अर्थराइटिस का निदान कैसे किया जाता है

Updated at: Jul 03, 2015
अर्थराइटिस का निदान कैसे किया जाता है

अर्थराइटिस के निदान के लिए सबसे पहले रोग की पुष्टि की जानी जरूरी है। डॉक्‍टर लक्षणों की जांच करता है और फिर यह तय करता है कि आपको किस प्रकार का अर्थराइटिस है और आपका इलाज किस प्रकार किया जाना चाहिए।

Aditi Singh
अर्थराइटिस Written by: Aditi Singh Published at: Jul 03, 2015

अर्थराइटिस का दर्द बेहद तकलीफदेह हो सकता है। इस दौरान आपसे हिलना-ढुलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आपकी रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित होती है। जरूरत है कि आप समय से इस रोग का निदान करें। कोई भी लक्षण नजर आते ही अपने डॉक्‍टर से मिलिये। कई लोग दर्द के लिए जड़ी बूटियों और दवाओं का प्रयोग करते हैं। लेकिन, दर्द लंबे समय तक रहे तो आपको डॉक्‍टर से मिलकर अपने रोग की पुष्टि करवा लेनी चाहिए।
Arthritis

डॉक्‍टर आपके निम्‍नलिखित लक्षणों की जांच कर सकता है

आपका डॉक्‍टर अर्थराइटिस का निदान करने के लिए आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा। इसके साथ ही वह इन बातों का भी देखेगा कि आखिर आकपे शरीर में अर्थरा‍इटिस के लक्षण किस प्रकार डेवलप हो रहे हैं। वह आपकी जांच करेगा और इसके बाद बीमारी की पुष्टि करने के लिए कुछ जांच करने की भी सलाह दे सकता है।वह इस बात पर नजर रख सकता है कि आखिर दर्द शरीर के कौन से हिस्‍से में हो रहा है। क्‍या आपके जोड़ों या उसके आसपास किसी प्रकार का दर्द और सूजन तो नहीं है। इसके साथ ही वह आपकी सेहत के अन्‍य आयामों की भी जांच करेगा, क्‍योंकि अर्थराइटिस आपके शरीर के अन्‍य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। दर्द और हिलने-ढुलने में परेशानी। झंझरी भावना या चरचरहट के साथ दर्द होना कई बार अनुवांशिक अर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।कोशिकाओं में कोमलता और दर्द की शिकायत रहना।कुछ प्रकार के अर्थराइटिस में रेशेज और मुंह में छालों की शिकायत हो सकती है।

Arthritis
अर्थराइटिस में किस प्रकार के टेस्‍ट होते हैं

आपका डॉक्‍टर निदान करने से पहले कुछ अन्‍य बातों की भी पुष्टि करना चाहेगा। वह कन्‍फर्म करना चाहेगा कि कहीं यह लक्षण किसी अन्‍य बीमारी के कारण तो नहीं। अगर ऐसा कुछ है तो पुष्टि करने के लिए आपको निम्‍न चीजे करने की सलाह दी जा सकती है। रक्‍त-जांच, एक्‍स-रे,एमआरआई स्‍कैन, सीटी स्‍कैन, अल्‍ट्रासाउंड, सायनोविल फ्लूड अनालसिस, बायोप्‍सी, मूत्र जांच आदि के जरिए अर्थराइटिस का पता लगाया जाता है। याद रखिए केवल डॉक्‍टर सिर्फ डॉक्‍टर ही बता सकता है कि यह अर्थराइटिस है या उससे जुड़ी कोई और समस्या है अथवा कुछ और। किसी भी बीमारी को गंभीर होने का मौका नहीं देना चाहिए। अगर आपको जरा सा भी संशय है तो डॉक्‍टर से मिलकर इसका निवारण किया जाना जरूरी है।


एक बार जब डायोग्‍निस तैयार हो जाए तो आपका डॉक्‍टर इलाज के लिए योजना बनाने के लिए आपसे बात कर सकता है।

Image Source @ Getty Images

Read More Articles on Arthritis in Hindi.

 

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK