Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

नई दवा से होगा गंजेपन का उपचार

लेटेस्ट By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 28, 2015
नई दवा से होगा गंजेपन का उपचार

गंजेपन के शिकार लोगों के लिए यह नई दवा एक उम्‍मीद की किरण है, इस स्‍वास्‍थ्‍य समाचार में पढ़ें कि गंजेपन के उपचार में यह दवा कितनी कारगर है।

वर्तमान में प्रदूषण और खानपान में अनियमितता के कारण बाल झड़ने की समस्‍या आम हो गई है, इसके कारण लोग समय से पहले गंजेपन का शिकार हो जाते हैं। लेकिन अब गंजेपन की समस्‍या से ग्रस्‍त लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा ईजाद की है जिससे फिर से बाल उग जायेंगे।

अमेरिका के कोलबिंया में वैज्ञानिकों ने गंजेपन के उपचार के लिए एक ऐसी नई दवा की खोज की है, जिसके सहारे बाल उगाने की प्रक्रिया चूहों पर आजमाई गई और वो सफल रही है। इस प्रकिया में बस 5 दिन का ट्रीटमेंट देने के बाद 10 दिन में बालों का बढ़ना शुरू हो जायेगा।

Baldness in Hindi

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मेडिकल सेंटर में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा खोजी है जिससे अब गंजेपन का दंश झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी। यानी अब इस दवा के जरिये उनके सिर पर भी आसानी से बाल उग सकेंगे। वैज्ञानिकों ने चूहों पर इसका सफल प्रयोग भी किया है।

इस संबंध में वैज्ञानिक डॉक्‍टर एंजेला एम क्रिस्‍टियानो का कहना है कि इस दवा का अविष्‍कार करने के लिए उन्‍होंने चूहों का इस्‍तेमाल किया। उनका कहना है चूहों पर किए सफल परीक्षण से यह साफ हो गया है कि यह मनुष्‍यों पर भी सफल हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले दो चूहों के शरीर पर यह दवा उस जगह लगाई गई। जिसमें एक चूहा जिसके बाल थे और एक जिसके बाल नहीं। इसके बाद करीब 3 सप्‍ताह बाद इन चूहों में परिणाम साफ दिखने लगे।

वैज्ञानिक क्रिस्‍टियानो का कहना है यह दवा बालों के ग्रोथ प्रॉसेस को बढ़ाने में कारगर साबित हुई। तीन सप्‍ताह के बाद यह देखा गया कि जिस चूहे पर परीक्षण किया गया था, उसके बाल पूरी तरह से उग आये थे। मनुष्‍यों में यह दवा 5 दिन लगाने के बाद 10 दिन में बालों का विकास होने लगेगा। इससे गंजपन के शिकार लोगों में अब आशा की एक नई किरण जगी है।

 

Image Source - Getty

Read More Health News in Hindi

Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 28, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK