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क्‍या 'ऑर्गेनिक सिगरेट' पीना फायदेमंद है? जानें इसके स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रभाव और बनने की प्रक्रिया

विविध By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 11, 2019
क्‍या 'ऑर्गेनिक सिगरेट' पीना फायदेमंद है? जानें इसके स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रभाव और बनने की प्रक्रिया

अगर आप सिगरेट के विकल्‍प के तौर पर ऑर्गेनिक सिगरेट या जैविक सिगरेट (Organic Cigarettes) पीने की सोच रहे हैं? तो यहां हम आपको इसके फायदे और नुकसान के बारे में विस्‍तार से जानकारी दे रहे हैं।

What is Organic Cigarettes: स्‍मोकिंग या धूम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक होता है; ये बात सिगरेट के पैकेट्स पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है, इसके बावजूद लोग सिगरेट पीते हैं। वजह है, स्‍मोकिंग की लत, जिसे छुड़ाना इतना आसान नहीं है। स्‍मोकिंग की लत छुड़ाने के लिए लोग तरह-तरह के विकल्‍प तलाशते हैं, लेकिन वह सेहत के नजरिए से कितना सही है ये समझना थोड़ा मुश्किल है।  

स्‍मोकिंग छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए तंबाकू मुक्त जैविक सिगरेट (Tobacco Free Organic Cigarettes) धूम्रपान का सुरक्षित विकल्‍प माना जा रहा है। ऑर्गेनिक सिगरेट बनाने वाले पीयूष छाबड़ा के मुताबिक, जैविक सिगरेट को पवित्र तुलसी, चाय के पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस), गुलाब की पंखुड़ियों, पुदीने की पत्तियों को मिलाकर वर्जिन पेपर में रोल कर और रुई का फिल्टर लगाकर बनाया जाता है। यह 100 फीसदी आयुर्वेदिक है। इसमें आयुर्वेदिक औषधियों का मिश्रण है। 

उन्‍होंने कहा कि "आयुर्वेदिक सिगरेट में हम किसी भी प्रकार का तम्‍बाकू या निकोटीन नहीं मिलाते हैं। इसमें टार आउट फिल्‍टर है, जिससे धूम्रपान भी सेहत से भरा होता है। "पीयूष छाबड़ा ने बताया कि, ऑर्गेनिक सिगरेट तनाव को कम करता है, तम्‍बाकू की लत को छुड़ाने में मदद करता है, साथ ही यह एंटी जेट-लैक होता है। इसके अलावा, यह पर्यावरण के भी अनुकूल है, इसका धुआं पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता है।"

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ऑर्गेनिक सिगरेट कैसे बनता है? 

पीयूष छाबड़ा ने बताया कि ऑर्गेनिक सिगरेट पूरी तरह से जैविक है, इसे बनाने में किसी भी तरह का हानिकारक पदार्थ शामिल नहीं है। इसे बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए पीयूष ने बताया कि "ऑर्गेनिक सिगरेट को प्राकृतिक कागज में ढेर सारी सामग्री मिलाकर बनाया गया है, जिसमें जैविक तरीके से उगाई गई गुलाब की पत्तियों और पुदीने की पत्तियां हैं, जिन्हें कागज में लपेटा जाता है और एक छोर पर रुई का फिल्टर और टार छोड़ने वाला माउथपीस लगाया जाता है। इस हानिमुक्त मिश्रण के कारण धूम्रपान करने वालों को इसका साइड इफेक्‍ट भी नहीं होता है, उन्‍होंने बताया कि, यह फूड एंड ड्रग्‍स एडमिनिस्‍ट्रेशन और आयुष विभाग द्वार प्रमाणित है।"

क्‍या ऑर्गेनिक सिगरेट सच में फायदेमंद है? 

हेल्‍थलाइन वेबसाइट के मुताबिक, 2018 के एक अध्ययन में 1000 से अधिक वयस्कों की राय का पता लगाया गया, जिसमें 340 से अधिक लोग शामिल थे, जो धूम्रपान करते हैं। जांचकर्ताओं ने नोट किया कि सिगरेट के विज्ञापनों में "ऑर्गेनिक" और इसी तरह के शब्दों के इस्तेमाल का लोगों पर बड़ा असर पड़ा, जिसके चलते वह इस तरफ आकर्षित हुए मगर इसके नुकसान को नहीं समझ पाए। 

अध्ययन के प्रतिभागियों पर इसका बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ा, हालांकि यह माना जाता है कि कथित नुकसान पर एक छोटा प्रभाव है। फिर भी, कुछ ने कहा कि उन्होंने इस पर ध्‍यान नहीं दिया, जबकि अन्य ने पूरी तरह से जानकारी पर भरोसा नहीं किया।

संक्षेप में, यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि "जैविक" या "एडिटिव-फ्री" सिगरेट पारंपरिक सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक हैं।

क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय 

"किसी भी प्रकार का धुआं फेफड़ों और सेहत के लिए हानिकारक होता है। सिगरेट, ई-सिगरेट और ऑर्गेनिक सिगरेट, ये सभी धुएं का उत्‍पादन करते हैं, जो लंग्‍स को नुकसान पहुंचाते हैं। यहां तक कि किचन में खाना बनाते समय निकलने वाला धुआं भी श्‍वसनमार्ग के लिए हानिकारक होता है, अगर किचन में चिमनी की व्‍यवस्‍था न हो या धुआं निकलने का रास्‍ता न हो तो। ऐसे में ये दावा गलत है कि ऑर्गेनिक सिगरेट या ई-सिगरेट नुकसान नहीं पहुंचाता है या सेहत के लिए फायदेमंद है।"

डॉक्‍टर मनोज के गोयल, निदेशक और प्रमुख, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन- फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम।

सिगरेट के नुकसान क्‍या हैं?

धूम्रपान से आपके स्वास्थ्य पर विभिन्न दीर्घकालिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो आपको कैंसर, श्वसन रोग, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग और स्ट्रोक सहित कई स्वास्थ्य समस्‍याएं हो सकती है। 

कैंसर: धूम्रपान न केवल आपके कई प्रकार के कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ाता है, बल्कि यह आपको कैंसर से मरने के जोखिम को भी बढ़ाता है।

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD): सीओपीडी में क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति (Emphysema) शामिल हैं। यदि आप लंबे समय तक धूम्रपान करते हैं या अक्सर धूम्रपान करते हैं, तो सीओपीडी के लिए आपका जोखिम बढ़ जाता है। 

रक्‍त का पतला होना और रक्त के थक्के: ये दिल का दौरा या स्ट्रोक होने के आपके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इससे परिधीय संवहनी रोग (Peripheral vascular disease) भी हो सकता है। PVD के साथ, आपके अंगों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे दर्द और चलने में परेशानी हो सकती है।

परिधीय धमनी रोग (Peripheral arterial disease): PAD एक ऐसी स्थिति है जिसमें प्‍लाक का एक निर्माण शामिल होता है जो आपकी धमनियों को अवरुद्ध करना शुरू कर देता है। PAD के साथ, आपको दिल का दौरा, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।

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निष्‍कर्ष 

चाहे आप रोजाना धूम्रपान करते हों या कभी-कभी, नुकसान दोनों तरीकों से आपको ही होगा। अगर आप धूमपान की लत को छुड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको खुद से ये कदम उठाना पड़ेगा। सिगरेट का विकल्‍प तलाशने के बजाए आप इसके लिए किसी एक्‍सपर्ट की सलाह ले सकते हैं या किसी मनोचिकित्‍सक की मदद लें, क्‍योंकि सिगरेट पीने की लत कई बार आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी होती है।

सिगरेट न सिर्फ आपको नुकसान पहुंचाता है बल्कि आपके आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी हानिकारक है। ऐसे आपके लिए क्‍या सही है और क्‍या गलत ये आप खुद तय करें, क्‍योंकि "धुंआ हमेशा हमारे फेफड़ों के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता है।" 

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