• shareIcon

    इन 6 कारणों से बुढ़ापे से पहले ही शुरू हो जाती है घुटनों के दर्द की समस्या

    अर्थराइटिस By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 05, 2018
    इन 6 कारणों से बुढ़ापे से पहले ही शुरू हो जाती है घुटनों के दर्द की समस्या

    घुटनों के दर्द को आमतौर पर बुढ़ापे की बीमारी माना जाता है लेकिन आजकल युवावस्था में ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं। इस तरह के दर्द के कई कारण हो सकते हैं। 20 से 60 वर्ष की आयु के बीच हमारी मांसपेशियां 40 फीसदी तक सिकुड़ जाती हैं।

    घुटनों के दर्द को आमतौर पर बुढ़ापे की बीमारी माना जाता है लेकिन आजकल युवावस्था में ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं। इस तरह के दर्द के कई कारण हो सकते हैं मगर युवाओं में इस दर्द का मुख्य कारण उनकी जीवनशैली और खान-पान की गलतियां हैं। उठने-बैठने, चलने-दौड़ने से लेकर हमारे शरीर का बैलेंस बनाए रखने तक घुटने हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए घुटनों की देखभाल करना जरूरी है।
    घुटनों में दर्द की एक बड़ी वजह इसके जोड़ों में लचीलेपन और मजबूती की कमी है। आमतौर पर लोगों को जब घुटनों में दर्द की शिकायत होती है, तो वो इसे काम की वजह से होने वाला दर्द मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या पेन किलर खाकर तत्काल राहत पा लेते हैं मगर कई बार घुटनों के दर्द की आड़ में कई बीमारियां आपके शरीर में पलती रहती हैं और बाद में बड़ा रूप ले लेती हैं। नजरअंदाज करने से आपकी परेशानी बढ़ जाती है। आइये आपको बताते हैं कि किन कारणों से बुढ़ापे से पहले ही आपको हो सकती है घुटने में दर्द की समस्या।

    मोटापा

    मोटापा घुटने में दर्द की एक और बड़ी वजह है। शरीर का अधिक भार हमारे घुटनों को ही उठाना पड़ता है। अधिक वजन के कारण घुटनों पर जो अधिक भार पड़ता है उसके कारण जोड़ों को अधिक नुकसान होता है। अधिक उम्र के साथ यदि आपका वजन भी अधिक है तो इससे ऑस्टियोपो‍रोसिस होने का खतरा और बढ़ जाता है।

    मांसपेशियों में बदलाव

    20 से 60 वर्ष की आयु के बीच हमारी मांसपेशियां 40 फीसदी तक सिकुड़ जाती हैं। इससे उनकी शक्ति में कमी आती है। जब हम चलते हैं या फिर अन्‍य शारीरिक गति‍विधियां करते हैं तो हमारे कूल्‍हों और टांगों की मांसपेशियों हमारे शरीर का भार उठाती हैं। लेकिन, उम्र के साथ उन मांसपेशियों में बदलाव आते हैं और उनकी क्षमता कम होती जाती है। इसके कारण टांगों पर अधिक दबाव पड़ता है। और यही वजह है कि हमारे घुटनों में दर्द होने लगता है।

    इसे भी पढ़ें:- युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है स्पाइनल अर्थराइटिस, जानें इसके लक्षण व उपचार

    ऑस्टियोपो‍रोसिस

    ऑस्टियोपो‍रोसिस अब केवल अधिक उम्र के लोगों की बीमारी नहीं रह गयी है। आजकल 20 से 30 वर्ष की आयु के करीब 14 प्रतिशत लोगों को ऑस्टियोपो‍रोसिस की शिकायत है। इस प्रकार के अर्थराइटिस में घुटने की हड्डियों की रक्षा करने वाली कार्टिलेज टूट जाती है। इससे आपके घुटने में दर्द होने की आशंका और बढ़ जाती है। 65 वर्ष की आयु के बाद ऑस्टियोपो‍रोसिस से पीड़ित लोगों की तादाद 34 फीसदी हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक उम्र के ज्यादातर लोगों में घुटने में दर्द की बड़ी वजह ऑस्टियोपो‍रोसिस है।

    अर्थराइटिस

    अर्थराइटिस ज्यादातर बड़ी उम्र के लोगों को होता है मगर आजकल बच्चे भी इस रोग का शिकार हो रहे हैं। इस रोग के कारण घुटनों में सूजन की समस्या हो जाती है और चलते समय घुटने में तेज दर्द होता है। इसका खतरा सबसे ज्यादा महिलाओं को होता है क्योंकि उनमें रजोवृत्ति के बाद हार्मोनल बदलाव होते हैं। ये रोग कई तरह के हो सकते हैं जैसे सामान्य अर्थराइटिस, रूमेटॉयड अर्थराइटिस, ऑस्टियोअर्थराइटिस और गठिया आदि।

    इसे भी पढ़ें:- अर्थराइटिस को बढ़ाते हैं ये 5 फूड्स, गलती से भी ना करें सेवन

    बर्साइटिस

    घुटने में चोट, ज्यादा भाग–दौड़ के कारण घुटने पर पड़ने वाले जोर के कारण घुटने के आस–पास के बर्सा में सूजन होने से भी घुटने में दर्द हो सकता है। बर्साइटिस बर्सा की सूजन और जलन है। बर्सा तरल पदार्थ से भरी थैली है जो मांसपेशियों, नसों और हड्डियों के बीच एक तकिया के रूप में कार्य करती है। बर्साइटिस अक्‍सर मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव के कारण होता है यानि इसका खतरा सबसे ज्यादा खिलाड़ियों और जिम जाने वाले लोगों को होता है। इसके अलावा ये रोग अधिक वजन के कारण भी हो सकता है। इसके कारण सबसे ज्यादा कंधा, कोहनी, कूल्‍हा और घुटना प्रभावित होता है।

    टेन्टिनाइटिस

    घुटने में सामने की ओर दर्द जो सीढ़ियों अथवा चढ़ाई पर चढ़ते या उतरते समय बढ़ जाने के कारण टेन्‍टिनाइटिस की समस्‍या होती है। यह समस्‍या धावकों, स्कॉयर और साइकिल चलाने वालों में अधिक पाई जाती है।

    ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

    Read More Articles On Arthritis In Hindi

     
    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।