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अष्टांग योग के फायदे

योगा By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 13, 2012
अष्टांग योग के फायदे

अष्टांग योगा में शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं।


अष्टांग योग

अष्टांग योगा में शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं। इस आसन में जमीन का स्पर्श करने वाले अंग चिन, चेस्‍ट, दोनों हाथ, दोनों घुटने और दोनों पैर हैं। इस आसन को करते वक्त इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पेट से शरीर का स्पर्श बिलकुल ही न होने पाए। अष्टांग आसन मुद्रा में टेबल मुद्रा, श्वान मुद्रा और सर्प मुद्रा के आसनों का अभ्यास किया जाता है। इस आसन को जमीन पर करने से पहले अपने घुटने के नीचे कंबल अथवा तौलिया मोडकर रख लीजिए इससे घुटने आरामदायक स्थिति में रहेंगे और आप ज्यादा देर तक योगा कर सकते हैं। अष्टांग योगा करने से पीठ और गर्दन में मौजूद तनाव दूर होता है और अष्टांग आसन को हर रोज करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर लचीला होता है।


अष्टांग योगा के आठ अंग होते हैं -
 
1-    यम
2-    नियम
3-    आसन
4-    प्राणायाम
5-    प्रत्याहार
6-    धारणा
7-    ध्यान
8-    समाधि


कैसे करें अष्टांग योगा -

 

  • टेबल के समान दोनों हथेलियों और घुटनों पर शरीर को स्थापित कर दीजिए।
  • उसके बाद हाथ की कोहुनियों को हल्का मोडते हुए हाथ के साइड के हिस्से को थोडा नीचे झुकाएं।
  • फिर सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों के बीच चेस्ट को नीचे की तरफ झुकाइए।
  • गर्दन को आगे की ओर खींचते हुए चिन को जमीन से लगाइए।
  • हांथों को कंधे से नीचे झुकाते हुए पीछे की ओर ले जाइए।
  • पैर की उंगलियों को मोड़कर तलवे के ऊपरी भाग को जमीन से छूने दीजिए।
  • कूल्हों को ऊपर की दिशा में उठाते हुए रीढ की हड्डियों को सीधा रखिए।
  • इसके बाद इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेंड तक बने रहिए।



अष्टांग योगा के फायदे –

 

  • अष्टांग योगा करने से पीठ और गर्दन में मौजूद तनाव कम होता है।
  • अष्टांग योगा हर रोज करने से शरीर के सभी अंग (चेस्ट, पीठ, कंधे, हाथ आदि) मजबूत होते हैं।
  • अष्टांग योगा के अभ्यास से शरीर को लचीला बनाया जा सकता है।
  • अष्टांग योगा करने से फेफडों की कार्यक्षमता बढती है।
  • अष्टांग योगा करने से मोटापा आसानी से कम किया जा सकता है।
  • अष्टांग योगा करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और पेट सं‍बंधित रोग नहीं होते हैं।
  • अष्टांग योगा करने से दिमाग तेज होता है और आदमी की उम्र भी बढती है।

 



अष्टांग योगा करते वक्त सावधानियां -

 

  • अष्टांग योगा के बहुत फायदे हैं लेकिन अगर आपके शरीर में कोई बीमारी या समस्या है तो यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • गर्दन और कंधों में अगर तकलीफ हो तो इस योग आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • कमर, कोहनी, हाथों की कलाई में परेशानी हो तो यह आसन की मुद्रा को करने से बचें।

 

 

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