• shareIcon

बच्‍चों को साथ सुलाने के भी हैं कई फायदे, बड़े होकर विकसित होते हैं अच्‍छे गुण

बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 05, 2019
बच्‍चों को साथ सुलाने के भी हैं कई फायदे, बड़े होकर विकसित होते हैं अच्‍छे गुण

अधिकांश जापानी बच्चे शुरुआती स्कूल के वर्षों में अपने माता-पिता के साथ सोते हैं, और आधी किशोरावस्था तक अपने माता-पिता के साथ सोते हैं। जबकि पश्चिमी संस्कृति ने लंबे समय तक सोने की व्य

दुनिया भर के अधिकांश समाजों में, बच्चे अपने माता-पिता के साथ कम से कम अपने जीवन के पहले कई वर्षों तक सोते ही हैं। प्रारंभिक मानवविज्ञान अध्ययन में पाया गया कि 90 प्रतिशत समाजों में, शिशु अपने माता-पिता के साथ सोते थे, न कि पालने में। ये बात संस्कृतियों तक ही सीमित नहीं है। अधिकांश जापानी बच्चे शुरुआती स्कूल के वर्षों में अपने माता-पिता के साथ सोते हैं, और आधी किशोरावस्था तक अपने माता-पिता के साथ सोते हैं। जबकि पश्चिमी संस्कृति ने लंबे समय तक सोने की व्यवस्था में स्वतंत्रता पर जोर दिया है, माता-पिता को शिशुओं को पालने में सोने के लिए प्रोत्साहित किया है, खासकर उनके स्‍वयं के कमरे में।

हालांकि अगर भारतीय परिवेश की बात करें तो यहां भी अब काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे बच्‍चों और अभिभावकों में दूरी बनने लगती है। भागदौड़ की जिंदगी में पेरेंट्स दिनभर तो बच्चों के साथ टाइम बिता नहीं पाते, हालांकि रात को उनके साथ सोने से इस दूरी को कम किया जा सकता है। बच्‍चों के साथ सोने से क्‍या फायदे हो सकते है हम आपको बताते हैं।

 

सुरक्षा का अनुभव

सोते समय जब बच्‍चे के साथ उसके माता-पिता होते हैं, तब वह स्‍वयं को सुरक्षित महसूस करता है। अकेले सोने पर छोटे बच्‍चे स्‍वयं को असुरक्षित महसूस कर सकते हैं, देखा जाता है कि ऐसे बच्‍चे अक्‍सर रात को सोते हुए उठ जाते हैं और उनकी नींद पूरी नहीं होती।

हेल्‍दी बैड टाइम रूटीन

समय पर सोने से न केवल नींद अच्छी आती है, बल्कि स्वास्थ्य भी सही रहता है। बच्‍चों में हेल्‍दी बैड टाइम रूटीन डालने के लिए पेरेंट्स को रात में बच्‍चों के साथ ही सोना चाहिए। इससे वे स्‍वस्‍थ लाइफस्टाइल अपना सकेंगे।

मानसिक रूप से करीब

रात को बच्‍चों के करीब सोने से आप उनसे दिनभर उन्होंने क्या खास किया, उनका पूरा दिन कैसा गया और अगले दिन की उनकी क्या प्लानिंग है। यह सब बातें आसानी से पूछ सकते हैं। ऐसा करने से बच्चा आपसे अपने दिल की सारी बात बताएगा और किसी बात पर उन्हें कोई परेशानी है तो आपसे कह देंगे और बिना किसी मानसिक परेशानी लिए आराम से सोएगा।

बच्‍चों की साथ समय बिताना

अगर आपका बच्चा रोजाना आपसे कहानी सुन कर सोना चाहता है तो इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि उसकी सोने की इच्छा नहीं है, बल्कि वो आपके साथ कुछ और वक्त बिताना चाहता है। ऐसे में भागदौड़ की जिंदगी में पेरेंट्स दिनभर तो बच्चों के साथ टाइम बिता नहीं पाते, रात को पास सोने से ऐसा हो सकता है।

अच्‍छे संस्‍कार का मिलेगा आधार

रात को बच्‍चों के पास सोने से आपको एक फायदा यह भी होगा कि आप उसको कहानी सुनाने के जरिए अच्‍छे संस्‍कार डाल सकते हैं। इससे उसके भविष्‍य निर्माण में सहायता मिलती है। जीवन की वि‍कट परिस्थितियों में उसे वह सीख हमेशा याद रहेगी।

इसे भी पढ़ें: बच्‍चा गुस्‍से में हो तो डांटने के बजाएं उसे इन 10 तरीकों से समझाएं, आदत में आएगा सुधार

नर्सिंग माताओं के लिए आसान

अपने बच्‍चों के पास सोना नर्सिग माताओं के लिए बेहतर होता है। इससे बच्‍चे के साथ उनको भी आराम मिलता हैं। उनको बार बार बिस्‍तर छोड़ कर अपने बच्‍चे को देखने के लिए उठ कर नहीं आना पड़ता।

इसे भी पढ़ें: अच्‍छे और बुरे दोस्‍तों के बीच क्‍या है अंतर, बताएं अपने बच्‍चों को ये जरूरी बातें

आत्मसम्मान में वृद्धि

एक अध्‍ययन से यह बात सामने आई है कि जो बच्‍चे अपने मां-बाप के पास सोते है उनमें आत्‍मसम्‍मान में वृद्धि होती है, व्‍यवहार की समस्‍याओं का कम अनुभव होता है, साथियों के दबाव में कम रहते हैं और वह ज्‍यादा खुश और अपनी लाइफ से संतुष्‍ट होते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting Tips In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK