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कैंसर के खतरों से बचना है तो आज से ही बदल दें अपनी ये 7 आदतें, डॉक्टर बता रहे हैं जरूरी टिप्स

कैंसर By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 19, 2019
कैंसर के खतरों से बचना है तो आज से ही बदल दें अपनी ये 7 आदतें, डॉक्टर बता रहे हैं जरूरी टिप्स

कैंसर गंभीर बीमारी है, जिसके कारण करोड़ों लोग हर साल जान गंवाते हैं। शुरुआत से ही अगर आप कुछ आदतों पर ध्यान दें, तो कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। डॉ. रितेश अग्रवाल बता रहे हैं भारतीय लोगों में कैंसर से बचाव के लिए बेहद जरूरी 7 टिप्स।

कैंसर इन दिनों एक बड़ी बीमारी बन चुकी है क्योंकि इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ज्यादातर कैंसर का इलाज आज सफलतापूर्वक किया जा सकता है, मगर समस्या ये है कि इसके लक्षण कई बार बहुत देर से दिखाई देते हैं। इसलिए इलाज मुश्किल हो जाता है। आज दुनिया में 200 से भी ज्यादा प्रकार के कैंसर पाए जाते हैं। करोड़ों लोग हर साल कैंसर के कारण अपनी जान गंवाते हैं। रिसर्च बताती हैं कि इतनी बड़ी संख्या में कैंसर रोगियों के बढ़ने का कारण लोगों की जीवनशैली में कुछ बदलाव हैं। अगर आज भी लोग अपनी कुछ आदतें बदल लें, तो वो कैंसर के खतरे को रोक सकते हैं। वैसे कैंसर से बचने के लिए 3 बड़े सूत्र ज्यादातर लोगों को पता हैं- अच्छा खाना, एक्सरसाइज और धूम्रपान छोड़ना। मगर हर तरह के कैंसर से बचने के लिए इसके अलावा भी कुछ आदतें हैं, जिन्हें बदलना बेहद जरूरी है। कैंसर से बचाव के लिए इन्हीं जरूरी आदतों के बारे में बता रहे हैं डॉ. रितेश अग्रवाल (एमडी, निरोग धाम हॉस्पिटल, प्रयागराज)।

मांसाहारी लोग बरतें सावधानी

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अगर आप मांसाहारी हैं, तो आपको सावधानी बरतने की विशेष जरूरत है। मीट को बहुत अधिक तापमान पर पका कर खाने जैसे फ्राई करने या ग्रिल करके खाना कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। दरअसल बहुत अधिक तापमान के कारण मीट में हेट्रोसाइक्लिक एमाइन्स (HCAs) और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन्स (PAHs) की मात्रा काफी बढ़ जाती है। कई रिसर्च बताती हैं कि ये केमिकल्स कैंसर को बढ़ावा देते हैँ। आमतौर पर मीट को 300 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा तापमान पर पकाने पर इन केमिकल्स के बनने की संभावना बढ़ जाती है।

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केमिकल-पेस्टिसाइड्स वाले अनाज, सब्जियों से बचें, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स खाएं

आजकल अनाज और सब्जियां उगाने में ढेर सारे हानिकारक केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स का प्रयोग किया जाता है। इनमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो कैंसर का कारण बनते हैं। इस तरह के पेस्टिसाइड्स के प्रयोग से उगने वाले अनाज और सब्जियां खाना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। ग्लाइफोसेट एक ऐसा ही केमिकल है, जो पौधों के कीड़े मारने के काम में आता है। रिसर्च में इस बात को पहले ही बताया जा चुका है कि ग्लाइफोसेट का इस्तेमाल शरीर में कैंसर को बढ़ावा दे सकता है। मगर फिर भी इसका प्रयोग बहुत अधिक मात्रा में किया जाता है।
इससे बचाव के लिए जरूरी है कि आप ऑर्गेनिक फलों, सब्जियों और अनाजों का सेवन करें। ऑर्गेनिक फूड्स को बिना केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स को प्राकृतिक तरीके से उगाया जाता है, जिससे कि ये नुकसानदायक नहीं होते हैं।

आपका घर भी बन सकता है कैंसर का कारण

ये तो आप सभी जानते हैं कि फेफड़ों और मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान (स्मोकिंग) है। मगर क्या आप जानते हैं कि इसका दूसरा सबसे आम कारण रेडॉन है। रेडॉन एक तरह की गैस होती है, जो बहुत सारे लोगों में कैंसर का कारण बनती है। कई बिल्डिंग मैटीरियल में ऐसे तत्व होते हैं, जो रेडॉन गैस रिलीज करते हैं। अगर घर बनाते समय आपने इसमें यूरेनियम, थोरियम या रेडियम का इस्तेमाल ज्यादा किया है, तो दीवारों और छतों से रेडॉन गैस धीरे-धीरे रिसती रहती है। इसका खतरा उन घरों में ज्यादा होता है, जहां हवा के निकलने के लिए (वेंटिलेशन की) पर्याप्त जगह नहीं होती है। रेडॉन गैस सांस के द्वारा आपके फेफड़ों में पहुंच जाती है और फेफड़ों के कैंसर का कारण बनती है।
इससे बचाव के लिए जरूरी है कि घर बनवाते समय बिल्डिंग मैटीरियल्स पर ध्यान दें। इसके अलावा अगर घर में किसी दीवार से पानी रिस रहा है, दीवार फट गई है या प्लास्टर आदि उखड़ गया है, तो इसकी मरम्मत करवाएं और घर में वेंलिटेशन के लिए खिड़की, दरवाजे सही जगह लगवाएं।

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शराब का सेवन न करें

ड्रिंकिंग कुछ लोगों के लिए फैशन है तो कुछ लोगों के लिए पैशन। मगर शराब पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि थोड़ी मात्रा में एल्कोहल लेना अच्छा रहता है, मगर रिसर्च बताती हैं कि एल्कोहल की थोड़ी सी भी मात्रा सेहत के लिए अच्छी नहीं है। एल्कोहल की ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा के कारण कई तरह के कैंसर हो सकते हैं, जैसे- हेपाटोसेल्युलर कार्सिनोमा, एसोफेगल, ब्रेस्ट और आंतों का कैंसर। इसलिए सेहत के लिहाज से अच्छा यही है कि आप शराब पीना बिल्कुल बंद कर दें।

सनस्क्रीन जरूर लगाएं

धूप की अल्ट्रावॉयलेट किरणें भी त्वचा के कैंसर का कारण बन सकती हैं। अगर आपका काम ऐसा है कि आपको बहुत देर तक धूप में रहना पड़ता है, तो आपको त्वचा पर सनस्क्रीन जरूर लगाना चाहिए। गर्मियों ही नहीं, सर्दियों की हल्की धूप भी त्वचा के कैंसर का कारण बन सकती है। इसलिए धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करना बेहद जरूरी है। अगर आप विटामिन डी के लिए धूप में बैठ रहे हैं, तो इसके लिए सुबह की हल्की धूप बेहतर होती है।

सब्जियां और फल खाएं

यह तो आप जानते ही हैं कि खानपान का आपकी सेहत पर कितना असर पड़ता है। मगर अक्सर लोगों को ये नहीं पता है कि हेल्दी डाइट का मतलब क्या है। फलों और सब्जियों में ऐसे ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आपके शरीर को कैंसर से बचाते हैं। रिसर्च में कुछ ऐसी सब्जियां भी पाई गई हैं, जो कैंसर को रोकने में प्रभावी रूप से फायदेमंद हैं, जैसे- ब्रोकली, बंद गोभी, फूल गोभी, बीन्स, केल (Kale), मूली, गाजर, टमाटर आदि खाएं। सब्जियों में कैरोटेनॉइड्स, विटामिन्स और फाइबर के अलावा ग्लूकोसाइनोलेट्स (glucosinolates) होते हैं, जो कैंसर को शरीर में पनपने से रोकते हैं।

कैल्शियम की कमी न होने दें

कुछ रिसर्च इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि अगर शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम हो, तो कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव रहता है। कैल्शियम की कमी होने पर इसकी संभावना बढ़ जाती है। भारत में महिलाओं में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम की कमी पाई जाती है। हालांकि कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए सप्लीमेंट्स बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनना चाहिए। इसकी जगह आप कैल्शियम वाले फूड्स खा सकते हैं।
हालांकि यहां ध्यान देने की बात ये है कि बहुत अधिक कैल्शियम का सेवन करना भी सही नहीं माना जाता है। रिसर्च इस बात की तरफ भी इशारा करती हैं कि ज्यादा कैल्शियम के सेवन से पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा हो सकता है।

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