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गले में होने वाली ये 9 परेशानियां हो सकती हैं थायरॉइड कैंसर का शुरुआती संकेत, जानें इलाज

कैंसर By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 23, 2019
गले में होने वाली ये 9 परेशानियां हो सकती हैं थायरॉइड कैंसर का शुरुआती संकेत, जानें इलाज

गले में सूजन, खाना-पानी निगलने में परेशानी होने पर आमतौर पर आप इसे गले की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर यदि ये समस्या आपको अक्सर होती है या लंबे समय तक रहती है, तो ये थायरॉइड कैंसर का भी लक्षण हो सकता है। थायरॉइड ग्रंथि हमारे गले

गले में सूजन, खाना-पानी निगलने में परेशानी होने पर आमतौर पर आप इसे गले की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर यदि ये समस्या आपको अक्सर होती है या लंबे समय तक रहती है, तो ये थायरॉइड कैंसर का भी लक्षण हो सकता है। थायरॉइड ग्रंथि हमारे गले में होती है, जो हमारे शरीर के लिए कुछ जरूरी हार्मोन्स को रिलीज करती है। महिलाओं में थायरॉइड कैंसर के मामले पुरुषों के मुकाबले 3 गुना ज्यादा पाए जाते हैं। आइए आपको बताते हैं क्या हैं थायरॉइड कैंसर के शुरुआती लक्षण और कैसे रोक सकते हैं इसे।

क्या हैं थायरॉइड कैंसर के लक्षण

  • गले में दर्द और सूजन होना
  • गले की निचले हिस्से को छूने पर दर्द महसूस होना
  • गले में गांठ का अनुभव होना
  • मरीज को कमजोरी का अनुभव होता है।
  • पानी, खाना और थूक निगलने में परेशानी होना
  • शारीरिक कार्य करने पर ज्यादा थकान होना
  • पीरियड्स के समय सामान्य से अधिक दर्द होता है और पीरियड्स जल्दी हो जाते हैं।
  • थायरॉइड कैंसर होने पर शरीर में दर्द का अनुभव होता है, खासकर मांसपेशियों व जोड़ो में दर्द होता है।
  • थायरॉइड कैंसर में बार-बार आंत संबंधी समस्या होने लगती है।

किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा

आमतौर पर यह बीमारी 30 साल से अधिक उम्र के लोगों में होती है। युवाओं और बच्चों में इसके होने की संभावना कम पायी जाती हैं। इसके साथ ही यह रोग महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले 3 गुना ज्यादा पाया जाता है। रेडिएशन थेरेपी के संपर्क में आने वाले लोगों में थायरॉइड कैंसर को विकसित करने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप किसी रोग के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी लेते हैं, तो इसके खतरों के बारे में डॉक्टर से पूछ लें। इसके साथ ही यह रोग अनुवांशिक भी होता है इसलिए अगर किसी के परिवार में पहले से थायरॉइड कैंसर हो, तो उसे इसका खतरा होता है।

थायरॉइड कैंसर का क्या है इलाज

अल्ट्रासाउंड और थायरॉइड स्कैन के जरिए थायरॉइड कैंसर का पता तुरंत चल जाता है। पता लगते ही इसका तत्काल आपरेशन कर पूरी ग्रंथि को निकाल दिया जाता है। इसके बाद बिना देरी किए मरीज को रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी (रेडिएशन की एक विधि) दी जाती है। थायरॉइड कैंसर में रेडियोथेरेपी एवं कीमोथरेपी विधि की जरूरत काफी कम होती है। हर थायरॉइड कैंसर मरीज को सर्जरी के बाद रेडियोएक्टिव थेरेपी की जरूरत होती है।

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ऐसे लोग बरतें सावधानी

थायराइड कैंसर को रोकने के लिए कोई निश्चित तरीका नही है। यदि आपकी गर्दन के आस-पास रेडियोथेरेपी हुई है, विशेष रूप से जब आप बच्चे थे, तो थायराइड कैंसर को लेकर अपने डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहें। ऐसे लोग, जिनके परिवार में थायरायड कैंसर का इतिहास है उन्हें भी डॉक्टर से इस संदर्भ में जांच करवाते रहना चाहिए। अपने डॉक्टर की सलाह मानें और इस बीमारी से बचे रहें।

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