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हेल्‍दी रहना है तो छोड़ें ये बुरी आदतें

तन मन By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 16, 2015
हेल्‍दी रहना है तो छोड़ें ये बुरी आदतें

सिर्फ नियमित व्यायाम और संयमित खानपान से ही स्वस्थ नहीं रहा जा सकता। सुबह जागने से रात में सोने तक कई ऐसी आदतें होती हैं, जिससे बीमारी होने का खतरा रहता है। कुछ सावधानियां बरत कर बीमारियों को दावत देने से रोका जा सकता है।

सिर्फ नियमित व्यायाम और संयमित खानपान से ही स्वस्थ नहीं रहा जा सकता। सुबह जागने से रात में सोने तक कई ऐसी आदतें होती हैं, जिससे बीमारी होने का खतरा रहता है।  लेकिन हम इन आदतों से होने वाले नुकसान से अनजान होते हैं इसलिए कभी इसे छोड़ने के बारे में सोचते भी नहीं है। नाखून चबाना, देर रात जगना और इमोशनल इटिंग आदि इन्हीं आदतों में से एक है। आइए जानें सेहत से जुड़ी किन आदतों को तुरंत छोड़ देना ही बेहतर है।

नाखून चबाना

कई लोगों को नाखून चबाने की आदत होती है। ऐसे लोग अपने नाखून इसलिए नहीं काटते, क्योंकि वो सोचते हैं कि नाखून हाथों को अच्छा लुक देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि उन्हें नाखून चबाने की आदत होती है। इससे वो न सिर्फ अपने नाखूनों को हमेशा के लिए खराब कर लेते हैं, बल्कि और भी कई तरह की परेशानियां पैदा करते हैं। नाखूनों को चबाने से जमा मैल पेट में जाता है जिससे पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
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धूम्रपान करना

यह गंदी आदत महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही देखने को मिलती है। सिगरेट पीने से कैंसर और नपुंसकता तो होती ही है पर साथ में यह मुंह के आस-पास झुर्रियां भी पैदा करता है। तो यदि आपको बिना पैसे खर्च किये सुंदर दिखना है तो धूम्रपान छोड़ दीजिये।

स्पंज का इस्तेमाल

खाना खाने के बाद डाइनिंग टेबल और बर्तनों को साफ करने के लिए स्पंज का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल करने के बाद लोग इसे धोकर रखना जरूरी नहीं समझते। इस कारण इसमें बैक्टीरिया जम जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक स्पंज को हमेशा ब्लीच और पानी के मिश्रण में भिगोकर इस्तेमाल करें। स्पंज का इस्तेमाल करने के बाद उसे सुखाना न भूलें। सुखाने से बैक्टीरिया को पनपने का मौका नहीं मिलता।टीवी देखते हुए कुछ न कुछ खाने की आदत सही नहीं हैं। इस दौरान जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं। इससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
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तकिया और गद्दे

विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति से प्रतिदिन औसतन प्रति घंटे 15 लाख त्वचा की कोशिकाएं और करीब एक लीटर पसीना निकलता है। यह कोशिकाएं तकिए और गद्दे में जम जाती हैं। इसके अलावा धूल मिट्टी, पालतु पशुओं के बाल, रूसी आदि के कारण तकिये और गद्दे पर कीटाणु पैर पसारने लगते हैं। इसके लिए तकिए के साथ-साथ गद्दों पर भी कवर चढ़ाएं। इन्हें हफ्ते में एक बार गर्म पानी में भिगोने के बाद धोएं।
मौसम अच्छा होने पर सभी लोगों को खिड़की खोलना भाता है, लेकिन इससे एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए सारी आदतों को एक साथ बदलने का प्रयास न करें। एक-एक करके आदतों को बदला जा सकता है। सभी आदतों को एक समय में बदलने की कोशिश में सफलता नहीं मिलती और ऐसा व्यक्ति निराश हो सकता है।

Image Source- Getty

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