ज्यादा तनाव और गुस्सा बन सकता है हार्ट फेल्योर का कारण, 50 की उम्र के बाद बढ़ जाता है हार्ट फेल्योर का खतरा

Updated at: Aug 14, 2020
ज्यादा तनाव और गुस्सा बन सकता है हार्ट फेल्योर का कारण, 50 की उम्र के बाद बढ़ जाता है हार्ट फेल्योर का खतरा

तनाव और गुस्सा व्यक्ति के 2 ऐसे दुश्मन हैं, जो सैकड़ों जानलेवा बीमारियां दे सकते हैं। ज्यादा गुस्सा और तनाव कई बार हार्ट फेल्योर का कारण बन सकता है।

Anurag Anubhav
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Aug 14, 2020

क्या आपको छोटी-छोटी बातों में गुस्सा आ जाता है और तनाव लेने लगते हैं? अगर ऐसा है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि गुस्सा और तनाव व्यक्ति में हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ाते हैं। ये बात येल यूनिवर्सिटी के द्वारा की गई एक रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने बताई है। आपको बता दें कि हार्ट फेल्योर एक इमरजेंसी कंडीशन है, जिसमें अगर मरीज को तत्काल मेडिकल सहायता न मिले तो उसकी जान जा सकती है। ये बात तो आप पहले से जानते हैं कि गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। लेकिन संभवतः ये जानकारी आपके लिए नई होगी कि गुस्सा और तनाव लेने से आपके हार्ट की मसल्स को पंप करने में परेशानी आती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और व्यक्ति की जान जा सकती है।

heart diseases risk after age 50

50 साल से ज्यादा उम्र वालों को खतरा बहुत ज्यादा (Diseases After Age 50 in Hindi)

कभी-कभार तो हम सभी गु्स्से, दुख और तनाव का शिकार होते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत बार ऐसा होता कि जब मुताबिक काम न हो, तो हमें गुस्सा आता है या हम मजबूर महसूस करते हैं, तो तनाव लेते हैं। लेकिन यही तनाव और गुस्सा अगर 50 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति को हो, तो उसके लिए कई बार जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि बुजुर्गों को तनाव और गुस्से से दूर रहना चाहिए और खुश रहना चाहिए, इससे उनकी उम्र बढ़ सकती है। अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति है, जिसकी उम्र 50-60 पार कर गई है या जो हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है, तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि उन्हें तनाव और गुस्सा न हो

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हर उम्र के व्यक्ति के लिए खतरनाक है गुस्सा और तनाव (Side Effects of Anger and Stress)

हार्ट फेल्योर का खतरा भले ही 50 की उम्र पार कर चुके लोगों को ज्यादा होता है। लेकिन गुस्सा और तनाव हर उम्र के व्यक्ति के लिए खतरनाक होते हैं। Heart.org के अनुसार बहुत ज्यादा तनाव लेने से हार्ट की बीमारी बढ़ाने् वाले कई फैक्टर एक साथ तेजी से बढ़ने लगते हैं, जैसे- ब्लड प्रेशर बढ़ता है, कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है आदि। इन कारणों से आर्टरीज (धमनियां) डैमेज हो सकती हैं। इसके अलावा जो लोग सिगरेट और शराब पीते हैं, उन्हें भी तनाव और गुस्सा करने पर हार्ट फेल्योर का खतरा बहुत ज्यादा होता है।

तनाव कम लेकर हार्ट की बीमारियों से बचा जा सकता है? (Managing Stress May Reduce Heart Diseases Risk)

Heart.org के अनुसार तनाव कम लेना और खुश रहना आपके हार्ट ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि अगर किसी व्यक्ति को एक बार हार्ट अटैक या स्ट्रोक का अटैक आ चुका है, तो तनाव कम लेने से उसके दूसरे हार्ट अटैक या स्ट्रोक की संभावना कम हो जाती है। तनाव कम करने के तरीकों पर भी कई तरह के शोध किए गए हैं। लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि अगर तनाव ज्यादा है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करके इसके लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में सोचना चाहिए।

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कैसे कम कर सकते हैं जीवन में तनाव? (Tips for Anger Management)

Ldy Davis Institute for Medical Research के हाइपरटेंशन और वस्कुलर रिसर्च के प्रमुख Dr. Schiffrin के अनुसार तनाव कम करने के लिए आप अपने जीवन में निम्न बदलाव कर सकते हैं।

  • रेगुलर एक्सरसाइज करें
  • सकारात्मक रहें और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें
  • धूम्रपान एकदम बंद कर दें। सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, ई-सिगरेट आदि किसी भी तरह का धूम्रपान न करें।
  • शराब का सेवन भी बंद कर दें या बहुत कम मात्रा में कभी-कभार रेड वाइन पिएं।
  • अगर आप कॉफी ज्यादा पीते हैं, तो इसकी मात्रा घटाएं। दिन में 2-3 कप से ज्यादा कॉफी न पिएं।
  • अपनी डाइट अच्छी रखें।
  • अपना वजन सही रखें और खुश रहें।

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