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प्रेग्नेंसी में सुरक्षित तरीके से व्यायाम करने के 6 टिप्स और जरूरी सावधानियां

महिला स्‍वास्थ्‍य By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 16, 2019
प्रेग्नेंसी में सुरक्षित तरीके से व्यायाम करने के 6 टिप्स और जरूरी सावधानियां

किसी भी गर्भवती महिला को अपने व अपने आने वाले बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य लिए सजग रहना बहुत आवश्‍यक है। समाज में फैली रूढ़िवादिता और लोगों की बात को नजरअंदाज करके अपनी सेहत पर ध्‍यान देना चाहिए। व्‍यायाम गर्भावस्‍था के द

किसी भी गर्भवती महिला को अपने व अपने आने वाले बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य लिए सजग रहना बहुत आवश्‍यक है। समाज में फैली रूढ़िवादिता और लोगों की बात को नजरअंदाज करके अपनी सेहत पर ध्‍यान देना चाहिए। व्‍यायाम गर्भावस्‍था के दौरान आपको व बच्‍चे को स्‍वस्‍थ रखता है। गर्भधारण के नौ महीनों के दौरान फिट रहना सबसे जरूरी है, इससे मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो गर्भावस्‍था के दौरान कार्डियो एक्‍सराइज करना बेहतर होता है। एक गर्भवती महिला को हल्‍का-फुल्‍का शारीरिक श्रम करना बहुत जरूरी है, इससे प्रेग्‍नेंसी में दिक्‍कतें नहीं आती हैं। गर्भवती महिला गर्भावस्था के आखिरी महीने तक व्यायाम कर सकती हैं। इससे वह चुस्त दुरुस्त तो रहती ही है साथ ही कई अन्य समस्याओं से भी बची रहती हैं। आइए हम आपको बताते हैं, कैसे गर्भावस्‍था के दौरान सुरक्षित कसरत करें।

कसरत की योजना बनाएं

अगर आप प‍हले से ही एक्‍सरसाइज करते हैं या र्सिफ कार्डियो एक्‍सरसाइज करते हैं, तो आप अपनी एक्‍सरसाइज में कुछ और स्‍ट्रेन्‍थ ट्रेनिंग को शामिल कर सकते हैं। इससे आपकी मांसपेशियों के निर्माण में मदद मिलेगी, जो आपके बच्‍चे को पेट में चारों ओर घूमने में मदद करेगा। इससे आपको गर्भावस्‍था के दौरान होने वाले तनाव व दर्द में मदद मिलेगी और डिलवरी में भी परेशानियां नहीं आएंगी।

धीमी शुरूआत करें

किसी भी व्‍यायाम को करने से पहले एक बात ध्‍यान में जरूर रखें। गर्भवती महिला को व्‍यायाम करते वक्‍त किसी भी एक्‍सरसाइज को जबरदस्‍ती करने का प्रयास न करना चाहिए और एक्‍पर्ट की देख रेख में व्‍यायाम करें। वर्कआउट करते समय अपने पहनावे का विशेष ध्यान रखें, ऐसे कपड़े पहनें जिनसे आपको वर्कआउट करने में दिक्‍कत न आये। वर्कआउट वीडियो पर भरोसा करना उचित नहीं है। शुरूआत में एक्‍सरसाइज कम-कम से ही शुरू करें और धीरे-धीरे स्‍ट्रैन्‍थ बढ़ाएं।

एक्‍सरसाइज हमेशा निगरानी में व धैर्य के साथ करें 

जिस प्रकार दवा का असर तुरंत नहीं होता ठीक उसी प्रकार वर्कआउट का परिणाम भी रातों रात नहीं दिखता। शुरूआत में थकावट और शरीर में दर्द महसूस होगा, लेकिन रोजाना वर्कआउट करने से आपको दर्द नहीं होगा और फर्क महसूस होगा। यदि आप रोजाना वर्कआउट करते हैं, तो शरीर को आराम के साथ पौष्टिक आहार भी जरूर दें। इसके लिए आपको अपना डाइट प्‍लान बदलना होगा। 

लगातार एक ही एक्‍सरसाइज न करें

केवल स्‍ट्रेन्‍थ ट्रेनिंग ही सबकुछ नहीं होता है। आपको वर्कआउट करने से पहले अपने शरीर में हरकत लानी चाहिए, इससे एक्‍सरसाइज आसानी से और बेहतर ढंग से होती है। शरीर में लचीलेपन को बनाए रखने के लिए आपको स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। स्ट्रेचिंग से आपकी मांसपेशियों में कठोरता व व्‍यायाम को बेहतर तरीके से करने में मदद मिलती है। 

न्‍यूट्रिशन

अगर आप वर्कआउट कर रहे हैं, तो आप न्‍यूट्रिशन का विशेष रूप से ध्‍यान रखें, क्‍योंकि इससे आपके वर्कआउट का दुष्‍प्रभाव भी पड़ सकता है। इसके अलावा गर्भवती महिला जो कि वर्कआउट कर रही है, उसको अपने खान-पान का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। जच्‍चा-बच्‍चा के स्‍वस्‍थ रहने के लिए गर्भवती महिला को संतुलित व न्‍यूट्रिशन से भरपूर आहार लेना चाहिए।

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प्रोटीन व वसायुक्‍त भोजन खांए

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं। अगर आप प्रोटीन युक्‍त भोजन खाते हैं, तो यह आपको अपनी मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। इसके अलावा, प्रोटीन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है और हार्मोन व एंजाइम के उत्पादन में योगदान देता है। इसके साथ यह आपके बालों और नाखूनों की देखभाल भी करता है। वसा की कमी से लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

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