• shareIcon

    सर्दियों की आम समस्या है एलर्जी, ऐसे करें बचाव

    एलर्जी By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 14, 2017
    सर्दियों की आम समस्या है एलर्जी, ऐसे करें बचाव

    सर्दियों का मौसम ऐसा होता है जो सबको पसंद तो होता है लेकिन कुछ कारणों से लोग चाहते हैं कि सर्दी कभी आए ही ना।

    सर्दियों का मौसम ऐसा होता है जो सबको पसंद तो होता है लेकिन कुछ कारणों से लोग चाहते हैं कि सर्दी कभी आए ही ना। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दियों में कई लोगों को एलर्जी होना बहुत ही आम समस्या होती है। हालांकि एलर्जी होने के कई कारण होते हैं। इस मौसम में अपने घर को कीटाणु-मुक्त रखने की कोशिश करें, क्योंकि ज्य़ादातर एलर्जी के कीटाणु घर में ही मौजूद होते हैं। आज हम आपको एलर्जी से बचने के कुछ टिप्स बता रहें हैं।

    एलर्जी से बचाव के गुर

    कुछ लोगों को इस मौसम में हमेशा सर्दी-जुकाम की समस्या से जूझना पड़ता है। कुछ लोगों की नाक बहने लगती है, छीकें आती हैं, गले में खराश होने लगती है और कफ बनता है। मौसमी सर्दी-जुकाम तो ठीक हो जाता है, मगर एलर्जी लंबे समय तक तंग करती है। सर्दियों में नेत्र रोग भी परेशान करते हैं। यदि बीच-बीच में बारिश न हो तो सर्दियों में प्रदूषण भी बढ़ जाता है। कोहरे के कारण आंखों में जलन, खुजली या लालिमा की शिकायत हो सकती है। पर्याप्त धूप न मिलने के कारण बैक्टीरियल इन्फेक्शंस के अलावा डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है।

    इसे भी पढ़ें : सर्दियों में फटे पैरों को रातों रात सही करते हैं ये घरेलू नुस्खे

    मौसम में छिपे हैं कारण

    धूल-मिट्टी के कणों, जानवरों के बालों या परफ्यूम आदि के इस्तेमाल से एलर्जी की आशंका ज्य़ादा रहती है। यूं तो ये सारी चीजें साल भर वातावरण में रहती हैं, लेकिन सर्दियों में ज्य़ादा सक्रिय हो जाती हैं। एक और वजह यह है कि सर्दियों में लोग घर बंद कर लेते हैं, ऊनी कपड़े पहनते हैं, कंबल-रजाई का इस्तेमाल करते हैं, साथ ही बंद घरों में हीटर का प्रयोग करते हैं। इनके कारण भी एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। जैसे ही घर का वातावरण अनुकूल होता है, एलर्जी फैलाने वाले बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। इनकी वजह से सर्दी-जुकाम, आंखों में जलन या स्किन एलर्जी होने लगती है। यदि ये सब लक्षण एक ह$फ्ते से अधिक दिखें तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें।

    कुछ और भी हैं वजहें

    एलर्जी फैलाने वाले बैक्टीरिया एस्थमा के रोगियों को सर्वाधिक परेशान करते हैं। इसके अलावा ठंड के मौसम में दरी, कंबल, कार्पेट या रजाई में बैक्टीरिया बहुत पनपते हैं। घर में पेट्स हैं तो उनके बालों के जरिए भी ये बैक्टीरिया इधर-उधर फैलते हैं। पशुओं के बालों के अलावा उनके लार और मल-मूत्र में भी ये बैक्टीरिया होते हैं, जो जूतों, कपड़ों में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।

    ऐसे करें बचाव

    1. घर में हवा की आवाजाही की पर्याप्त व्यवस्था हो। सर्दियों में कंबल, ऊनी कपड़ों, कार्पेट्स, सॉफ्ट टॉयज में छोटे-छोटे कीटाणु छिप कर बैठ जाते हैं। इसके अलावा कई बार लोग सर्दियों में घर के खिड़की-दरवाजे बंद कर लेते हैं और रूम हीटर चलाते हैं। घर बंद रहने से धूप नहीं आ पाती और बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं। इसी की वजह से एग्जीमा की समस्या पनपती है।

    2. सोफे, कार्पेट्स, सॉफ्ट टॉयज की सफाई नियमित करें। रुई वाले रजाई-गद्दों को हर हफ्ते धूप दिखाएं। स्वेटर्स, कोट को भी नियमित धूप दिखाते रहें। रूम हीटर्स, एसी की नियमित सफाई करें।

    3. सजावटी पौधे भी एलर्जी की वजह बन सकते हैं। यदि एलर्जी की समस्या है तो इस मौसम में इंडोर पौधों के बजाय आर्टिफिशियल पौधे कमरे में रखें। एलर्जी या एस्थमा के रोगियों को घर में कार्पेट्स या पेट्स रखने से बचना चाहिए। यदि कार्पेट बिछाते हों तो हफ्ते-दस दिन में एक बार इन्हें धूप में अवश्य सुखाएं।

    4. घर के भीतर धूम्रपान, सेंटेड अगरबत्तियों और तेज परफ्यूम के प्रयोग से बचें।

    5. गाड़ी के सीट कवर्स, बेसमेंट, सीढिय़ों या छत की स$फाई भी नियमित करें। उन स्थानों की सफाई पर ध्यान दें, जहां कीटाणु पनप सकते हों। दिन में एक बार घर के भीतर धूप जरूर आने दें।

    ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

    Read More Articles On Allergy

     

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK