीमित मात्रा में ही मैग्नीशियम लेना चाहिए। उसे क्रास नहीं करना चाहिए। और इसकी मात्रा उम्र दर उम्र निर्भर करती है जैसे 9 से ऊपर के बच्चों को 350 मिलिग्राम से ज्यादा मैग्नीशियम नहीं लेना चाहिए। क्योंकि इसे डाइजेस्ट करने में दिक्कत हो सकती है। इस वजह से डायरिाया, पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं ओवर मैग्नीशियम लेने की वजह से अनियमित हार्टबीट और कार्डियक अरेस्ट भी हो सकता है।

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