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गठिया रोगियों में बढ़ जाता है दिल की बीमारियों का खतरा, ये हैं बचाव के 5 टिप्स

अन्य़ बीमारियां By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 03, 2019
गठिया रोगियों में बढ़ जाता है दिल की बीमारियों का खतरा, ये हैं बचाव के 5 टिप्स

ऐसा देखा गया है कि गठिया के 50% से ज्यादा मरीजों की मौत का मुख्य कारण हार्ट अटैक या दूसरी दिल की बीमारियां हैं। अर्थराइटिस में व्यक्ति के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है। यूरिक एसिड जमा होने का कारण खराब और असंतुलित खानपान की आदतें हैं। गठिया

गठिया या अर्थराइटिस जोड़ों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मरीज के जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। अर्थराइटिस में व्यक्ति के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है। यूरिक एसिड जमा होने का कारण खराब और असंतुलित खानपान की आदतें हैं। गठिया होने पर मरीज के जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या होती है, जो किसी दवा या बाम से नहीं ठीक होती है।

ऐसा देखा गया है कि गठिया के 50% से ज्यादा मरीजों की मौत का मुख्य कारण हार्ट अटैक या दूसरी दिल की बीमारियां हैं। इसका खतरा र्यूमेटॉइड अर्थराइटिस, गठिया, ल्यूपस और सोरायटिक अर्थराइटिस के मरीजों को ज्यादा होता है। इसका कारण यह है कि अर्थराइटिस अंदरूनी अंगों और नसों में सूजन का कारण बनता है, जिससे दिल की बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। कुछ बातों का ध्यान रखकर गठिया के मरीज दिल के रोगों से बचाव कर सकते हैं।

दिल के लिए फायदेमंद फूड्स खाएं

गठिया के रोगियों को प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए चोकरयुक्त आटे की रोटी तथा छिलके वाली मूंग की दाल खाएं। उबले अनाज, चावल, बाजरा, जौ, गेहूं, चपाती आदि भोजन में सम्मिलित करें। उबली हुई हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, साबूदाना, गिरीदार फल, शहद तथा सभी प्रकार के फल (खट्टे फल एवं केले को छोड़कर) पर्याप्त मात्रा में लें।

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बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा न खाएं

ऐसा देखा जाता है कि जोड़ों में दर्द होने पर ज्यादातर लोग खुद ही दर्द निवारक दवाएं खरीद कर खा लेते हैं। ऐसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल नॉन स्टेरॉयड एंटी इनफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसएआइडीएस) श्रेणी की दर्द निवारक दवाओं का हाई डोज दिल के दौरे, स्ट्रोक और ह्रदय रोगों का जोखिम तीन गुना तक बढ़ा देता है। गठिया के मरीजों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। दर्द से निजात पाने के लिए लोग नियमित तौर से पेनकिलर्स का इस्तेमाल करते हैं।

मोटापा से बढ़ जाता है खतरा

मोटापे के कारण गठिया रोग मे ज्यादा परेशानी हो सकती है। इसके कारण जोड़ों का दर्द तो बढ़ता ही है, साथ ही दिल की बीमारी का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। गठिया से ग्रसित लोगों को एक्‍सरसाइज करनी चाहिए। यदि आपको व्‍यायाम करने में परेशानी होती है तो आप अपने घर या अपार्टमेंट में टहल भी सकते हैं। व्‍यायाम और सुबह के समय टहलने के साथ ही यदि आप स्वि‍मिंग करते हैं तो यह भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

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कोल्ड ड्रिंक और एल्कोहल न पिएं

गठिया के मरीज अगर अल्कोहल और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो उनकी समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए अगर आप इनका सेवन करते हैं, तो इसे तुरंत बंद कर दें। गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीने और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है। इसके साथ ही ऐसे लोगों को मछली और मांस से परहेज़ करना चाहिए।

जोड़ों या छाती में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाएं

यदि थोड़ा-सा चलने के बाद घुटनों में दर्द होता है या कुर्सी में बैठ कर भी असहज महसूस कर रहे हैं, सीढ़ी चढ़ने, पालथी मार कर बैठने में दिक्कत होती है तो इस दर्द को समझने की कोशिश करें। इसके साथ ही अगर आपको गठिया रोग है और अचानक आपकी छाती में दर्द शुरू हो जाता है, तो तुरंत किसी चिकित्सक से संपर्क करें। अगर घुटनों में किसी प्रकार की चोट लगी है तो भी सावधान रहने की जरूरत है।

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