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ज़ख्मों और घावों की आयुर्वेदिक चिकित्सा

आयुर्वेद By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 27, 2015
ज़ख्मों और घावों की आयुर्वेदिक चिकित्सा

त्वचा की सतह पर किसी भी दरार या चोट के कारण शरीर में से न सिर्फ रक्त और अन्य द्रव पदार्थों का रिसाव होता है, बल्कि उस चोट में कीटाणुओं के घुसने की भी संभावना बढ़ जाती है।

किसी चोट के कारण जब त्वचा फट जाती है या पंचर हो जाती है, तो त्वचा पर एक घाव हो जाता है जिसे खुला घाव कहते हैं।. किसी मानसिक आघात या सदमे के कारण जब कोई चोट पहुँचती है तो अंदरूनी घाव होता है जिसे बंद घाव के नाम से जाना जाता है। त्वचा की सतह पर किसी भी दरार या चोट के कारण शरीर में से न सिर्फ रक्त और अन्य द्रव पदार्थों का रिसाव होता है, बल्कि उस चोट में कीटाणुओं के घुसने की भी संभावना बढ़ जाती है।
   


क्या होते है खुले घाव और बंद घाव

किसी पैनी चीज़ जैसे कि चाक़ू, छुरी या रेज़र या काँच के टुकड़े से त्वचा का कटना। खरोंच जिससे त्वचा की उपरी सतह निकल जाती है।  किसी सुई या कील से त्वचा का पंचर होना। भेदन घाव जो चाक़ू जैसी चीज़ शरीर के अन्दर घुसने के कारण होता है, बन्दूक की गोली या ऐसे ही किसी प्रक्षेप्य वस्तु के कारण ज़ख्म का होना। अंदरूनी मार, खरोंच वगैरह से भीतरी चोट पहुँचना। हेमाटोमस जिसे रक्त का ट्यूमर भी कहा जाता है, रक्त वाहिका के क्षतिग्रस्त होने के कारण होता है।  लम्बे समय से हो रहे दबाव के कारण कृष इंजरी का होना।  तीक्ष्ण और गंभीर या अभिघताज घाव, उन चोटों के कारण होते हैं जो टिस्यू को भंग कर देते हैं।  

आयुर्वेदिक उपचार


ज़ख्मों और घावों के आयुर्वेदिक उपचार

चन्दन की लेई घाव पर लगाने से भी घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं।  कच्चे केले का रस घाव पर लगाने से भी घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं।  लहसुन का रस और हल्दी तिल के तेल के साथ मिलाकर बनाये हुए मिश्रण से सूजन कम हो जाती है और घाव जल्दी भर जाते हैं। तिल और नीम के पत्ते एरंडी के तेल के साथ भूनकर और हल्दी और कपूर के साथ पीसकर घरेलू मरहम बनाया जा सकता है। इस मरहम को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं। नारियल के तेल में कपूर उबाल लें और इसे सूजी हुई जगह पर लगा लें। अगले दिन उसे गरम पानी से धो लें। इससे अंदरूनी चोट के कारण हुई सूजन कम हो जाती है।  संतरे, अंगूर, लहसून, गाजर का सेवन करने से घावों के भरने में सहायता मिलती है। पिसे हुए पुदीने को एक कपड़े में बांधकर घाव पर रखने से घाव जल्दी भर जाते हैं और संक्रमण का डर भी नहीं रहता।

घाव को ठीक करने के लिए अन्य आयुर्वेदिक इलाज भी होते है। अगर आपको इनसे राहत ना मिले तो किसी  आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से मिले।

Image Source-Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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