Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

ऑफिस में लगातार बैठने से होने वाली समस्याओं से बचाएगा हस्तोत्तान आसन

एक्सरसाइज और फिटनेस
By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 09, 2018
ऑफिस में लगातार बैठने से होने वाली समस्याओं से बचाएगा हस्तोत्तान आसन

एक जगह बैठे-बैठे काम करने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है और आपको दर्द की समस्या हो जाती है। शुरुआत में इसे हल्का-फुल्का दर्द समझकर अगर आप नजरअंदाज कर देते हैं, तो ऐसा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

Quick Bites
  • घंटों बैठने से रीढ़ की हड्डी के कई गंभीर रोगों का होता है खतरा।
  • हस्तोत्तान आसन से आपके शरीर को मिलते हैं ढेर सारे लाभ।
  • ऑफिस में ही थोड़ा सा समय निकालकर कर सकते हैं ये योगासन।

अगर आप लंबे समय तक बैठने वाली जॉब में हैं, तो आपके बैक में दर्द, अकड़ या तनाव की समस्या जरूर होगी। एक जगह बैठे-बैठे काम करने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है और आपको दर्द की समस्या हो जाती है। शुरुआत में इसे हल्का-फुल्का दर्द समझकर अगर आप नजरअंदाज कर देते हैं, तो आपको बता दें कि ऐसा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। दरअसल अगर लगातार बैठने से पीठ और कमर में होने वाले दर्द को नजरअंदाज करते हैं, तो ये धीरे-धीरे कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसके कारण आपको सरवाइकल स्पॉनटलाइटिस, स्लिप डिस्क, मांसपेशियों में सूजन आदि की समस्या हो सकती है।
इस तरह की परेशानी से बचने के लिए आप ऑफिस में ही थोड़ा सा समय निकालकर कुछ आसान योगासन कर सकते हैं, जो आपके बैकबोन को लचीला बनाने और स्ट्रेच करने में मदद करेंगे।

कैसे मददगार है हस्तोत्तान आसन

दरअसल लगातार एक ही पोजीशन और एक समान उंचाई पर बैठने के कारण नसों में तनाव हो जाता है और रक्त का प्रवाह बाधित होता है। इसके अलावा बैठते समय चूंकि शरीर के ऊपरी हिस्से का पूरा भार आपकी बैकबोन पर होता है इसलिए एक ही पोजीशन में देर तक बैठने से उसकी हड्डियों में भी परेशानी होती है और दर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में अगर आप अपनी कुर्सी से उठकर दिन में 2-3 बार दो-दो मिनट का समय निकालकर हस्तोत्तान आसन कर लेते हैं, तो इससे आपके शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर हो जाता है और बैकबोन भी स्ट्रेच हो जाती है। इससे शरीर के निचले हिस्से का लचीलापन बढ़ता है और पीठ और कमर दर्द में राहत मिलती है।

इसे भी पढ़ें:- कैसे करें काम के साथ एक्सरसाइज

कैसे करें हस्तोत्तान आसन

  • हस्तोत्तासन को आप कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं।
  • इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर आकाश की तरफ उठा लें।
  • अह दोनों हाथों के पंजों को मिलाते हुए एड़ियों को ऊंचा करें और हाथों को और ऊपर की तरफ खींचें।
  • इसके बाद एड़ियों को जमीन पर रख दें।
  • अब हाथों को ऊपर उठाए हुए ही दाईं तरफ क्षमतानुसार घूम कर स्ट्रेच करें।
  • फिर इसी तरह बाईं तरफ क्षमतानुसार स्ट्रेच करें।
  • हर 3 घंटे के अंतराल पर ऐसा 2-3 बार कर लें, तो आपको कभी भी कमर और पीठ की समस्या नहीं होगी।

ऑफिस में इस आसन को करने के फायदे

अगर आप हस्तोत्तान आसन को ऑफिस में करते हैं, तो इससे एक फायदा तो ये है कि आपके अंगों में ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ जाता है, जो कि लगातार बैठने के कारण कम हो जाता है और दूसरा फायदा ये है कि आपकी आंखों को भी थोड़ा आराम मिलेगा। आजकल ऑफिस के ज्यादातर काम कंप्यूटर पर ही होते हैं। ऐसे में आंखों में लगातार पड़ने वाली स्क्रीन की रोशनी आपकी आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में स्क्रीन से नजर हाटकर ये योगासन करेंगे, तो इससे आंखों को भी फायदा मिलेगा।

इसे भी पढ़ें:- छुट्टी के दिन खुद को कैसे रखें फिट, जानें एक्‍सरपर्ट की राय

रिफ्रेश योग से रहें रिफ्रेश

यह योग ऑफिस में आराम से किया जा सकता है। रिफ्रेश योग अंग संचालन और प्राणायाम का हिस्सा है। इसे करने से दिमाग ठंडा व मन एकाग्रचित्त होता है। इसे करने के लिए आंख, जीभ, हाथ पैर की कलाइयों, कमर, गर्दन को दाएं-बाएं उपर-नीचे करते हुए गोल-गोल घुमाइए। इसी तरह पैरों के उंगलियों की भी एक्सइरसाइज कीजिए। कानों को मरोडें, पूरा मुंह खोलकर बंद करें। दाएं से बाएं और बाएं से कंधे को पकडकर दबाएं। इस क्रिया को 10-15 मिनट तक करें। इससे जोडों का दर्द, तनाव, सिरदर्द, गर्दन व कमर का दर्द, पीठ दर्द, आलस्य, कब्ज और गैस आदि में राहत मिलती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Exercise & Fitness In Hindi

Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 09, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK