• shareIcon

पीठ दर्द, गर्दन दर्द और तनाव को दूर कर चेहरे पर चमक लाता है सिंहासन, जानें विधि

योगा By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 06, 2018
पीठ दर्द, गर्दन दर्द और तनाव को दूर कर चेहरे पर चमक लाता है सिंहासन, जानें विधि

पीठ दर्द, गर्दन दर्द और शरीर के अन्य अंगों में दर्द की समस्या में सिंहासन बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा इस आसन के नियमित अभ्यास से आंखों की कमजोरी भी दूर होती है।

कुछ लोगों को लंबे समय तक पीठ और गर्दन दर्द की शिकायत रहती है। इस तरह के दर्द, जो आसानी से ठीक नहीं होते हैं, योगासनों द्वारा ठीक किए जा सकते हैं। दरअसल अगर आप दर्द की दवा खाते हैं, तो ये दवाएं सिर्फ दर्द को दबा देती हैं, जबकि उसकी जड़ पर वार नहीं करती हैं। योगासनों द्वारा शरीर का तंत्र ठीक तरह से काम करना शुरू कर देता है इसलिेए आपको दीर्घकालिक राहत मिलती है। पीठ दर्द, गर्दन दर्द और शरीर के अन्य अंगों में दर्द की समस्या में सिंहासन बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा इस आसन के नियमित अभ्यास से आंखों की कमजोरी भी दूर होती है। आइए आपको बताते हैं कि सिंहासन आप किस तरह कर सकते हैं।

सिंहासन क्या है

सिंहासन जैसा कि नाम से पता लग रहा है कि इस आसन में आपको शेर की अवस्था में बैठना होता है।  सिंहासन से आपकी आंखो, चेहरे व गर्दन का व्यायाम होता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन व चेहरे में रक्त का संचार सही ढंग से होता है।  जिससे आप चुस्त-दुरुस्त रहते हैं। आसन से आपको दिमागी शांति मिलती है और आपका तनाव कम होता है। लेकिन सिंहासन कैसे करें इसकी सही विधि जानना बहुत जरुरी है।

इसे भी पढ़ें:- शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है मरीच्यासन, रीढ़ और कमर को मिलते हैं लाभ

कैसे करें सिंहासन का अभ्यास

  • सिंहासन करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों के पंजों को आपस में मिलाकर उस पर बैठ जाएं। 
  • फिर दाएं हाथ को दाएं घुटने पर तथा बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें।
  • लंबी सांस लें उसके बाद मुंह द्वारा सांस को छोड़ें।
  • अब गर्दन को सामने की ओर झुकाकर ठोड़ी को गले के नीचे लगाएं। अगर आपके गर्दन में दर्द हो तो बिना गर्दन झुकाए भी कर सकते हैं।
  • सांस लेने और छोड़ने की क्रिया को दो से पांच बार करें।
  • दोनों आंखों से इस तरह से देखें कि दोनों आंखों की नजर दोनों भौंहों के बीच में रहें।
  • इसके बाद अपने मुंह को खोलें और जीभ को उसी अवस्था में बाहर की तरफ निकालें।
  • मेरुदंड को बिल्कुल सीधा रखना चाहिए। इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

गले और मस्तिष्क को मिलेगा लाभ

सिंहासन के अभ्यास से आपकी स्मरण शक्ति ठीक होती है। इस आसन से आपके सीने और चेहरे का तनाव दूर होता है। इसके अलावा इस आसन से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह सही ढंग से होता है। गले की अच्छी एक्सरसाइज होने के कारण इससे गले में होने वाले किसी संक्रमण में आराम मिलता है और आवाज साफ होती है। सिंहासन से आपको अस्थमा में आराम मिलता है। इस आसन से आपके चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव आता है जो कि एक अच्छा व्यायम है चेहरे के लिए।

इसे भी पढ़ें:- कब्ज, एसिडिटी और मल त्याग में दर्द की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है मलासन, जानें विधि

आंखों के लिए फायदेमंद

सिंहासन से आंखों के लिए एक अच्छी एक्सरसाइज है इससे आंखे स्वस्थ रहती हैं।  इससे आंखों की नसों की कमजोरी की समस्या दूर होती है। सिंहासन से चेहरे की झुर्रियां दूर होती हैं इसलिए इसे एंटी एजिंग आसन भी कहते हैं।

पीठ दर्द और कमर दर्द

इस आसन से आपको पीठ दर्द व गर्दन के दर्द में भी आराम मिलता है। ध्यान रखें कि अगर आपके घुटने में कोई चोट लगी है तो व्रजासन पर बैठने की जगह आप कुर्सी पर बैठकर भी यह आसन कर सकते हैं। रोज सुबह सही विधि से सिंहासन करने से आपके नर्वस सिस्टम की कमजोरी दूर होती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Yoga In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK