घुटने के पिछले हिस्से में गांठ (बेकर्स सिस्ट) होने पर इन 5 आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

बेकर्स सिस्ट यानि घुटनों के पीछे गांठ का आयुर्वेदिक तरीकों से इलाज संभव है। चलिए जानते हैं इस बारे में-

Kishori Mishra
आयुर्वेदWritten by: Kishori MishraPublished at: Jun 21, 2021
Updated at: Jun 21, 2021
घुटने के पिछले हिस्से में गांठ (बेकर्स सिस्ट) होने पर इन 5 आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

बेकर्स सिस्ट एक ऐसी समस्या है, जिसमें घुटनों के पीछे द्रव से भरी एक नरम गांठ बन जाती है। इस समस्या को कुछ लोग खून का थक्का समझकर इग्नोर कर देते हैं। यह समस्या आमतौर पर चोट लगने की वजह से होता है। इस स्थिति में अगर घुटनों के आसपास किसी तरह की गहरी चोट लगती है, तो इसमें अधिक मात्रा में द्रव बनने लगता है। इसके अलावा बेकर्स सिस्ट हड्डियों से जुड़ी कई अन्य बीमारियों की वजह से भी हो सकता है। जैसे- गठिया,  यूरिक एसिड बढ़ना इत्यादि। इस बारे में नोएडा के मानस हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सचिन भामू का कहना है कि घुटनों के पीछे द्रव से भरी गांठ को बेकर्स सिस्ट कहा जाता है। इसका इलाज इसकी अंदरुनी समस्याओं को कम करके किया जा सकता है। यह लंबे समय तक रहने वाली समस्या नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसकी वजह से आपको गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे - गांठ फट जाने पर अंदरुनी रूप से द्रव टांग के निचले हिस्से में बहने लगता है, जिसकी वजह से टखने पर असर पड़ता है। सचिन भामू का कहना है कि यह गंभीर परिस्थिति नहीं है। इसका इलाज संभव है। आयुर्वेद में भी घुटनों के पीछे होने वाले गांठ का इलाज है। आज हम आपको इस लेख के जरिए आयुर्वेद तरीकों से बेकर्स सिस्ट को कम करने के उपया बताने जा रहे हैं। गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी से जानेंगे इस बारे में, इससे पहले इस समस्या के कारणों और लक्षणों के बारे में जानना है जरूरी। चलिए जानते हैं इस बारे में-

बेकर्स सिस्ट के लक्षण (Symptoms of Baker's Cyst)

डॉक्टर का कहना है कि इस समस्या की वजह से कुछ लोगों को किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है। कुछ स्थितियों में तो लोगों को गांठ तक का अनुभव नहीं होता है। इसके लक्षण व्यक्ति के खड़े होने पर दिखाई देता है। जब व्यक्ति खड़ा होता है, जो उसके दोनों घुटनों के पीछे गांठ या सूजन दिखाई देती है। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण दिखते हैं। जैसे-

  • पिंडली में आसपास दर्द होना।
  • घुटनों के पास द्रव का जमा होना।
  • घुटनों में दर्द होना।
  • खड़े होने पर घुटनों के जोड़ों से असामान्य आवाज आना।

अगर आपको घुटनों के पीछे किसी तरह का दर्द या फिर सूजन महसूस हो, तो अपने आस के हड्डी विशेषज्ञ से इसका इलाज कराएं। डॉक्टर का कहना है कि घुटनों के पीछे किसी भी तरह का दर्द बेकर्स सिस्ट हो सकता है।

बेकर्स सिस्ट के कारण (Causes of Baker's Cyst)

डॉक्टर सचिन भामू का कहना है कि हमारे घुटनों की जोड़ में साइनोवियल फ्लूड (Synovial Fluid) होता है। यह फ्लूड जोड़ों में चिकनाई बनाए रखने का कार्य करता है। इससे हमारी टांगें आसानी से हिल-ढुल सकती हैं। लेकिन जब कुछ विशेष परिस्थितियों की वजह से जोड़ों के बीच में फ्लूड की मात्रा ज्यादा होती है, तो यह धीरे-धीरे गांठ बनाने लगता है। इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं। जैसे-

अगर आपको गठिया की समस्या है, तो आपके घुटनों पर गांठ होने का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक है। 

खेलने-कूदने के दौरान चोट लगने की वजह से या फिर किसी अन्य दुर्घटना के कारण घुटनों पर चोट लगने की वजह से आपको यह समस्या हो सकती है।

घुटनों पर जब ज्यादा दबाव पढ़ने लगता है, तो यह द्रव घुटनों के पिछले हिस्से में एकत्रित होने लगता है। इसकी वजह से पीछे गांठ बन जाती है।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण भी कुछ लोगों में बेकर्स सिस्ट की समस्या देखी गई है। 

बेकर्स सिस्ट का आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic Treatment of Baker's Cyst)

आयुर्वेदिक तरीकों से आप बेकर्स सिस्ट का इलाज कर सकते हैं। इस बारे में गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि घुटनों के पीछे होने वाले गांठ का इलाज आयुर्वेदिक तरीकों से भी किया जा सकता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में-

1. कचनार काढ़ा

आयुर्वेदाचार्य राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि कचनार की पेड़ का छाल आपके शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के गांठ को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए 500 ग्राम पानी में। करीब 12 से 15 ग्राम कचनार की छाल मिलाएं। अब इस पानी को अच्छे स उबालें। जब पानी आधे से भी कम हो जाए, तो इसे ठंडा करके पिएं। इससे गांठ और सूजन की समस्या दूर हो सकती है।

2. प्रभाल पिष्टी मिश्रण

अगर आपके घुटनों के पीछे गांठ है, तो आयुर्वेदिक तरीकों से तैयार यह पाउडर गांठ की समस्या को दूर करने में असरकारी होगा। इसके लिए 1 बर्तन में 10 ग्राम प्रभाल पिष्टी पाउडर, 4 ग्राम शिला सिंदूर, और गिलोय का 10 ग्राम पाउडर लें। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें। इसके बाद इसकी करीब 7 पुड़ियां तैयार करें। अब इस पुड़िया का सेवन सुबह-शाम गर्म पानी के साथ करें। इससे घुटनों में होने वाले गांठ से राहत पा सकेंगे।

3. हल्दी चूने का लेप

0बेकर्स सिस्ट में वैसे तो ज्यादा दर्द नहीं होता है। लेकिन अगर कुछ परिस्थितियों की वजह से आपके घुटनों के गांठ पर ज्यादा दर्द हो, तो हल्दी और चूने का लेप आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए 1 चम्मच हल्ली और 1 चम्मच चूना पाउडर को सरसों तेल में मिला लें। अब इस हल्का सा गर्म करके प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे गांठ में होने वाले दर्द से राहत पा सकेंगे।

4. एलोवेरा लेप

घुटनों के पीछे गांठ में होने वाले दर्द राहत पाने के लिए आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए 1 से 2 चम्मच एलोवेरा का गूदा लें। इसमें 1 चुटकी हल्दी मिलाएं। अब इस जेल को हल्का सा गर्म करें। अब इसे अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं और किसी कपड़े से उसे बांध दें। ऐसा करने से घुटनों के दर्द और सूजन से राहत मिल सकेगा।

5. सरसों के तेल से मालिश

अगर आपके घुटनों के पीछे गांठ हो गया है, तो इस गांठ को कम करने के लिए आप गर्म सरसों तेल से मालिश कर सकते हैं। इससे गांठ की समस्या से राहत पाया जा सकता है। इसके अलावा सूजन और दर्द को भी कम किया जा सकता है।

अन्य उपाय

अन्य उपाय में मरीजों के प्रभावित हिस्से पर सिंकाई या फिर हल्की पट्टी की जाती है। साथ ही कुछ समय के लिए मरीजों को बैसाखी का इस्तेमाल करने के लिए कहा जाता है, जिससे बेकर्स सिस्ट पर ज्यादा दबाव न पड़े। इसके अलावा डॉक्टर कुछ स्ट्रेचिंग करने की सलाह दे सकते हैं। 

घुटनों में गांठ होने से कैसे करें बचाव (Prevention of Baker's Cyst)

अपने घुटनों में चोट न लगने दें। 

  • सही साइज के जूते पहनें।
  • शारीरिक गतिविधि करें।
  • अपने शरीर को स्थिर न रखें।
  • अगर घुटने में गंभीर चोट आई है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बेकर्स सिस्ट की जटिलताएं (Complication of Baker's Cyst)

डॉक्टर का कहना है कि इस समस्या में आमतौर पर कोई जटिलताएं सामने नहीं आती हैं। हालांकि, कुछ दुर्लभ स्थिति में आपको कुछ परेशानियां हो सकती हैं। 

  • घुटनों में तेज दर्द
  • घुटनों के नीचे टांग का हिस्सा लाल होना।
  • घुटनों में सूजन
  • चलने में परेशानी

ये सभी लक्षण आपको नजर आ सकते हैं। 

ध्यान रखें कि बेकर्स सिस्ट गंभीर समस्या नहीं है। इसका इलाज संभव है। लेकिन अपनी इस समस्या को छोटा समझकर इसे इग्नोर न करेँ। क्योंकि कभी-कभी यह छोटी स्थिति ही गंभीर हो सकती है। 

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