खुशखबरीः डायबिटीज की दवाएं हुईं सस्‍ती, 70 फीसदी तक कम हुआ रेट

Updated at: Jan 06, 2020
खुशखबरीः डायबिटीज की दवाएं हुईं सस्‍ती, 70 फीसदी तक कम हुआ रेट

डायबिटीज के मरीजों के लिए खुशखबरी आई है, दरअसल एक जरूरी दवा का रेट 70 फीसदी तक कम हो गया है। जानें कौन सी दवा है ये।

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 06, 2020

भारत में 6.2 करोड़ से अधिक लोग जीवनशैली से जुड़ी बीमारी यानी कि डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं, यही कारण है कि विश्व में इंडिया को 'डायबिटीज कैपिटल' भी कहते हैं। देश में हर साल 10 लाख लोग  डायबिटीज से अपनी जान गंवाते हैं। डायबिटीज के मरीज अपनी चिकित्सीय स्थिति पर कम ही खर्च करते हैं। गिल्पटिन श्रेणी की कम से कम दो मुख्य दवाएं 2021 में एक्सपायर होने जा रही हैं। एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने नोवार्टिस की विल्डैगलिप्टिन का पेटेंट साइकल पूरा हो गया और कंपनी ने 20 जेनेरिक दवाओं को बनाने का फैसला किया है, जिसके कारण इसके दाम में 70 फीसदी की कमी आई है। देश में 14, 000 करोड़ रुपये का डायबिटीज दवा कारोबर है, जो बहुत तेजी से बढ़ रहा है और दूसरी दवाओं के मुकाबले सबसे ज्यादा है।

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कितने पुरुष-महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित

भारत में करीब 12 फीसदी पुरुष और 11.7 फीसदी महिलाएं डायबिटीज का शिकार हैं। जायडस कैडिला ने भारत में डायबिटीज को किफायती बनाने की ओर अपने कदम उठाए हैं और हाल ही में कंपनी ने विंग्लिन और विंग्लिन एम नाम की दो एंटी-डायबिटिक दवाएं लॉन्च की हैं, जो पहले की पेटेंट दवाओं की कीमत का मात्रा छठा हिस्सा है। ये नई दवा ब्लड शुगर कंट्रोल और डायबिटीज कंट्रोल करने में आपकी मदद करेगी और आपकी जेब भी हल्की करेगी।

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क्या कहती है कंपनी

इन दोनों दवाओं के लॉन्च पर बोलते हुए जायडस कैडिला के प्रबंध निदेशक डॉ. शर्विल पटेल ने कहा, ''डायबिटीज विश्व पर एक बड़ा स्वास्थ्य बोझ बन रहा है। डायबिटीज से हमारी लड़ाई को आगे ले जाते हुए हमारा मकसद है कि इस थेरेपी को और किफायती बनाया जाए ताकि समाज के हर वर्ग तक इसकी पहुंच हो सके।''

किफायती दवाएं देने का संकल्प

उन्होंने कहा, ''विंग्लिन के साथ हमें विश्वास है कि हम एक बार फिर से ऐसा करने में सक्षम होंगे। ऐसा करने से भारत में टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे बड़ी संख्या में मरीजों के लिए सबसे किफायती ग्लिप्टिन थेरेपी पहुंच में होगी।''

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3.5 करोड़ का ग्लिप्टिन का बाजार

विल्डाग्लिप्टिन डीपीपी-4 निरोधी नाम की एंटी-डायबिटिक दवा या ग्लिप्टिन की श्रेणी से संबंध रखता है। इस दवा को रोजाना खाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही डॉक्टर इसके साथ मेटफोर्मिन नाम की एंटी-डायबिटिक दवा के साथ लेने की भी सलाह देते हैं। आपको बता दें कि ग्लिप्टिन के साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये के बाजार में 25 फीसदी हिस्सा विल्डाग्लिप्टिन का है।

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जायडस ने लॉन्च की दवा

जायडस द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई विंग्लिन (Vildagliptin) और विंग्लिन एम (Vildagliptin plus metformin) के पीछे का कारण डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इस बीमारी के रूप में आनंद देना है ताकि उनकी जेब पर ज्यादा असर न पड़े और वे टीबी जैसी बीमारी की तरह सस्ती दवाओं का लाभ ले सकें।

क्या है कीमत

भारत में 4.95 रुपये की एक गोली के साथ जायडस की विंग्लिन की रेट दूसरी पेटेंट दवाओं की तुलना में मात्र छठा हिस्सा है, जो कि बाजार में उपलब्ध है। भारत में डायबिटीज के मरीजों के लिए अब विंग्लिन, विल्डाग्लिप्टिन के सबसे किफायती ब्रांड में से एक बन गया है। इससे पहले विल्डाग्लिप्टिन की एक गोली 20 रुपये से 28 रुपये तक के बीच की थी।

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