कहीं आप भी तो नहीं लेते विटामिन डी की ज्यादा डोज़? जान लें साइड इफेक्ट्स

Updated at: Mar 15, 2020
कहीं आप भी तो नहीं लेते विटामिन डी की ज्यादा डोज़? जान लें साइड इफेक्ट्स

विटामिन डी हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है, इसकी कमी कई समस्‍याओं का कारण बन सकता है। यहां जानें विटामिन डी के नुकसान क्‍या हैं।

 

सम्‍पादकीय विभाग
स्वस्थ आहारWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Mar 15, 2020

विटामिन डी मांसपेशियों, हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क के कुशल कार्य करने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं। यह विटामिन आपके शरीर को खनिजों को अवशोषित करने में मदद करता है, जैसे कि कैल्शियम और फास्फोरस, हड्डियों के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स के माध्यम से विटामिन डी का सेवन आपके स्वास्थ्य को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। जैसे कि वजन कम करना, हड्डियों के स्वास्थ्य का समर्थन करना, अवसाद को कम करना, हृदय रोग से बचाव करना इत्यादि। लेकिन, विटामिन डी का अधिक सेवन आपके शरीर के लिए भी हानिकारक हो सकता है। आज इस लेख में हम आपको विटामिन डी की अधिक मात्रा लेने के साइड इफेक्ट के बारे में बता रहे हैं।

vitamin d

किडनी हो सकती है डैमेज

विटामिन डी की उच्च मात्रा होने से गुर्दे की क्षति हो सकती है यानि कि आपकी किडनी खराब हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विटामिन डी की अधिक मात्रा रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाती है, जिससे गुर्दे की क्षति होती है। एक अध्ययन से पता चला है कि विटामिन डी विषाक्तता से गुर्दे की गंभीर चोट हो सकती है। इसके लक्षण बुखार, मतली, उल्टी और गंभीर पेट दर्द जैसे दिखते हैं।

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हाइपरलकसीमिया

विटामिन डी विषाक्तता हाइपरलकसीमिया की ओर ले जाता है। दरअसल, यह एक ऐसी स्थिति होती है जब आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर सामान्य से ऊपर हो जाता है। विटामिन डी का उच्च स्तर कैल्शियम की वृद्धि की ओर जाता है जिससे आपका शरीर अवशोषित करता है और यह कई जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे कि भूख न लगना, भ्रम और उच्च रक्तचाप। इसके लक्षण सीने में दर्द, उच्च रक्तचाप, चिड़चिड़ापन और चिंता जैसे महसूस होते हैं।

कमजोर हड्डियां

अधिक मात्रा में विटामिन डी हड्डियों के नुकसान और भंगुर हड्डियों का कारण बनता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विटामिन डी का उच्च स्तर रक्त में विटामिन के 2 के निम्न स्तर को जन्म देता है। विटामिन K2 का प्राथमिक कार्य हड्डियों में कैल्शियम को संरक्षित करना है और विटामिन डी की अधिकता से विटामिन K2 की गतिविधि को कम किया जा सकता है। जब आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं तो हड्डियों में दर्द, गंभीर पीठ या जोड़ों में दर्द, फ्रैक्चर और अस्थिरता जैसे लक्षण दिखते हैं।

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दिल की धड़कन का अनियमित होना

विटामिन डी के अत्यधिक सेवन से हाइपरकेलेसीमिया होता है और यह, बदले में, हृदय की कोशिकाओं के उचित कामकाज को बदल सकता है, जिससे अनियमित दिल की धड़कन बढ़ जाती है। कैल्शियम का उच्च स्तर हृदय की धमनियों में कैल्शियम के जमाव का कारण बनता है, जिससे दिल के दौरा का खतरा बढ़ सकता है। इसके लक्षण सीने में दर्द, थकावट और चक्कर जैसे दिखते हैं।

फेफड़ों की क्षति

विटामिन डी के उच्च स्तर रक्त में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को बढ़ाते हैं जो एक साथ मिलकर क्रिस्टल बनाते हैं। ये क्रिस्टल फेफड़ों में जमा होने की अधिक संभावना रखते हैं, जो इसके कार्य को बाधित कर सकते हैं, जिससे फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।

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