ततैयों के काटने से एक पिता और 3 साल की बच्ची की हुई मौत, जानें कितना खतरनाक होता है ततैयों का डंक

Updated at: Jul 25, 2020
ततैयों के काटने से एक पिता और 3 साल की बच्ची की हुई मौत, जानें कितना खतरनाक होता है ततैयों का डंक

तमिलनाडु के मइलादुथुराई जिले में 70 से ज्यादा ततैयों के काटने से एक 42 पिता और 3 साल की मासूम की मौत हो गई। 

Vishal Singh
लेटेस्टWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 25, 2020

तमिलनाडु के मइलादुथुराई जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 42 साल के व्यक्ति और उसकी 3 साल की मासूम बेटी की ततैयों द्वारा हमला करने से मौत हो गई। मनालामेडू पुलिस के मुताबिक, मृतक पिता और उनकी बेटी अपने खेत में किसी काम से बाइक से जा रहे थे, उसी दौरान 70 से ज्यादा ततैयों ने उनपर हमला कर दिया। उनका बचाव करने आए अन्य लोग भी ततैयों का शिकार हो गए, जो अभी घायल अवस्था में हैं। जिन ततैयों द्वारा पिता और बेटी पर हमला हुआ पुलिस उन्हें सिंटोमिडा इपोमिया रूप में पहचानती है। 3 साल की मासूम की मौत हमले के दिन 20 जुलाई को हो गई थी जबकि उसके पिता की मौत 3 दिन बाद हुई। 

wasp bites

70 से ज्यादा ततैयों के हमले से हुई मौत

मामले में एक पुलिस अधिकारी ने कहा, इस मधुमक्खी को तमिल में कटंडु कहा जाता है और उन मधुमक्खियों की ओर से 70 से ज्यादा डंक मारना बहुत घातक होता है। पुलिस ने कहा कि मधुमक्खी के हमला करने पर पिता और बेटी को बहुत दर्द हुआ और बच्ची एक दिन से ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह सकी। वहीं, उसके पिता आनंदकुमार की हालत को देखते हुए तिरुवरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी भी 3 दिन बाद मौत हो गई। लेकिन सवाल अब भी लोगों के मन में है कि क्या ततैयों के काटने से कितनी हानि होती है कि उससे किसी की मौत हो जाए। तो आइए जानते हैं कि ततैयों के काटने से क्या होता है और इससे कैसे अपना बचाव करें। 

ततैयों के डंक के काटने से क्या होता है (What Happens With Wasp Bites)

गर्मी के मौसम में ततैया के डंक बहुत आम हैं, इसी दौरान लोग ज्यादा ततैयों का शिकार होते हैं क्योंकि लोग अक्सर इन दिनों बाहर समय ज्यादा बिताते हैं। मधुमक्खियों और उसकी तरह ही ततैयों में अपनी रक्षा करने के लिए एक डंक होता है जिसमें जहरीला पदार्थ होता है, ये किसी मनुष्यों के काटने में तेजी से शरीर में फैलता है। हालांकि, ततैया के काटने के बाद तुरंत तेज दर्द और जलन पैदा होती है। इसके दौरान आपको तुरंत उपचार की जरूरत पड़ती है, नहीं तो ये जहर आपके शरीर में फैल सकता है। 

इसे भी पढ़ें: मधुमक्‍खी के डंक मारने के बाद तुरंत करें ये 3 उपचार, नहीं फैलेगा जहर

लक्षण (Symptoms) 

  • ततैयों द्वारा मारे गए डंक वाले हिस्स पर गंभीर सूजन हो सकती है। 
  • शरीर में खुजली महसूस हो सकती है। 
  • सांस लेने में तकलीफ, जैसे घरघराहट। 
  • सिर चकराना।
  • दस्त और उल्टी।
  • पेट में ऐंठन।
  • कमजोर या रेसिंग पल्स।
  • रक्तचाप में अचानक गिरावट।
  • चक्कर और बेहोशी के हालात। 

इसे भी पढ़ें: शरीर में आने वाली सूजन को नजरअंदाज करना हो सकता है आपके लिए नुकसानदायक, जानें इसके कारण और उपाय

उपचार (Treatment)

  • आप घर पर ततैया के डंक लगने के बाद हल्के प्रतिक्रियाओं की मदद से इलाज कर सकते हैं। इसके लिए: 
  • ततैयों के काटने के बाद तुरंत प्रभावित हिस्से को साबुन और पानी से धोएं। 
  • सूजन और दर्द को कम करने के लिए उसपर कोल्ड पैक लगाएं।
  • सिरसा आमतौर पर सभी के घरों में मौजूद रहता है, सिरका ततैयों के काटने का सबसे अच्छा घरेलू उपचार है जो ततैयों के डंक से फैलने वाले जहर को खत्म करने का काम करता है। इसके लिए आप ततैया के डंक पर सेब के सिरके या सफेद सिरके को रुई में लगाएं और उसे प्रभावित हिस्से पर लगा लें। ये आपके दर्द और सूजन को कम करने के साथ जहर को खत्म करने का काम करता है। 
  • ततैया के डंक से गंभीर स्थिति के दौरान आपको तुरंत इलाज की जरूरत होती है। आप इसके लक्षण पहचानने के साथ ही तुरंत इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। 

तमिलनाडु के मइलादुथुराई जिले की घटना बहुत ही दुखद है जिसमें ततैयों के काटने से पिता और 3 साल की बच्ची की मौत हुई। ततैयों के काटने पर आपको भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय पर सही उपचायर जरूर लें।  

Read More Articles on Health News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK