सावधानी नहीं बरतने पर 50 की उम्र के बाद आप हो सकते हैं इन 7 रोगों के शिकार, जानिए बीमारी और बचने के उपाय

Updated at: Jul 22, 2020
सावधानी नहीं बरतने पर 50 की उम्र के बाद आप हो सकते हैं इन 7 रोगों के शिकार, जानिए बीमारी और बचने के उपाय

50 की उम्र व्‍यक्ति के जीवन का एक अहम पड़ाव है, जिसके बाद शरीर में कई परिवर्तन होते हैं। ऐसे में खुद को स्‍वस्‍थ कैसे रखें? आइए जानते हैं।

Atul Modi
अन्य़ बीमारियांWritten by: Atul ModiPublished at: Jul 22, 2020

50 की उम्र बुढ़ापे की शुरुआत माना जाता है। अगर सावधानी न बरती जाए तो 50 की उम्र के बाद शरीर कमजोर होने लगता है, जिसके कारण बीमारियां घर करने लगती हैं। उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्‍लड प्रेशर, हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा, ऑस्टियोआर्थराइटिस, मांसपेशियों, कमर व हड्डियों में दर्द की समस्‍या होने लगती है। इस प्रकार की समस्‍या उन लोगों के साथ ज्‍यादा होती है, जो अपने स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति उदासीन रवैया अपनाते हैं। जबकि, वे लोग लंबे समय तक सक्रिय जीवनशैली जीते हैं, जो नियमित और संयमित रूप से रहते हैं। यानी वे लोग जो अपनी फिटनेस का ध्‍यान रखते हैं वे 50 की उम्र के बाद भी स्‍वस्‍थ जीवन जीते हैं।

तो अगर आप 50 की उम्र में हैं या 50 की उम्र पार कर चुके हैं तो आप कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनके शिकार हो सकते हैं। यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो पूरा लेख जरूर पढ़ें।

1. उच्च रक्तचाप - High Blood Pressure 

BP

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ रही होती है, आपकी रक्त वाहिकाओं का लचीलापन कम होने लगता है। इससे आपके शरीर में रक्त पहुंचाने वाली प्रणाली पर दबाव पड़ता है। शोध के मुताबिक, 60 से अधिक आयु वाले अधिकांश लोगों में उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या देखने को मिलती है। उच्‍च रक्‍तचाप के कुछ कारण जिनपर लगाम लगाकर आप खुद को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं। जैसे- आप अपना वजन नियंत्रित रखें, रोजाना एक्‍सरसाइज करें, धूम्रपान बिल्‍कुल भी न करें, किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव और अवसाद से दूर रहें और इससे निपटने के उपाय खोजें।

2. टाइप 2 डायबिटीज - Type 2 Diabetes 

1980 के बाद से डायबिटीज रोगियों की संख्‍या धीरे-धीरे बढ़ी है। खासकर मिडिल एज या फिर ज्‍यादा बूढ़े लोगों ये समस्‍या देखी गई है। सीडीसी के मुताबिक, 45 साल की उम्र के बाद ही डायबिटीज होने का खतरा बढ़ने लग जाता है, और यह गंभीर हो सकता है। इससे हृदय रोग, किडनी रोग, अंधापन, और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। डायबिटीज से बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने ब्‍लड शुगर की जांच नियमित रूप से कराएं। रोजाना एक्‍सरसाइज करें, तनाव से दूर रहें और हेल्‍दी डाइट लें।

3. हृदय रोग- Heart Disease 

जब धमनियों में प्लाक का निर्माण होने लगता है तो यह हृदय रोग का कारण बनता है। यह बचपन से शुरू होकर और आपकी उम्र के अनुसार खराब हो जाता है। इसीलिए 40 से 59 वर्ष की आयु के लोगों में हृदय रोग होने की संभावना 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों की तुलना में पांच गुना अधिक होती है। हृदय रोग से बचने के लिए मोटापा कम करने की आवश्‍यकता है। अगर डायबिटीज पेशेंट हैं तो ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करें।

4. मोटापा- Obesity 

अगर आप अधिक वजन वाले हैं या मोटापा से ग्रसित हैं तो आपको अपनी बीएमआई की जांच करानी चाहिए। मोटापा कम से कम 20 पुरानी बीमारियों से जुड़ा हुआ है, जिनमें हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और गठिया शामिल हैं। इन समस्‍याओं की उच्चतम दर 40 से 59 वर्ष के वयस्कों में ज्‍यादा है, जिनमें से 41% लोग मोटे हैं।

5. ऑस्टियोआर्थराइटिस - Osteoarthritis

उम्र बढ़ने के साथ ज्‍वाइंट पेन की समस्‍या बढ़ने लगती है। हालांकि, ऑस्टियोआर्थराइटिस का जीवनशैली और आनुवंशिकता से कोई लेना देना नहीं है। इसके लिए पुरानी चोटें, शारीरिक गतिविधि की कमी, मधुमेह और मोटापा जिम्‍मेदार है। इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करें, किसी भी प्रकार की चोट का उपचार सही ढंग से कराएं।

इसे भी पढ़ें: 50 की उम्र के बाद इस तरह रखें अपने आपको स्वस्थ, कई बीमारियों के खतरे से भी रहेंगे दूर

6. क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)

यह फेफड़ों में सूजन का कारण बनता है। यह एक धीमी गति से चलने वाली बीमारी है जिसके बारे में आपको लंबे समय तक पता नहीं चल पाता है। इसके लक्षण आमतौर पर 40 या 50 की उम्र में दिखाई देते हैं। इस बीमारी में आपको सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सीओपीडी में खांसी, घरघराहट और बलगम बनने की समस्‍या होती है। व्यायाम, एक स्वस्थ आहार, और धूम्रपान और प्रदूषण से बचना मदद कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: 50 की उम्र के बाद महिलाओं के वजन में कमी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को 26 फीसदी तक कर देती है कमः स्टडी

7. भूलने की बीमारी - Alzheimer’s

अल्जाइमर, मनोभ्रंश (डिमेंशिया) का एक रूप है, जो आमतौर पर 65 या उसके बाद होता है। इस बीमारी की वजह आनुवंशिक भी हो सकती है। इसके अलावा तनावपूर्ण जीवनशैली वाले लोग भूलने की बीमारी के शिकार हो सकते हैं। नियमित रूप से एक्‍सरसाइज और सही डाइट आपके तनाव को कम कर सकते हैं। ब्‍लड प्रेशर और ब्‍लड शुगर को कंट्रोल रखते हुए इस बीमारी को होने से रोक सकते हैं। 

अगर आप 50 की उम्र के बाद खुद को स्‍वस्‍थ रखना चाहते हैं तो आपको अपनी शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने की आवश्‍यकता है। नियमित एक्‍सरसाइज जरूर करें, हेल्‍दी डाइट को फॉलो करें। अपनी तनाव पूर्ण जीवनशैली को सुधारने का प्रयास करें, खुशहाल जीवन जीएं।

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK