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सोते समय शिशु को आता है ज्यादा पसीना, तो हो सकते हैं ये 5 कारण

नवजात की देखभाल By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 26, 2019
सोते समय शिशु को आता है ज्यादा पसीना, तो हो सकते हैं ये 5 कारण

शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को शरीर से बाहर निकालने के लिए हमारे शरीर में कई तरह की क्रियाएं होती हैं। मल, मूत्र और पसीना आदि के द्वारा यही टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। छोटे शिशुओं के सिर और शरीर से ज्यादा पसीना निकलना सामन्य नहीं है।

कई बार छोटे शिशुओं के शरीर, खासकर हथेलियों और तलवों से सामान्य से ज्यादा पसीना निकलता है। बच्चों के सिर में पसीना आना कई गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है। शरीर से पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है। शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को शरीर से बाहर निकालने के लिए हमारे शरीर में कई तरह की क्रियाएं होती हैं। मल, मूत्र और पसीना आदि के द्वारा यही टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। छोटे शिशुओं के सिर और शरीर से ज्यादा पसीना निकलना सामन्य नहीं है। अगर आप इस समस्या को गर्मी या तापमान का असर समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, तो ये खतरनाक हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कि किन समस्याओं का संकेत हो सकता है शिशु के शरीर से ज्यादा पसीना आना।

हथेलियों और तलवों से पसीना सामान्य नहीं

गर्मी की मौसम में शरीर और सिर से पसीना निकलना सामान्य है। मगर यदि आपके शिशु की हथेलियों और तलवों से पसीना निकल रहा है, तो ये किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर ऐसा होता है, तो आप सबसे पहले शिशु को जगाएं, ताकि वह रोने लगे। इसके बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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सांस की समस्या

कई बार छोटे शिशुओं को नींद में सांस की बीमारी हो जाती है, जिसके कारण सोते हुए कुछ सेकंड के लिए उनकी सांस रुक जाती है। ऐसे में सांस लेने के प्रयास में शिशु के शरीर और तलवों से ज्यादा पसीना आने लगता है। ऐसा दिखते ही सबसे पहले शिशु को झकझोरकर जगाना चाहिए, ताकि वह रोने लगे। रोते समय शिशु ज्यादा तेजी से सांस खींचते हैं इसलिए उनके शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाती है। अगर सोते समय शिशु घरघराहट के साथ सांस लेता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। रात में बिना किसी की देखरेख में ऐसी स्थिति कई बार जानलेवा भी हो सकती है।

बुखार के कारण

बुखार आने पर भी शरीर से ज्यादा मात्रा में पसीना आने लगता है। इसका कारण यह है कि बुखार में शरीर का तापमान ज्यादा हो जाता है इसलिए शरीर तापमान के संतुलन के लिए पसीना निकालने लगता है। अगर शिशु को पसीना आ रहा है, तो सबसे पहले उसका बुखार जांचें। इसके लिए घर में ही एक थर्मामीटर जरूर रखें। छोटे शिशुओं को अक्सर बुखार की समस्या होती रहती है इसलिए घर में थर्मामीटर होना जरूरी है।

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दिल की बीमारी

कई बार शिशु जन्म से ही दिल की बीमारी का शिकार होता है। दिल में छेद होना, अनियमित धड़कन होना या अनुवांशिक हृदय रोगों के कारण भी शिशु को सामान्य से ज्यादा पसीना आता है। अगर पसीना आने के साथ-साथ शिशु की त्वचा का रंग बदलने लगा है या उसकी सांस रुकने लगी है, तो सबसे पहले उसे सीपीआर दें। इसके बाद जल्द से जल्द नजदीकी अस्पलात में उसे चिकित्सक को दिखाएं।

हाइपरहाइड्रोसिस

कई बार हाइपरहाइड्रोसिस के कारण भी शिशु के शरीर से सामान्य से ज्यादा पसीना आता है। हाइपरहाइड्रोसिस कोई बड़ी समस्या नहीं है इसलिए इसकी आशंका होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। फिर भी जब भी आपको पहली बार शिशु के शरीर से ज्यादा पसीना निकलता हुआ दिखे, आप चिकित्सक को जरूर दिखाएं क्योंकि ये ऊपर बताई गई अन्य समस्याओं का भी संकेत हो सकता है। अगर डॉक्टर शिशु को हाइपरहाइड्रोसिस होने के बारे में बताते हैं, तो उनसे इसे कम करने का उपाय पूछें।

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