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काम के बीच छोटी-छोटी झपकियां (नैपिंग) क्यों है फायदेमंद, जानें कारण और नैपिंग का सही तरीका

Updated at: Oct 31, 2019
तन मन
Written by: पल्‍लवी कुमारीPublished at: Mar 24, 2011
काम के बीच छोटी-छोटी झपकियां (नैपिंग) क्यों है फायदेमंद, जानें कारण और नैपिंग का सही तरीका

क्‍या आप जानते हैं कि कुछ मिनट के लिए उंघने से आप तरोताज़ा महसूस करते हैं और यह बात वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध हो चुकी है। इसलिए अगर आप काम के बीच उंघ रहे हैं, तो थोड़े समय के लिए अपने कंम्यूटर पर सेव का बटन दबाएं और एक नींद की झपकी ले लें। इससे आ

रात की नींद पूरी करना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो आप पूरे दिन परेशान रह सकते हैं। आपका मन किसी काम में नहीं लगेगा और आप दिनभर सुस्त महसूस करेंगे। ऐसे में आप रात की बची हुई नींद को दिन में नींद की एक छोटी झपकी लेकर पूरी कर सकते हैं। दरअसल जब हम कार्य करते करते कुछ मिनटों के लिए ही झपकी लेते है, तो इससे हमारी मस्तिष्‍क को बड़ी राहत मिलती है । इससे थोड़े समय के लिए ही सही हमारा शरीर रिलैक्स हो जाता है, यूनिवर्सीटी ऑफ कैलिफॉर्निया के सैंडिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक रिसर्च के अनुसार एक छोटी सी झपकी आपकी क्रियाशीलता को बढ़ा सकती है। इस छोटी नींद की झपकी को लोग नैपिंग या उंघना भी कहते हैं। आइए हम आपको बताते हैं नैपिंग और शरीर पर इसके प्रभाव के बारे में।

Inside_napping benefits

नैपिंग क्या है?

इसका अर्थ है कि दोबारा ताकत इकट्ठा करने के लिए हमारे शरीर को आराम की ज़रूरत होती है। यह आराम कितने समय का होना चाहिए।शोधों से ऐसा पता चला है कि थकान मिटाने के लिए दिन के समय 20 मिनट की नींद सुबह 20 मिनट की अतिरिक्त नींद से ज्‍यादा अच्छी होती है। हमारा शरीर इस प्रकार से बना है कि हममें से अधिकतर लोग 8 घंटे जगने के बाद दोपहर के समय तक थक जाते हैं। आप 1 मिनट से कम से लेकर आधे घंटे तक उंघ सकते हैं। लेकिन वास्ताविक तौर पर 20 मिनट तक उंघना अच्छा होता है। नींद के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की झपकी से मांस पेशियों के बनने में और याद्दाश्त के मजबूत होने में सहायता मिलती है।

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नैपिंग/ उंघने का हम पर क्या प्रभाव पड़ता है-

दिन के समय में तीन से चार घण्टे सोने से हमारा काम प्रभावित होता है। नासा में नींद के विशेषज्ञों ने नैप के प्रभावों पर शोध किया। दो पायलाट्स को आधे घण्टे से कम समय के लिए व्यवस्थित नैप दिया गया। इसका परिणाम बहुत ही आशावादी रहा और इससे नैप का महत्व भी सिद्ध हुआ।वास्तव में हम सभी ने महसूस किया होगा कि जैसे जैसे दिन निकलता जाता है हम सभी सुबह जितनी ताकत अनुभव नहीं करते और थोड़े मूडी भी होते जाते हैं। हम बहुत सी बातें भूलने भी लगते हैं। ऐसे में नींद की एक छोटी सी झपकी हमारी थकी हुई आंखों और दिमाग को थोड़े देर के लिए आराम दे सकती है। छोटी सी नींद लेना जहां आपको मानसिक तनाव व थकावट से दूर रखता है वही ये आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी होता है। इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। व आपके इसका प्रभाव आपका स्‍वाथ्‍य पर भी पड़ता है।

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झपकियां लेने के तरीके:

  • अपने शरीर के संकेतों को देखें- यह संकेत कम ताकत ,चिड़चिडाहट या थकान के रूप में हो सकते हैं जिनसे कि आप थका थका महसूस कर रहे हों।
  • झपकियां लेने का समय- झपकियां लेने का सबसे अच्छाक समय दोपहर का होता है क्यों कि सुबह के समय हम ताकत का अनुभव करते हैं लेकिन दोपहर तक हमारी ताकत क्षिण होने लग जाती है और हम जाने अनजाने झपकियां लेने लगते हैं। 
  • कितने समय के लिए- झपकियां लेने का अच्छा समय है 30 मिनट से कम। अगर आप इससे ज्यादा समय के लिए झपकियां लेते हैं तो आपका सर भारी हो सकता है। 
  • अपने वातावरण को नियंत्रित करें- अपने आपको आराम देने की कोशिश करें। ऐसा करने के लिए आप मास्कआ लगा सकते हैं या कुर्सी पर लेट सकते हैं। लेकिन कंबल में लेटे रहना आपको आलसी बना सकता है। 
  • एलार्म लगा लें- उंघते रहने के स्थिति को नींद में ना बदलने के लिए एलार्म लगाना ज़रूरी है। सबसे महत्वतपूर्ण बात यह है, कि झपकियां लेने का अर्थ यह नहीं है कि आप अपनी नींद में कटौती करें। सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आप पूरे 8 घंटे सोते हैं तो आप अगले दिन तरोताज़ा महसूस करेंगे।

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