World Thyroid Day 2020 : पुरुषों में थायरॉइड के संकेत हैं वजन बढ़ना और एक्रागता में कमी, जानें एक्‍सपर्ट टिप्स

Updated at: Sep 03, 2020
World Thyroid Day 2020 : पुरुषों में थायरॉइड के संकेत हैं वजन बढ़ना और एक्रागता में कमी, जानें एक्‍सपर्ट टिप्स

जब थायरॉइड ग्रंथि धीमी गति से काम करती है तो इसे हाइपोथायरॉयडिज्‍म कहते हैं। एक्सपर्ट से जानें बचाव के टिप्स।

Atul Modi
पुरुष स्वास्थ्यWritten by: Atul ModiPublished at: May 21, 2019

थायरॉइड डिसऑर्डर एक आम समस्‍या हैं। वास्तव में, लगभग 12% लोग अपने जीवन के दौरान कुछ बिंदु पर असामान्य थायरॉइड फंक्‍शन का अनुभव करते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है। साथ ही, थायरॉइड की समस्याएं उम्र के साथ बढ़ती हैं और बच्चों की तुलना में वयस्कों को अलग तरह से प्रभावित कर सकती हैं।

सबसे बुनियादी स्तर पर, थायरॉयड हार्मोन आपके शरीर में ऊर्जा, विकास और चयापचय के समन्वय के लिए जिम्मेदार है। समस्या तब हो सकती है जब इस हार्मोन का स्तर बहुत अधिक या कम हो। जब थायरॉइड ग्रंथि धीमी गति से काम करती है तो इसे हाइपोथायरॉयडिज्‍म कहते हैं, वहीं जब थायरॉइड ग्रैंड ज्‍यादा सक्रिय हो जाता है तो इसे हाइपो-थायरॉइड कहते हैं।

हाइपोथायरायडिज्म, या थायरॉइड हार्मोन का निम्न स्तर, आपके मेटाबॉलिज्‍म को धीमा कर देता है और शरीर के कई हिस्सों की वृद्धि या मरम्मत को कम करता है। इसमें थायरॉइड ग्रंथि धीमी गति से काम करने लगती है और शरीर के लिए आवश्यक हार्मोन टी-3, टी-4 का निर्माण नहीं कर पाता, शरीर में टीएसएच का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को हाइपोथायराइडिज़्म कहते हैं। 

यह पुरुषों को कैसे प्रभावित करता है?

डॉ सतीश कौल ( एचओडी एंड डारेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल, गुरूग्राम) बताते हैं, कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में बहुत कम पाया जाता है, हर 9 महिलाओं के मुकाबले 1 पुरुष में यह देखने को मिलता है। और यह पुरुषों को भी वैसे ही प्रभावित करता है जैसे महिलाओं को करता है उसके अलावा हाथ पैर सुन्न होना, थकान रहना, सेक्स में अरुचि होना, इरेक्शन में समस्या आना आदि हाइपोथायरॉइड के लक्षण हैं। 

हाइपोथायराइडिज़्म के कारण और इसे कैसे रोका जाए?

अधिकतर हाइपोथायराइडिज़्म के होने का मूल कारण अनुवांशिक होता है। 30 साल की उम्र के बाद हर साल 10 प्रतिशत महिलाएं इसका शिकार होतीं हैं। और हर अगले 10 वर्ष के साथ इसमें पांच-पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिलती है। रोकने के तरीकों में इसके कोई भी लक्षण नज़र आनें पर तुरंत जांच कराएं और खुद की देखभाल करें। 

इसके लक्षण क्या-क्या हैं?

इसके लक्षण हैं: 

  • एकाग्रता की कमी
  • सर्दियों में भी पसीना निकलना
  • तेज़ी से वजन बढ़ना
  • अनिद्रा व अनावश्यक थकान
  • बालों का तेज़ी से गिरना
  • चेहरे और शरीर में सूजन
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ना 
  • याददाश्त कम रहना आदि

इसके उपचार के तरीके क्या-क्या हैं?

इसका मूल रूप से सुरक्षित उपचार थायराइड हार्मोन को प्रतिस्थापित करना और द्वारा दी जाने वाली नियमित दवाइयों से से इसका उपचार किया जा सकता है। अगर आपके शरीर में उपरोक्‍त लक्षण दिखें तो इसे गंभीरता से लें और चिकित्‍सक की सलाह लें। समय पर इलाज आपको कई अन्‍य परेशानियों से बचा सकता है।

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