स्किन पर चमेली का तेल लगाना क्यों है फायदेमंद? जानें इससे मिलने वाले लाभ

Updated at: Apr 03, 2021
स्किन पर चमेली का तेल लगाना क्यों है फायदेमंद? जानें इससे मिलने वाले लाभ

चमेली के तेल में बेहतरीन गुण होते हैं जो त्वचा को फायदा पहुंचाते हैं और समस्याओं को दूर करते हैं। जानें त्वचा पर चमेली का तेल लगाने के फायदे।

Kunal Mishra
त्‍वचा की देखभालWritten by: Kunal MishraPublished at: Apr 03, 2021

चमेली कई गुणों से भरपूर एक तरह का औषधिय पौधा है, जिससे सभी परिचित हैं। चमेली के पौधे में खिलने वाले फूलों को ही चलेमी का फूल कहा जाता है। यह फूल बहुत सुगंधित होता है। इसकी खुशबू मात्र से ही आपका मूड प्रोत्साहित हो सकता है। चमेली एक तरह की जड़ी बूटी भी है। आयुर्वेद में चमेली के बहुत से चमत्कारी फायदों के बारे में वर्णन किया गया है। चमेली से बुखार, दर्द, घाव, मोतियाबिंद, सूजन आदि का उपचार किया जाता है। चमेली से बनी दवाइयों का उपयोग कैंसर और लिवर के उपचार में भी किया जाता है। दर्द की दवाइयों में भी चमेली के गुण डाले जाते हैं। चमेली से तेल, औषधियां, इत्र आदि बनाएं जाते हैं। चमेली के स्वास्थ्य समंधित फायदों के साथ-साथ आध्यात्मिक फायदे भी होते हैं। ऐसा माना जाता है कि घर में चमेली का पौधा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती। खुशबू के साथ घर में सकारात्मकता भी फैलती है। चमेली के रस को पीने से भी शरीर में काफी लाभ होते हैं। वात से लेकर खांसी - कफ को भी चमेली हील करती है। यही नहीं चमेली का उपयोग एरोमाथेरेपी में भी किया जाता है। यह थेरेपी डिप्रेशन को ठीक करने के लिए की जाती है। चमेली का फूल एरोमाथेरेपी के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस लेख के माध्यम से जानिए स्किन पर चमेली का तेल लगाने के फायदों के बारे में।

अनिद्रा  (Insomnia)

अनिद्रा (Insomnia) नींद ना आने की बीमारी है। अनिद्रा में व्यक्ति को रात-रात भर नींद नहीं आती। इस कारण वह अन्य बीमारियों को न्योता दे बैठता है। अनिद्रा से स्ट्रेस, डिप्रेशन, थकान, कमजोरी, माइग्रेन, डार्क सर्कल्स आदि जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे में चमेली के तेल की कुछ बूंदे गले, छाती, बाल या नाक के पास लगाने से नींद की बीमारी का स्थायी रूप से इलाज होता है। ऐसा करने से चमेली कि सुगंध हमारे मन को शांत कर स्किन के अंदर तक अवशोषित हो जाती है। रात में चमेली का तेल लगाकर सोने से आराम और सुकून भरी नींद आती है। 

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खूबसूरत त्वचा  (Beautiful Skin)

चमेली का तेल एक प्रकार का प्राकृतिक स्किन मॉइश्चराइजर (Skin Moisturizer) है। चमेली का तेल लगाने से आपकी त्वचा बिलकुल मुलायम और मखमली रहती है। अगर आप चमेली का तेल अपनी स्किन पर लगते हैं तो आपको किसी और क्रीम या मॉइश्चराइजर की जरूरत नहीं पड़ेगी। चमेली का तेल स्किन को हाइड्रेट भी करता है। यह स्किन के अंदर तक जाता है और प्राकृतिक रूप से स्किन को हाइड्रेट करता है।

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प्रीमैच्योर एजिंग को रोकने में समर्थक  (Stops Premature Aging)

प्रीमैच्योर एजिंग (Premature Aging) उम्र से पहले ही बुढ़ापा आने को कहते हैं। इसके पीछे कई कारण होते हैं। सन एक्स्पोज़र (Sun Exposure) इसका एक प्रमुख कारण है। साथ ही त्वचा की देखभाल ना रखने से भी चेहरे पर झुर्रियां और त्वचा ढीली होने लगती है। ऐसे में त्वचा पर रोज़ाना चमेली का तेल लगाने से प्रीमैच्योर एजिंग को रोका जा सकता है। यह तेल लगाने से चेहरे की झुर्रियां, खिंचाव, रेखाएं धीरे-धीरे मिटने लगते हैं। इस तेल मै मौजूद पोषक तत्व त्वचा को हेल्दी और स्मूद बनाते हैं। अगर आप भी उम्र से पहले ही बुढ़ापे में ढल रहे हैं तो चमेली के तेल को ज़रूर अपनाएं। 

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एंटी पैरासाइट दवा  (Anti Parasitic Medicine)

चमेली का तेल एक एंटी पैरासाइट दवा के तौर पर भी काम करता है। इस तेल मै मौजूद बेंजाइल अल्कोहल (Benzyl Alcohol) बालों में पनपने वाली जुओं को जड़ से खत्म करता है। अगर आपके भी बालों में जुएं हैं तो  चमेली के तेल को स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। इससे तेल में मौजूद तत्व स्कैल्प को अंदर से हील करेगा और ना केवल जूओं को ही खत्म करेगा बल्कि डैंड्रफ की समस्या से भी आज़ाद कर देगा। साथ ही चमेली का तेल बालों के लिए बहुत हेल्दी होता है। इस तेल को लगाने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है। 

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चर्म रोग को ठीक करने में मददगार  (Prevents Skin Diseases)

चमेली के तेल को चर्म रोगों के लिए एक चमत्कारी औषधि माना जाता है। बहुत से मामलों में चर्म रोगियों को भी ठीक होते देखा गया है। चमेली का तेल लगाने से स्किन रैशेज़, दाग धब्बे, घाव के निशान आदि ठीक होते हैं। चमेली के तेल में मौजूद बैंजाइल बेंजोएट (Benzyl Benzoate) खुजली को ठीक करने में मददगार साबित होता है। अगर आप किसी भी प्रकार के चर्म रोग से परेशान हैं तो चमेली के तेल से प्रभावित जगह पर हल्के हाथ से मसाज करें। 

प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण  (Natural Antiseptic Properties)

चमेली का तेल एक तरह का एंटीसेप्टिक तेल भी माना जाता है। यह तेल स्किन पर बैक्टीरिया और फंगी को  पनपने से रोकता है। किसी भी तरह के घाव पर चमेली का तेल लगाने से वह घाव जल्दी भर जाता है। आयुर्वेदाचार्यों की सलाहनुसार लोग इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए भी यह तेल अंदरूनी तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यही नहीं चमेली के तेल की कुछ बूंदों की मसाज से महिलाओं में लेबर पेन भी कम हो जाता है। मासिक धर्म के समय दर्द को कम करने में भी चमेली का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है।

चमेली का तेल लगाने से आप लेख में दिए गए सभी फायदे उठा पाएंगे। इसे नियमित तौर पर लगाने से आपके बाल के साथ ही त्वचा भी खूबसूरत रहेगी। 

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