पायरिया के लक्षण हैं मसूड़ों में सूजन, खून आना और मुंह की दुर्गंध- जानिए इसके आयुर्वेदिक उपचार

Updated at: Jun 01, 2020
पायरिया के लक्षण हैं मसूड़ों में सूजन, खून आना और मुंह की दुर्गंध- जानिए इसके आयुर्वेदिक उपचार

Ayurvedic Treatment Of Pyorrhea: दांतों और मसूड़ों की समस्‍याओं को कभी भी अनदेखा न करें। क्‍योंकि ये कई गंभीर रोगों का कारण बन सकते हैं।

Atul Modi
आयुर्वेदWritten by: Atul ModiPublished at: Jun 01, 2020

Natural Remedies for Receding Gums: हेल्‍दी दांत और मसूड़े आपके सेहतमंद होने का संकेत है। इसलिए दांतों को स्वथ्य रखना अति आवश्यक हैं। दांतो में साफ सफाई न होना, मैदा, चीनी या दवाओं का अधिक सेवन, पायरिया (Pyorrhea) रोग को जन्म देते है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पायरिया 18 से 35 उम्र के लोगो में पाया जाता है। मनुष्य के मुंह में 700 किस्म के बैक्टीरिया होते है जो कि वक्त के साथ बढ़ते रहते हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी, मसूड़ों से खून आना और सूजन, सांसों में दुर्गंध (मुंह की बदबू) इत्यादि पायरिया के कुछ लक्षणों मे से हैं। यह सबसे व्यापक रूप से प्रचलित बीमारियों में से एक है। यह रोग वयस्कों में दांतों के नुकसान का एक प्राथमिक कारण है। 

पायरिया, आमतौर पर खराब मुख स्‍वास्‍थ्‍य (Oral Health) का परिणाम होता है। यानी जब आप अपने मुंह की देखभाल नहीं करते हैं; दांतों और मसूड़ों की सफाई नहीं करते हैं तो इससे पायरिया रोग का जन्‍म होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह की अस्वच्‍छता कई गंभीर रोगों जैसे- कैंसर, हृदय रोग, पेट की समस्‍याओं आदि का कारण बन सकती है।

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पायरिया रोग क्‍या है? 

पायरिया एक गंभीर मसूड़ों का रोग (Gum Diaseases) है। जब यह बीमारी मसूड़ों तक सीमित रहती है तो इसे जिंजिवाइटिस (Gingivitis) कहा जाता है मगर जब यह दांतों की जड़ो में पहुंचती है तो इसे पेरियोडोंटाइटिस (Periodontitis) कहा जाता है। इस रोग में मसूड़ों में सूजन होना प्रमुख लक्षण है जो दांतों की सहायक संरचनाओं तक फैली होती है। पेरियोडोंटाइटिस बहुत ही आम है, लेकिन इसे रोका जा सकता है। रोजाना कम से कम दो बार ब्रश करना, रोजाना फ्लॉस करना और नियमित रूप से एक्‍सपर्ट से दांतों की जांच कराना पायरिया के उपचार में मदद कर सकता है। इस तरह से आप पायरिया के विकसित होने से पूर्व ही आप इसका उपचार कर सकते हैं।

पायरिया कैसे होता है?

जैसा कि हमने उपरोक्‍त लेख में उल्‍लेख किया है कि खराब मुख स्‍वास्‍थ्‍य पायरिया का कारण बनता है। दांतों, मसूड़ों और जीभ पर जमी गंदगी की ठीक से सफाई न करने से इस प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इससे आपके दांतों और मसूड़ों के बीच धीरे-धीरे प्लाक और टार्टर जमा होने लगता है, जो दांतों के नीचे हड्डी तक फैल जाता है। इसके बाद, मसूड़ों में सूजन और खून आने लग जाता है। सांसों से दुर्गंध आने लगती और आपके दांत ढीले पड़ने लगते हैं यानि उनकी जड़ें कमजोर होने लगती है। पायरिया होने के कुछ सामान्‍य लक्षण हैं जो निम्‍नलिखित हैं।

पायरिया के लक्षण

  • ब्रश करने पर खून आना।  
  • अगर आपके मुंह से दुर्गन्ध आनी शुरू हो जाए तो समझ लीजिये आपको पायरिया है।  
  • मसूड़ो में सूजन आना, उन्हें दबाने से पीप निकलना।
  • मसूड़ों में सूजन के कारण, रक्तस्त्राव ज़्यादा होने लगता है जिससे पाचन क्रिया कमज़ोर हो जाती है। इसके अलावा दिल, दिमाग, गुर्दे, फेफड़ों इत्यादि में भी विकार आ जाते हैं।
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पायरिया का आयुर्वेदिक उपचार

  • 2-3 दिन तक रस आहार (जूस) पर उपवास और एक सप्‍ताह तक फल, सब्जियों इत्‍यादि का सेवन करें। विटामिन बी और सी युक्‍त फल जैसे टमाटर, संतरा, नीबू, आंवला आदि का सेवन करें। पत्‍ता गोभी को चबा चबाकर खाएं।
  • सारे शरीर को विषमुक्त करने के लिए पेट पर मिट्टी पट्टी, एनीमा, कटी स्नान, धूप स्नान प्रतिदिन दें।
  • आप हल्दी और नमक की बराबर मात्रा में कुछ बूंदे सरसो के तेल में डालकर उंगलियों से मसूड़ों पर रगड़ें।
  • नींबू के रस से अंगुलियों से मसूड़ों की मालिश करें।
  • पायरिया से जूझ रहे मरीजों को नीम से दातुन करने की सलाह दी जाती हैं। 
  • मसूड़ों में राहत के लिए प्रतिदिन 10 नीम की पत्तियां चबाएं। 
  • पेशाब करते समय और शौच के समय मसूड़ों को दबा कर रखें। 
  • गुनगुने पानी में नमक डालकर कुल्ला करें। 
  • सुबह शाम ब्रश करने के बाद अपनी उंगलियों से मसूड़ों की मालिश करे।
  • अच्छी तरह से मुंह की सफ़ाई करने से ये बीमारी दूर की जा सकती है।

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