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Diwali 2019: दिवाली में अस्थमा के मरीज अपनाएं ये टिप्स, पटाखों के धुएं से नहीं होगा इंफेक्शन

अन्य़ बीमारियां By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 02, 2018
Diwali 2019: दिवाली में अस्थमा के मरीज अपनाएं ये टिप्स, पटाखों के धुएं से नहीं होगा इंफेक्शन

Diwali 2019: दिवाली का पर्व हर घर में सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतीक होता है। मगर दिवाली के मौके पर पटाखे और धुएं अस्‍थमा रोगियों के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं। इस मौके पर अस्‍थमा रोगियों को सावधानी बरतने की

Diwali 2019: दिवाली का त्‍यौहार खुशियों से भरा होता है। दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है। ये जहां एक ओर खुशियां लेकर आता है वहीं इन जलने वाले पटाखों से कई बीमारियों का भी खतरा रहता है। पटाखों का धुंआ अस्थमा मरीजों के लिए वाकई बहुत खतरनाक होता है। दिवाली से इतर भी बढ़ते प्रदूषण के चलते अस्‍थमा के मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अस्‍थमा एक गंभीर बीमारी है, जो सांस नलिकाओं को प्रभावित करती है। अस्थमा के दौरान खांसी, नाक बंद या बहना, छाती का कड़ा होना, रात और सुबह के समय सांस लेने में तकलीफ आदि समस्याएं होती है। लेकिन घबराइए नहीं आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं, जिनसे दिवाली में भी आपका अस्थमा से बच सकते हैं।

बरतें ये सावधानियां

  • ज्यादा गर्म कपड़े पहनकर रहें।
  • ऐसी कोई भी सामग्री खाने से बचे, जो शरीर में गर्मी को खत्म करें।
  • धूप निकलने के बाद योग या एक्सरसाइज करनी जरुरी है।
  • गर्म पानी या गर्म चीज से शरीर के उस हिस्से को गर्माहट दें।
  • सुतली बम न फोड़ें। यह करीब 120 डेसिबल का होता है। इससे बच्चों के कान का पर्दा फट सकता है। अस्थमा के मरीज बम पटाखों से दूर ही रहें।
  • चकरी और अनार के धुएं में सल्फर और कार्बन मोनोआक्साइड जैसे जहरीले रसायन होते हैं। एलर्जी, दमा के मरीजों और बच्चों को इससे बचाना चाहिए।
  • अपना इन्हेलर हमेशा अपने पास रखें।
  • एसी या पंखे के बिलकुल नीचे ना बैठें।
  • धूल भरे वातावरण से ढककर रखें। (दिवाली पर पटाखों के केमिकल्स दे सकते हैं ये 10 खतरनाक रोग, हो सकता है गर्भपात)
  • घर और बाहर तापमान में परिवर्तन से सावधान रहें।
  • ज्या‍दा गर्म और ज्यादा नम वातावरण से बचें क्योंकि ऐसे में मोल्ड स्पोर्स के फैलने की सम्भावना भी बढ़ जाती है। आंधी और तूफान के समय घर से बाहर ना निकलें । अस्थमा को नियंत्रित रखें और अपनी दवाएं हमेशा साथ रखें । 
  • अगर आपका बच्चा अस्थमैटिक है तो उसके दोस्तों व अध्यापक को बता दें कि अटैक की स्थिति में क्या करें । 
  • हो सके तो अपने पास स्कार्फ रखें जिससे आप हवा के साथ आने वाले पालेन से बच सें।

नवजात की देखभाल

डॉक्टरों का कहना है कि नवजात शिशुओं के लिए यह दिवाली के पटाखों का धुंआ बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि इस मौसम में वायु प्रदूषण होने के साथ सर्दी में निमोनिया व अन्य बीमारी होने का डर लगातार बना रहता है। वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एमपी शर्मा का कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण नवजात शिशुओं में भी सांस की बीमारी हो सकती है। स्मॉग के समय बच्चे के लिए ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि इस में सांस लेने में परेशानी होती है।

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