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    नैंपिंग के फायदे

    आफिस स्‍वास्‍थ्‍य By जया शुक्‍ला , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 24, 2011
    नैंपिंग के फायदे

    नींद के अलावा उंघना भी सेहत के लिए अच्‍छा होता है। क्‍या आप जानते हैं कि कुछ मिनट के लिए उंघने से आप तरोताज़ा महसूस करते हैं और यह बात वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध हो चुकी है। कुछ देर झपकियां लेने के बाद, आप पूरे दिन के लिए रीचार्ज भी हो सकेंगे।


    नैंपिंगनींद के अलावा उंघना भी सेहत के लिए अच्‍छा होता है। कुछ मिनट के लिए उंघने से आप तरोताज़ा महसूस करते हैं और यह बात वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध हो चुकी है। अपने जीवनकाल में हममें से बहुत से लोग रात को पूरी नींद नहीं लेते लेकिन दिन के समय में उंघने से उनकी नींद पूरी हो जाती है। अगर आप एक दिन ठीक प्रकार से ना सोएं, तो दूसरे दिन आप पर इसका असर दिखने लगेगा।

     

    नैप्स / उंघना :  साप्ताहिक या साप्ताहांत दोनों ही दिनों के लिए अच्छा होता है। उंघने के समय अपने कंम्यूटर पर सेव का बटन दबाएं और स्वयं में स्फूर्ति का संचार करें। इससे आप पूरे दिन के लिए रीचार्ज भी हो सकेंगे।



    नैपिंग/ उंघने का हम पर क्या प्रभाव पड़ता है:


    दिन के समय में तीन से चार घण्टे सोने से हमारा काम प्रभावित होता है। नासा में नींद के विशेषज्ञों ने नैप के प्रभावों पर शोध किया। दो पायलाट्स को आधे घण्टे से कम समय के लिए व्यवस्थित नैप दिया गया। इसका परिणाम बहुत ही आशावादी रहा और इससे नैप का महत्व भी सिद्ध हुआ।

     

    वास्तव में हम सभी ने महसूस किया होगा कि जैसे जैसे दिन निकलता जाता है हम सभी सुबह जितनी ताकत अनुभव नहीं करते और थोड़े मूडी भी होते जाते हैं। हम बहुत सी बातें भूलने भी लगते हैं।


    इसका क्या अर्थ है ?


    इसका अर्थ है कि दोबारा ताकत इकट्ठा करने के लिए हमारे शरीर को आराम की ज़रूरत होती है। यह आराम कितने समय का होना चाहिए।
    शोधों से ऐसा पता चला है कि थकान मिटाने के लिए दिन के समय 20 मिनट की नींद सुबह 20 मिनट की अतिरिक्त नींद से ज्‍यादा अच्छी  होती है। हमारा शरीर इस प्रकार से बना है कि हममें से अधिकतर लोग 8 घंटे जगने के बाद दोपहर के समय तक थक जाते हैं। आप 1 मिनट से कम से लेकर आधे घंटे तक उंघ सकते हैं। लेकिन वास्ताविक तौर पर 20 मिनट तक उंघना अच्छा होता है। नींद के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की झपकी से मांस पेशियों के बनने में और याद्दाश्त के मजबूत होने में सहायता मिलती है।



    झपकियां लेने के तरीके:



    अपने शरीर के संकेतों को देखें : यह संकेत कम ताकत ,चिड़चिडाहट या थकान के रूप में हो सकते हैं जिनसे कि आप थका थका महसूस कर रहे हों।

    झपकियां लेने का समय : झपकियां लेने का सबसे अच्छाक समय दोपहर का होता है क्यों कि सुबह के समय हम ताकत का अनुभव करते हैं लेकिन दोपहर तक हमारी ताकत क्षिण होने लग जाती है और हम जाने अनजाने झपकियां लेने लगते हैं।

    कितने समय के लिए : झपकियां लेने का अच्छा समय है 30 मिनट से कम। अगर आप इससे ज्यादा समय के लिए झपकियां लेते हैं तो आपका सर भारी हो सकता है।

    अपने वातावरण को नियंत्रित करें: अपने आपको आराम देने की कोशिश करें। ऐसा करने के लिए आप मास्कआ लगा सकते हैं या कुर्सी पर लेट सकते हैं। लेकिन कंबल में लेटे रहना आपको आलसी बना सकता है।

    एलार्म लगा लें : उंघते रहने के स्थिति को नींद में ना बदलने के लिए एलार्म लगाना ज़रूरी है। सबसे महत्वतपूर्ण बात यह है, कि झपकियां लेने का अर्थ यह नहीं है कि आप अपनी नींद में कटौती करें। सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आप पूरे 8 घंटे सोते हैं तो आप अगले दिन तरोताज़ा महसूस करेंगे।

     

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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