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डायबिटीज, मोटापे और लिवर की समस्या को दूर करता है सत्तू, जानें इसके 7 स्वास्थ्य लाभ

स्वस्थ आहार By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 04, 2019
डायबिटीज, मोटापे और लिवर की समस्या को दूर करता है सत्तू, जानें इसके 7 स्वास्थ्य लाभ

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में 90 फीसदी लोग गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस नाम की बीमारी से ग्रस्त रहते हैं। सत्तू के सेवन से इस बीमारी को दूर करने में बेहद सहायता मिलती है। 

गर्मी का मौसम उत्तर भारत में अपने चरम पर है और ऐसे में शरीर को तरोंताजा रखने के लिए अधिक से अधिक पानी पीने की जरूरत होती है। कई लोग पानी में ग्लूकोज मिला कर पीते हैं तो कई देशी तरीके से अपनी प्यास बुझाते हैं। आमतौर पर कामकाजी लोग हेल्थ ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक और एडड शुगर वाले तरल पदार्थ के जरिए अपनी शरीर को तरोंताजा रखने की कोशिश करते हैं। लेकिन इंडियन फास्ट फूड के रूप में मशहूर सत्तू आपको तरोंताजा रखने के साथ-साथ आपकी सेहत को भी सुधारने में मदद करता है। सत्तू को पचाना आसान होता है इसलिए गर्मी के मौसम में आप इसे लेकर अपनी सेहत भी संवार सकते हैं।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में 90 फीसदी लोग गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस नाम की बीमारी से ग्रस्त रहते हैं। जल्दबाजी, तनाव और मिर्च-मसालों का ज्यादा सेवन करने से पेपटिक ग्रंथि से गैस्ट्रिक जूस का रिसाव होता है, जिससे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सत्तू के सेवन से इस रिसाव को कम करने में बेहद सहायता मिलती है। जौ और चने से बना सत्तू कफ, पित्त, थकावट, भूख, प्यास और आंखों से जुड़ी बीमारी में कारगार साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सत्तू पेट के रोगों में रामबाण इलाज हैं हालांकि आप शायद इस बात से वाकिफ न हों कि सत्तू डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्या में भी कारगार साबित होता है।

उर्जा का स्त्रोत्र सत्तू

गर्मी के मौसम में शरीर को ऊर्जा की बेहद जरूरत होती है और सत्तू तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है। चने के सत्तू में आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे बहुत से मिनरल्स पाए जाते हैं, जो कमजोरी को दूर कर आपको ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करते हैं। सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पीने से थकान मिटती है और एनर्जी मिलती है।

पेट को ठंडा रखने में मदद करता है सत्तू

गर्मियों में सत्तू का सेवन इसलिए भी लाभकारी है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। गर्मी में सत्तू के सेवन से लू की चपेट से भी बचा जा सकता है क्योंकि यह शरीर में ठंडक पैदा करता है। सत्तू में पाए जाने वाले गुण लू से बचाने में कारगार होते है। पेट के ठंडा रहने से पेट संबंधी बीमारियां आपके पास नहीं भटकती। सत्तू पीने से शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है। खाली पेट सत्तू पीना शरीर के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होता है।

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डायबिटीज की समस्या में फायदेमंद सत्तू

जौ और चने से बना सत्तू डायबिटीज में लाभकारी है। सत्तू में मौजूद बीटा-ग्लूकेन शरीर में बढ़ते ग्लूकोस के अवशोषण को कम करता है जिसे ब्लड में शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है। अगर आप भी इस बीमारी से पीड़ित हैं तो रोजाना सत्तू का प्रयोग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि मधुमेह के मरीजों को चीनी वाले सत्तू के शरबत का सेवन नहीं करना चाहिए।

मोटापे को कम करता है सत्तू

मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए सत्तू रामबाण उपाय है। चने का सत्तू खाने या पीने से कफी देर तक भूख मिट जाती है और पेट भरा रहता है। सत्तू से वजन कम करना भी आसान है। डाइटिंग के कारण बहुत से लोग घंटो तक भूखे रहते हैं जिससे उनका वजन तो कम हो जाता है लेकिन उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। डाइटिंज करने वाले लोग चने के सत्तू से न केवल अपनी भूख शांत कर सकते हैं बल्कि अपने शरीर की पोषक तत्वों की जरूरतों को भी पूरा कर सकते हैं। वहीं जौ से बने सत्तू का सेवन करने से पाचन तंत्र सही काम करता है और मोटापा भी कम होता है।

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लिवर को दुरुस्त रखता है सत्तू

सत्तू में मौजूद प्रोटीन लिवर को स्वस्थ रखने में बेहद लाभकारी है। सत्तू के आधे कप में 10 ग्राम प्रोटीन, 178 कैलोरी और 3 ग्राम फैट होता है। नियमित रूप से सत्तू का सेवन करने से लिवर और स्वास्थ्य दोनों ही अच्छे बने रहते हैं।

एनीमिया की समस्या को दूर करता है सत्तू

हमारे शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया की परेशानी सामने आती है। हालांकि सत्तू इस समस्या को दूर करने में कारगार साबित होता है। रोजाना सत्तू में पानी मिलाकर पीने से शरीर में आयरन की कमी पूरी होती है। महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद यह समस्या अधिक होती है इस स्थिति में सत्तू पीने से उन्हें बेहद लाभ मिलता है।

पाचन ठीक रखने में कारगार सत्तू

सत्तू पेट की गड़बड़ियों को ठीक करने में लाभकारी माना जाता है। सत्तू के सेवन से लिवर तो मजबूत होता ही है और एसिडिटी की समस्या भी दूर होती है। सत्तू में मौजूद फाइबर से पचाने की प्रक्रिया तेज होती है, जो पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। सत्तू के आसानी से पचने के कारण कब्ज की भी समस्या से नहीं रहती।

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