मोटापा घटा सकता है जीवन के 13 साल

मोटापा घटा सकता है जीवन के 13 साल

फास्ट और जंक फूड के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे लोगों ने अपने पसंदीदा इन खानों से परहेज नहीं किया तो वे जरूरत से ज्यादा मोटे हो जाएंगे।

फास्ट और जंक फूड के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे लोगों ने अपने पसंदीदा इन खानों से परहेज नहीं किया तो वे जरूरत से ज्यादा मोटे हो जाएंगे। फिर इस कारण उनकी जिंदगी के 13 साल भी कम हो जाएंगे।

motapa ghata sakta hai jeevan ke 13 saal

ब्रिटिश अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। उनका कहना है कि अधिक मोटापा धूम्रपान से कहीं ज्यादा खतरनाक है और इसका प्रतिकूल असर जिंदगी के दिन को काफी हद तक कम कर देता है।

अध्ययनकर्ता डेविड किंग ने कहा हमें यह धारणा मन से निकालनी होगी कि शारीरिक श्रम न करने पर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा मोटा हो जाता है। हम उपभोक्तावादी समाज में रहते हैं जहां भोजन को प्राथमिकता दी जाती है।

अगर गलत खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी पर जल्दी ब्रेक नहीं लगाया गया तो यह आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। जंक फूड के अत्यधिक सेवन का नतीजा है मोटापा और मोटपा कई बीमारियों का कारण भी है। बेहद चिंता की बात यह है कि स्कूली बच्चों में मोटापा महामारी का रूप लेने लगा है।

पिज्जा, बर्गर और कोला का ज्यादा इस्तेमाल करने व लाइफस्टाइल में आए बदलाव की वजह से लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इससे डायबीटीज, स्ट्रोक, दिल की बीमारियां, जोड़ों का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर और पथरी जैसी बीमारियां बढ़ रही है। मोटापा मापने के लिए बॉडी मास इंडैक्स का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में अगर किसी का इंडैक्स नंबर 23 है तो उसे स्वस्थ माना जाता है। इंडैक्स नंबर 25-27 के बीच होने पर उसे ओवरवेट माना जाता है। 28 से ज्यादा होने पर मोटापा बीमारी का रूप ले लेता है। अगर माता या पिता में से कोई एक मोटापे का शिकार होता है तो उनके बच्चे के मोटा होने की संभावना 40 फीसदी तक बढ़ जाती है। अगर दोनों मोटे हैं तो संभावना 80 फीसदी हो जाती है।

किंग के अनुसार, शरीर का आयतन भोजन के हिसाब से घटता-बढ़ता रहता है। फास्ट और जंक फूड में आवश्कता से अधिक वसा होती है। जो शारीरिक श्रम के बावजूद भी पूरी तरह से खर्च नहीं होती है। ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार किंग और ढाई सौ वैज्ञानिकों के उनके दल का यह अध्ययन बुधवार को फोरसाइट पत्रिका में छपा है। अध्ययन में कहा गया है कि जरूरत से ज्यादा मोटे लोगों का बाडी मास इंडेक्स अगर 30 है तो इसका मतलब उनके जीवन के नौ साल कम होना तय है। अगर बीएमआई 45 से अधिक है तो व्यक्ति के जीवन के 13 साल घट सकते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि अधिक मोटापा मधुमेह, दिल की बीमारी, कैंसर और अन्य कई बीमारियों का कारण होता है।

 

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