प्रकृति का अद्भुत वरदान है गिलोय, इम्यूनिटी बढ़ाने के अलावा डायबिटीज रोगियों के लिए भी है फायदेमंद

Updated at: Jul 24, 2020
प्रकृति का अद्भुत वरदान है गिलोय, इम्यूनिटी बढ़ाने के अलावा डायबिटीज रोगियों के लिए भी है फायदेमंद

डायबिटीज रोगी रोजाना सुबह गिलोय का जूस पिएं, तो उनका ब्लड शुगर कंट्रोल रहेगा। जानें टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है गिलोय।

Anurag Anubhav
डायबिटीज़Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 24, 2020

आयुर्वेद में जिन पौधों को सबसे ज्यादा गुणकारी माना जाता है, उनमें गिलोय भी एक है। गिलोय को कुछ आयुर्वेदाचार्य 'अमरता की जड़ी' भी कहते हैं। गिलोय के सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है और संक्रमण का खतरा कम होता है। यही कारण है कि वर्तमान कोरोना वायरस महामारी के समय में गिलोय का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है। आयुर्वेद के सभी एक्सपर्ट्स और चिकित्सकों ने गिलोय को इस वायरस के खिलाफ प्रभावी बताया है। गिलोय के सेवन से इम्यूनिटी तो बढ़ती ही है, साथ ही इसके सेवन से ब्लड शुगर को भी कंट्रोल किया जा सकता है, इसलिए गिलोय डायबिटीज रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद प्राकृतिक औषधि है।

giloy benefits in diabetes

लगातार बढ़ रहे हैं डायबिटीज के मामले

आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरी दुनिया में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 463 मिलियन यानी 46.3 करोड़ से ज्यादा लोग इस बीमारी का शिकार हैं। डायबिटीज को बढ़ावा देने वाले मुख्य कारक हैं- खराब लाइफस्टाइल, अस्वस्थ खानपान की आदत और खराब पर्यावरण। ये तीनों समस्याएं पिछले 30-40 सालों में तेजी से उभरी हैं क्योंकि इंसानों ने मशीनों का प्रयोग ज्यादा शुरू कर दिया है और मेहनत कम कर दी है। इसके अलावा खानपान में भी प्राकृतिक चीजों के बजाय प्रॉसेस्ड फूड्स का चलन बढ़ा है। यही कारण है कि डायबिटीज की समस्या पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ी है। डायबिटीज होने पर व्यक्ति का शरीर इंसुलिन हार्मोन का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता है, जिससे खून में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। खून चूंकि पूरे शरीर में घूमता है, इसलिए डायबिटीज होने पर खून में शुगर के कारण व्यक्ति के नाजुक अंग डैमेज होने लगते हैं।

इसे भी पढ़ें: प्री-डायबिटीज का पता चलने पर लाइफस्टाइल में कौन से बदलाव जरूरी हैं ताकि न रहे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा?

डायबिटीज में कैसे फायदेमंद है गिलोय?

डायबिटीज रोगी अगर गिलोय का नियमित सेवन करें, तो उनका शुगर कंट्रोल हो सकता है। इसका कारण यह है कि गिलोय के सेवन से शरीर में इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है। गिलोय में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जिसके कारण ये शरीर के ग्लूकोज के स्तर को कम करता है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि गिलोय एक बेहतरीन एंटी-डायबिटिक औषधि है, जो इंसुलिन की कार्यक्षमता को दोगुना बना देती है। यही कारण है कि डायबिटीज रोगी अगर गिलोय का सेवन करें, तो वो हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकते हैं।

पेट के लिए भी फायदेमंद है गिलोय

डायबिटीज रोगियों के जीवन में खानपान से जुड़े परहेज महत्वपूर्ण हो जाते हैं, इसलिए अक्सर डायबिटीज रोगियों को पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन गिलोय के सेवन से ये काम भी आसान हो जाता है। इसके अलावा गिलोय शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। ब्लड शुगर के अलावा ब्लड प्रेशर को मेनटेन करने में भी गिलोय को फायदेमंद पाया गया है।

इसे भी पढ़ें: ब्लड शुगर बढ़ने पर इन 5 तरीकों से तुरंत करें कंट्रोल, 10 मिनट में घटेगा ग्लूकोज

कैसे करें गिलोय का सेवन?

बाजार में गिलोय कैप्सूल, पाउडर और जूस आदि कई फॉर्म में उपलब्ध है। जिंक, पोटैशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गिलोय का सेवन आपको डायबिटीज जैसी घातक बीमारी से बचा सकता है। डायबिटीज रोगी गिलोय के जूस को सुबह खाली पेट ले सकते हैं। इसके अलावा अगर गिलोय की ताजी पत्तियां टहनी सहित मिल जाएं, तो इससे बेहतर कुछ नहीं। आप इन पत्तियों को टहनी सहित ही धोकर थोड़ा पानी मिलाकर पीस लें, जिससे जूस जैसा बन जाए। इसे एक ग्लास में छानकर पिएं। अगर स्वाद की समस्या आ रही है, तो थोड़ा सा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।

Read More Articles on Diabetes in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK