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अल्जाइमर में दवा से भी बढ़कर है चुकंदर, जानें कैसे करना है सेवन

घरेलू नुस्‍ख By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 23, 2018
अल्जाइमर में दवा से भी बढ़कर है चुकंदर, जानें कैसे करना है सेवन

अल्जाइमर यानि कि खोना बढ़ती उम्र की एक आम समस्या है। इस बीमारी में व्यक्ति अपनी सोचने समझने की शक्ति धीरे धीरे खोने लगता है।

अल्जाइमर यानि कि खोना बढ़ती उम्र की एक आम समस्या है। इस बीमारी में व्यक्ति अपनी सोचने समझने की शक्ति धीरे धीरे खोने लगता है। सबसे बड़ी बात यह है कि मरीज को कभी इस चीज का आभास ही नहीं होता कि वह इस रोग की चपेट में आ चुका है। वह अपनी भूलने की प्रवृत्ति को सामान्य समझता है। जबकि रोगी के आसपास वाले या फिर घर के सदस्यों को इस बीमारी का पहले पता चलता है। डॉक्टर्स की मानें तो ये रोग 60 साल की उम्र के बाद शुरू होता है। लेकिन आजकल के बिगड़ते लाइफस्टाइल में इस चीज को दावे के साथ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि बढ़ते फास्ट फूड के सेवन और खराब लाइफस्टाइल का नतीजा यह है कि आजकल युवा भी इस रोग के शिकार हो रहे हैं। आज हम आपको अल्जाइमर के लक्षण और इसके लिए चुकंदर खाने के फायदे बता रहे हैं।

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अलजाइमर के लक्षण

  • खुद ही चीजों को रखकर भूलना
  • एक ही बात को बार बार दोहराना
  • खुद से बात करना
  • जानी पहचानी जगहों या अपने ही घर में खो जाना
  • रोजाना के आसान कामों को करने में भी दिक्कत महसूस होना
  • देर रात को निकल कर घूमना
  • बात करते वक्त सामने वाले व्यक्ति को घूरना
  • काम ना करने पर भी ऐसा लगना कि वह काम हमने कर दिया है
  • छोटी छोटी बातों पर चौंक जाना, आदि

अल्जाइमर में चुकंदर

  • चुकंदर में पाया जाने वाला एक तत्व अल्जाइमर रोकने में मदद कर सकता है। इसी तत्व की वजह से चुकंदर का रंग लाल होता है। इससे अल्जाइमर बीमारी की दवा विकसित की जा सकती है। 
  • चुकंदर के रस में बीटानिन तत्व पाया जाता है, जो दिमाग में मिसफोल्डेड प्रोटीन के संचय को धीमा कर सकता है। मिसफोल्डेड प्रोटीन का संचय अल्जाइमर बीमारी में से जुड़ा होता है।
  • बीटानिन दिमाग में कुछ रासायनिक क्रियाओं के लिए एक अवरोधक का काम करता है, जो अल्जाइमर बीमारी के होने में शामिल होते हैं।
  • बीटा-एमालॉएड एक चिपचिपा प्रोटीन का टुकड़ा या पेप्टाइड होता है, जो कि दिमाग में जमा होता है। यह दिमाग की कोशिकाओं के संचार में बाधा डालता है। इन दिमाग की कोशिकाओं को न्यूरान्स कहते हैं।
  • सबसे ज्यादा नुकसान तब होता है, जब बीटा-एमालॉएड खुद को धातुओं जैसे लोहा या तांबे से जोड़ लेता है। इन धातुओं से बीटा-एमालॉएड पेप्टाइड एक समूह में बंध जाते हैं, जिससे सूजन व ऑक्सीकरण बढ़ सकता है।

चुकंदर खाने के अन्य फायदे

  • अगर आपका शरीर जल्दी थक जाता है तो चुकंदर आपके लिए फायदेमंद है। इसका जूस आप में ताजगी और स्फू्र्ति भरता है और इसके नियमित सेवन से धीरे-धीरे कमजोरी और थकान की समस्या खत्म हो जाती है और शरीर पूरे दिन ऊर्जावान बना रहता है।
  • एनीमिया शरीर में खून की कमी से होता है। चुकंदर के जूस में वो सभी खनिज तत्व और विटामिन्स होते हैं जो खून में हीमोग्लोबिन को बढ़ाते हैं और खून को गाढ़ा करते हैं। इससे शरीर में नया खून बनता है इसलिए खून की कमी भी दूर होती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर में भी चुकंदर काफी राहत देता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है तो चुकंदर का नियमित सेवन धीरे-धीरे इसे नार्मल कर देता है। इसके लिए चुकंदर का जूस बनाकर पीना चाहिए। लेकिन बल्ड प्रेशर की परेशानी में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
  • मासिक धर्म की अनियमितता जैसी परेशानियों से ज्यादातर महिलाओं का सामना होता है। कई बार इस दौरान महिलाओं के शरीर से काफी मात्रा में खून निकल जाता है। इसलिए चुकंदर इस  कमी को भी पूरा करता है और मासिक धर्म की अनियमितता को भी ठीक करता है। 
  • चुकंदर का नियमित सेवन आपके शरीर में कैल्शियम की मात्रा को कम नहीं होने देता और हड्डियों से जुड़े तमाम रोगों से आपको बचाता है। चुकंदर में कैल्शियम के अलावा कई अन्य जरूरी तत्व होते हैं। ये जोड़ों के दर्द में भी फायदेमंद है।

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