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शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ाने में कारगार नहीं होते एंटीआॅक्सीडेंट, जानें क्यों?

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 04, 2018
शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ाने में कारगार नहीं होते एंटीआॅक्सीडेंट, जानें क्यों?

शोधकर्ताओं का कहना है कि एंटीऑक्सीडेंट (ऑक्सीरणरोधी) की पूरक खुराक तीन महीनों तक रोजाना लेने से पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता नहीं मिलती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि एंटीऑक्सीडेंट (ऑक्सीरणरोधी) की पूरक खुराक तीन महीनों तक रोजाना लेने से पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता नहीं मिलती है। इससे पहले एंटीऑक्सीडेंट को शुक्राणु की गुणवत्ता सुधारने में सहायक माना जाता था। शोध के लेखकों के अनुसार, शुक्राणुजनन (परिपक्व शुक्राणु का विकास व उत्पादन) व इसके परिवहन में करीब 74 दिनों का समय लगता है। लेकिन, शुक्राणुजनन की अपेक्षा प्रतिक्रियाजनक ऑक्सीजन प्रजातियों का छोटे शुक्राणुओं के परिवहन पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ता है। इस प्रकार एक छोटे अंतराल के बाद एंटीऑक्सीडेंट से फायदे की बात सोची जाती है।

अमेरिका के चेपेल हिल के उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एनी स्टेनिर ने कहा, परिणाम स्वाभाविक रूप से गर्भधारण की कोशिश करने वाले जोड़ों में पुरुष बाझपन कारकों में एंटीऑक्सीडेंट उपचार के प्रायोगिक इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते हैं। इस शोध को ईएसएचआरई बार्सिलोना के 34वीं वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया। शोध दल ने 174 दंपत्तियों पर परीक्षण किया, जिसमें पुरुष साझीदारों ने एंटीऑक्सीडेंट पूरक आहार का रोजाना इस्तेमाल किया। इन्हें विटामिन सी, डी3 और ई, फोलिक एसिड, जिंक, सेलिनियम व एल-कार्निटीन दिया गया, जबकि नियंत्रित समूह को प्रायोगिक औषधि दी गई। शोध के निष्कर्षों में दोनों समूहों में बहुत ही मामूली अंतर देखने में आया और शुक्राणुओं की संरचना में कोई विशेष अंतर देखने को नहीं मिला।

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एंटीआॅक्सीडेंट से भरपूर आहार

  • नींबू सिट्रस परिवार के अंतर्गत आता है। पीले रंग के इस फल में मौजूद विटामिन सी, एंटीऑक्‍सीडेंट का शक्तिशाली स्रोत है। नींबू एंटीऑक्‍सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत है। नींबू में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट आपके स्‍वास्‍थ्‍य, बालों और त्‍वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। 
  • विटामिन सी से भरपूर स्ट्रॉबेरी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों को खत्म कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। एक कटोरी स्ट्रॉबेरी के नियमित सेवन से कई रोगों से बचाव होता है। शरीर में विटामिन सी का स्‍टोर नहीं होता है, इसलिए विटामिन सी का सेवन रोज करना चाहिए। 
  • नट्स यानी सूखे मेवे विटामिन ई का समृद्ध स्रोत हैं और यह आपके शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट की आपूर्ति करने वाले आहार का सबसे अच्‍छा स्रोत हैं। विटामिन सी के विपरीत, विटामिन ई, लीवर में फैट के साथ साथ शरीर में जमा किया जा सकता है। नट्स में बादाम, अखरोट, पिस्‍ता, आदि का सेवन कर सकते हैं। एक अध्‍ययन के अनुसार, नट्स खाने वाले लोग न खाने वालों की तुलना में दो साल ज्‍यादा समय तक जीते हैं।
  • इसका हर पौधा, विटामिन सी से भरपूर होता है जिसके कारण यह एंटीऑक्‍सीडेंट का सबसे अच्‍छा स्रोत माना जाता है। विटामिन सी के अलावा ब्रोकली में सेलेनियम भी होता है। सेलिनियम मानव शरीर की कोशिकाओं के नुकसान से लड़ने में मदद करता है। इसे सलाद में या कच्चा खाया जाता है, इसकी सब्जी बनाई जा सकती है, या फिर उबाल कर भी खाया जा सकता है। कुछ डिश में ब्रोकली को बेक करके भी खाया जाता है।

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