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पार्टनर के साथ कितना वक्‍त बिताना चाहिये

डेटिंग टिप्स By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 28, 2014
पार्टनर के साथ कितना वक्‍त बिताना चाहिये

रिलेनशिप की शुरूआत में लोग घंटों पार्टनर के साथ समय बिताते हैं और बाद में इसमें संतुलन नहीं बना पाते, जिसके कारण रिश्‍ते टूट जाते हैं, इसलिए पार्टनर के साथ शुरूआत से ही संतुलन बनाये रखें।

रिलेशनशिप में रहते हुए सभी अपने पार्टनर के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। एक-दूजे के साथ घंटों कैसे बीत जाते हैं यह पता भी नहीं चलता हे। जब प्‍यार की शुरूआत होती है तो लोग इतना अधिक खो जाते है कि सब कुछ भूलकर सिर्फ एक दूसरे के साथ ही समय बिताना पसंद करते है। शुरूआत में वे 24 घंटे एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। लेकिन जैसे-जैसे रिश्‍ते पुराने होते जाते हैं रिश्‍ते की गरमाहट दूर होने लगती है और पार्टनर को अधिक समय नहीं दे पाते।
Time Spend with Partner in Hindi
इस‍का बुरा असर आपके रिश्‍ते पर पड़ता है, इसके कारण रिश्‍ते भी टूट सकते हैं। इसलिए रिश्‍ते में संतुलन बनाये रखना बहुत जरूरी है। ऐसा बिलकुल न हो कि जब आप पार्टनर को टाइम दे रहे हों तो पूरे दिन उनके साथ रहें और जब आपके पास टाइम न हो तो डिनर भी अकेले कर रहे हों। इसका मतलब यह है कि पार्टनर के साथ हर वक्‍त चिपके रहना भी सही नहीं और दूर रहना भी सही नहीं। इसलिए कोशिश यह करें कि प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बना रहे और इन सबके बीच आपका प्‍यार हमेशा जवां रहे।


दोस्‍ती भूलें नहीं

प्‍यार की शुरूआत दोस्‍ती से होती है और प्‍यार होने के बाद भी दोस्‍ती ऐसी कड़ी है जो आपको हमेशा बांधे रखती है। इसलिए प्‍यार में पड़ने के बाद अपने व्‍यवहार को बदले नहीं। एक दूसरे से दोस्‍ताना व्‍यवहार रखें। दोस्‍तों के बीच में कोई भी बात असंतुलित नहीं रहती है, यही बात प्‍यार में भी लागू करें।

अधिक निर्भर न रहें

रिलेशनशिप शुरू करने के बाद सब कुछ अच्‍छा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे रिश्‍ता पुराना होता है यही बोझ बनने लगता है और खटास का कारण बनता है। इसलिए रिलेशनशिप की शुरूआत में एक-दूसरे के साथ अधिक वक्‍त बितायें लेकिन अपने पार्टनर के ऊपर अधिक निर्भर न रहें।

दोस्‍तों की भी सुनें

रिलेशनशिप में पड़ने के बाद दोस्‍तों को भूलना ठीक नहीं है। दोस्‍ती एक ऐसा रिश्‍ता है जो अच्‍छे और बुरे दोनों तरह के वक्‍त में न केवल साथ निभाता है बल्कि दोस्‍त आपको अच्‍छी सलाह भी देते हैं। इसलिए अपने दोस्‍तों के संपर्क में रहें, उनसे अपने पार्टनर के बारे में बात करें और उनकी सलाह भी सुनें।

प्राइवेसी की ध्‍यान रखें

पार्टनर के निजता का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। उनके साथ रहते हुए भी कुछ समय अकेले बितायें। इससे आपको एक-दूसरे की दूरी का एहसास होगा और प्‍यार में ताजगी बनी रहेगी।
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संतुलन बनाये रखें

जीवन के हर पहलू को बेहतर तरीके से चलाने और रिश्‍तों में कड़वाहट से बचने के लिए बेहतर संतुलन बनाये रखने की जरूरत है। लेकिन प्‍यार की शुरूआत में अधिक वक्‍त बिताते हैं लेकिन बाद में संतुलन नहीं बना पाने के कारण तनाव होता है। इसलिए रिश्‍ते को हमेशा जवां रखने के लिए संतुलन बनाये रखना बहुत जरूरी है।

रिलेशनशिप में पड़ने का यह मतलब नहीं है कि आप एक-दूसरे की हर बातों में दखल देंगे, इससे रिश्‍तों में कड़वाहट आना स्‍वाभाविक है, इससे बचें। अपने पार्टनर से हर मामले में सलाह लें लेकिन निर्णय खुद से लें।

iamge source - getty images

 

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