जल्दी भूल जाते हैं बातें और घटनाएं तो 'एमनेशिया' का है संकेत, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

याददाश्त का हल्का सा कम होना उम्र बढ़ने का एक सामान्य हिस्सा है। पर जरूरी चीजें याद न कर पाना और नई यादें न बना पाना, एमनेशिया का संकेत है।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 15, 2021
Updated at: Jun 21, 2021
जल्दी भूल जाते हैं बातें और घटनाएं तो 'एमनेशिया' का है संकेत, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

हमारा मस्तिष्क जिस तरह से सूचनाओं को कोड करता है या इसे स्टोर करता है, इस पूरी प्रक्रिया को समझना मुश्किल है। हम में से कोई ये आसानी से नहीं बता सकता कि उनका दिमाग कब किस तरह से काम कर रहा है और कब उसने क्या स्टोर किया और क्या नहीं। कुछ बीमारियां आपकी मेमोरी यानी कि याददाश्त को इसी तरह प्रभावित करती हैं, कि आप कुछ समझ न पाएं कि आपको क्या याद है और क्या नहीं। जैस कि एमनेशिया (Amnesia)। एमनेशिया एक ऐसी बीमारी है, जिसे हम अपने जीवन से जुड़ी कई जरूरी बातों और घटनाओं को भूलने लगते हैं। पर आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है और इसके कारण क्या हैं? नहीं तो, आइए विस्तार से जानते हैं एमनेशिया क्या है, क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और हम इस बीमारी से कैसे बच सकते हैं। 

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एमनेशिया क्या है -What is amnesia?

मस्तिष्क की सबसे बाहरी परत कॉर्टेक्स में यादों का व्यापक वितरण होता है, यानी कि जो हमारे दिमाग में गया वो कहां जाकर स्टोर होगा ये हमारा मस्तिष्क तय करता है। पर जब मस्तिष्क की इन्हीं संरचनाओं में कुछ गड़बड़ियां आने लगती हैं तो, आपके दिमाग के स्टोरेज मेमोरी में भी गड़बड़ी आने लगती है। ऐसे में आप चीजों को भूलने लगते हैं। एमनेशिया भूलने की ही एक बीमारी (memory loss) है, जिसमें हमारी याददाश्त कमजोर होने लगती है। इससे पीड़ित लोगों को नई यादें बनाने में कठिनाई होती है और पुराना याद करने में भी दिक्कत आती है। ऐसे लोग तथ्यों या पिछले अनुभवों को याद नहीं कर पाते हैं। 

एमनेशिया का कारण-  Causes of amnesia

ये बीमारी मस्तिष्क संरचनाओं को नुकसान के कारण होती है जो लिम्बिक सिस्टम (limbic system) बनाती है और आपकी भावनाओं और यादों को नियंत्रित करती है। इन संरचनाओं में थैलेमस (thalamus)भी भी प्रभावित होता है, जो कि आपके ब्रेन के सेंटर की गहराई में होता है। इसके अलावा कई बार हिप्पोकैम्पल (hippocampal) भी प्रभावित हो जाता है जो कि मस्तिष्क के दोनों लोब्स पर होता है।  इसके अलावा इसके कई और कारण भी हैं, जैसे कि

  • -सिर पर चोट लगने से
  • -स्ट्रोक की वजह से
  • -तेज बुखार के कारण
  • -दौरा पड़ने से
  • -भावनात्मक आघात लगने से या हिस्टीरिया से
  • - कुछ नशीली दवाओं के चलते मस्तिष्क को हुए क्षति के कारण
  • -अल्जाइमर से
  • - कोई और गंभीर बीमारी के कारण
  • -ब्रेन के ऑपरेशन से
  • - अन्य न्यूरोलॉजिकल दिक्कतों के कारण
  • -डिमेंशिया 

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एमनेशिया के संकेत -Signs of amnesia

एमनेशिया के  कुछ शुरुआती संकेतों की बाते करें, तो इसमें

  • -सबसे पहले हम छोटी-छोटी चीजों को भूलने लगते हैं।
  • -एक भ्रम की स्थिति पैदा होने लगती है, जैसे कि आपने ताला लॉक किया या नहीं, जबकि आप तुरंत ही वो काम कर चुके होते हैं।
  • -परिचित चेहरों या स्थानों को पहचानने में  मुश्किल
  • -किसी बीमारी से ठीक होने के बाद उस बीमारी को भूल जाना।

बात अगर एमनेशिया के लक्षणों (amnesia symptoms) की करें, तो इससे पीड़ित लोगों में  मेमोरी लॉस या नई यादें बनाने में काफी परेशानी होती है। अगर आपको भी भूलने की बीमारी है, तो आपको तथ्यों, घटनाओं, स्थानों या विशिष्ट विवरणों को याद करने में कठिनाई हो सकती है। जैसे कि आपने आज सुबह क्या खाया या आपके बेटे का क्या नाम है।  इसके अलावा जितने भी काम हमारे मोटर नर्व से जुड़े होते हैं, वे सब इस बीमारी के कारण प्रभावित हो जाते हैं। इसके अलावा एमनेशिया के प्रकार पर निर्भर करता है कि उनके चलते व्यक्ति में क्या लक्षण होंगे। 

एमनेशिया के प्रकार- Types of amnesia

भूलने की बीमारी कई प्रकार की होती है, जो कि शॉर्ट टर्म, लोंग टर्म और सडन मेमोरी लॉस पर निर्भर करता है।  एमनेशिया के प्रकारों की बात करें, तो इसके दो मुख्य प्रकार हैं

1. Anterograde amnesia-नई यादें बनाने में असमर्थता

जब आपके पास अग्रगामी भूलने की बीमारी होती है, तो आप नई यादें नहीं बना पाते हैं यानी कि आपका ब्रेन कुछ सेव नहीं कर पाता है। यह प्रभाव अस्थायी हो सकता है। उदाहरण के लिए, आप बहुत अधिक शराब के कारण ब्लैकआउट के दौरान इसका अनुभव कर सकते हैं। यह स्थायी भी हो सकता है। ये मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण होता है। आपका हिप्पोकैम्पस यादें बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जब किसी चोट या बीमारी से ये प्रभावित हो जाता है, तो ये नई चीजों को सेव नहीं कर पाता यानी कि नई यादें नहीं बना पाता। एंटेरोग्रेड  एमनेशिया हिप्पोकैम्पस क्षति के अलावा कुछ अन्य कारणों से भी हो सकती है। इनमें स्ट्रोक, चोट, सर्जरी, एन्सेफलाइटिस, शराब, वर्निक-कोर्साकॉफ सिंड्रोम, मस्तिष्क को एनोक्सिया आदि शामिल हैं। इस प्रकार की भूलने की बीमारी के लिए आसान इलाज नहीं होता है। हालांकि, रोगियों को दैनिक जीवन की गतिविधियों को करते समय देखभाल करने और प्रक्रियात्मक स्मृति विकसित करने के लिए शिक्षित किया जा सकता है। ऐसे रोगियों के मित्र और परिवार उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।

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2. Retrograde amnesia-पुरानी यादों को याद न कर पाना

रेट्रोग्रेड एमनेशिया, में आप मौजूदा, पहले से बनी यादों को खो देते हैं। इस प्रकार की भूलने की बीमारी सबसे पहले हाल ही में बनी यादों को प्रभावित करती है। पुरानी यादें, जैसे बचपन की यादें, आमतौर पर अधिक धीरे-धीरे प्रभावित होती हैं। फिर ये डिमेंशिया जैसा होने लगता है। यह इस कारण से होता है कि दूर की यादों को इतनी बार याद किया जाता है कि उनकी स्मृति ट्रैक मस्तिष्क में गहराई से समा जाती है। ये यादें मस्तिष्क के व्यापक क्षेत्रों में जमा हो जाती हैं और खो जाती हैं। यह सेरेब्रोवास्कुलर दुर्घटनाओं, स्ट्रोक, सिर में चोट, शराब के दुरुपयोग, नशीली दवाओं के दुरुपयोग आदि के कारण भी हो सकता है।

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एमनेशिया से बचाव के टिप्स- Prevention Tips

एमनेशिया से बचाव के टिप्स की बात करें, जो सबसे पहले ये समझना होगा कि चूंकि एमनेशिया का मुख्य कारण मस्तिष्क को नुकसान होना है, तो जरूरी ये है कि हम अपने सिर को किसी भी चोट से बचाएं। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का भी ख्याल रखें। जैसे कि

  • -अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।
  • -साइकिल चलाते समय हेलमेट और वाहन चलाते समय सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
  • -किसी भी प्रकार के संक्रमण का शीघ्र उपचार करें ताकि उसे मस्तिष्क में फैलने का मौका न मिले।
  • -अगर आपमें कोई लक्षण हैं जो स्ट्रोक या मस्तिष्क में धमनी से जुड़ रोग से जुड़े हुए हैं, तो अपना जल्द से जल्द इलाज करवाएं।

एमनेशिया एक गंभीर बीमारी है और इसे हल्के में ना लें। अगर शुरुआत से ही इसके संकेतों या लक्षणों पर ध्यान ना दिया जाए, तो ये गंभीर रूप ले सकती है, जिसे ठीक कर पाने की उम्मीद करना भी बेकार होगा। तो, इसके बारे में जानें और जैसे ही ऐसा कुछ महसूस हो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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