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किडनी की कार्यक्षमता पर भी असर डालता है मोटापा

वज़न प्रबंधन By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 08, 2011
किडनी की कार्यक्षमता पर भी असर डालता है मोटापा

मोटापा के साथ अब एक नई बीमारी का खतरा जुड़ गया है। मोटापा टाइप टू डायबिटीज का बड़ा कारण है। इस बीमारी के शिकार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

मोटापा कई बीमारियों का कारण भी बनता है, यह अपने साथ कई बीमारियां भी लाता है। वजन अधिक होने का असर किड्नी पर भी पड़ता है। कुछ मामलों में किड्नी फेल्‍योर का कारण मोटापे को बताया गया है। मधुमेह, डिप्रेशन, ब्‍लड प्रेशर आदि कई खतरनाक बीमारियों के लिए यह जिम्‍मेदार है। लेकिन इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। यह कई शोधों में साबित भी हुआ है कि मोटापे का किड्नी पर पड़ता है। आइए हम आपको इसके बारे में विस्‍तार से जानकारी देते हैं।

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क्‍या कहता है शोध

मोटापा के साथ अब एक नई बीमारी का खतरा जुड़ गया है। मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का बड़ा कारण है। इस बीमारी के शिकार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिंता की बात यह है कि ऐसे लोगों को किडनी संबंधी परेशानी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक शोध से पता चला है कि टाइप 2 डायबिटीज के शिकार बच्चों और किशोरों के मरीजों की किडनी खराब होने की आशंका पांच गुना ज्यादा हो जाती है।

शोध रिपोर्ट तैयार करने वाले डाक्टर राबर्ट कहते हैं, डायबिटीज जितना पुराना होगा, किडनी खराब होने का खतरा भी उतना ही ज्यादा होगा। वह उदाहरण देकर समझाते हैं कि एक व्यक्ति की उम्र 15 साल है और उसे 10 साल से टाइप टू डायबिटीज है। दूसरी ओर, एक व्यक्ति 55 साल का है और उसे 10 साल से टाइप टू डायबिटीज है। ऐसे में दोनों की किडनी खराब होने का खतरा बराबर रहेगा।

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मोटापे के कारण अन्‍य समस्‍यायें

  • मोटापे के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के होने का भी खतरा होता है। स्तन कैंसर, कमर का कैंसर या आंतो के कैंसर की सबसे बड़ी वजह मोटापा होता है। हाल ही में हुए शोधों में पता चला है कि मोटापे से गर्भाशय का कैंसर भी हो सकता है।
  • मोटापे की वजह से आप डायबटीज के शिकार हो सकते हैं, क्योंकि जब आप ज्यादा खाने में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा लेने लगते हैं तो मोटपे का शिकार हो जाते हैं। इस वजह से आपको मधुमेह होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • मोटापे से हृदय रोग का खतरा दोगुना हो जाता है। क्योंकि वजन बढ़ने से आपका हृदय शरीर के बाकी हिस्सों में सही ढंग से रक्‍त की आपूर्ति नहीं कर पाता है। जिससे दिल का दौरा होने की संभावना होती है। मोटापे की वजह से हृदय की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ने पर फैल जाती हैं जो कि खतरनाक है आपके हृदय के लिए।
  • हार्निया और आंतों की समस्‍या मोटापे के कारण हो सकती है। मोटापे के चलते आपका डायफ्राम कमज़ोर हो जाता है या उसका आकार बढ़ जाता है, जिससे आप हार्निया के शिकार हो जाते हैं।
  • मोटापे के कारण लोग डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। लोगों की सोच नकारात्मक हो जाती है। हर समय दुखी रहते हैं। कभी-कभी तो लोग खुदकुशी की भी कोशिश करते हैं।
  • मोटापे के कारण आपके शरीर का वजन इतना बढ़ जाता है कि वो आपके पैरों के लिए खतरा बन जाता है। मोटापे में ज्यादातर लोग जोड़ों के दर्द का शिकार हो जाते हैं। उन्हें जोड़ों में उठते बैठते वक्त असहनीय दर्द झेलना पड़ता है।
  • जोड़ों में दर्द का कारण भी मोटापा हो सकता है। वजन अधिक होने का असर शरीर की हड्डियों पर पड़ता है जिसके कारण जोड़ों में दर्द की समस्‍या हो सकती है।

 

बीएमआई से अधिक वजन होना अपने आप में एक समस्‍या की तरह है। इसलिए बढ़ते वजन को काबू करना चाहिए और यदि वजन बढ़ गया है तो उसे कम करने के लिए प्रयास करना चाहिए।


Image Source : Getty

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