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World Breastfeeding Week 2019: स्तनपान कराने वाली मां के दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए 6 आसान आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद By शीतल बिष्ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 04, 2019
World Breastfeeding Week 2019: स्तनपान कराने वाली मां के दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए 6 आसान आयुर्वेदिक उपाय

स्तनपान न केवल बच्चे बल्कि मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। मां का दूध बच्चे को पोषण देने के साथ उसके शरीरिक व मानसिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। यदि महिला को डिलवरी के बाद दूध उत्पादन में कमी हो, तो

स्तनपान न केवल बच्चे बल्कि मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। मां का दूध बच्चे को पोषण देने के साथ उसके शरीरिक व मानसिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। यह बच्चे को विटामिन, प्रोटीन और वसा प्रदान करता है। स्तनपान से बच्चा कई बीमारियों व संक्रमण से दूर रहता है। स्तनपान कराने से महिला में गर्भावस्था के वजन में तेजी से कमी आती है और एक्सट्रा कैलोरी बर्न हाने के साथ ही हार्मोन ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है , कि जो गर्भाशय को उसके पूर्व-गर्भ के आकार में वापस लाने में मदद करता है। इसके अलावा, स्तनपान से ब्रेस्ट व ओवेरियन कैंसर के खतरा कम होता है। 

यदि महिला को गर्भावस्था के दौरान महिला को स्तनपान कराने में समस्या हो जैसे बच्चे के लिए र्प्याप्त दूध का उत्पादन न हो, तो आप इन आर्युवेदिक उपायों को अपना सकती हैं, जिससे स्तनपान कराने वाली मां के दूध उत्पादन वृद्धि में मदद मिलेगी। 

शतावरी 

शतावरी एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जो कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध की कमी को दूर करने के लिए बहुत प्रभावी है। शतावरी के सेवन से शरीर में हार्मोनल संतुलन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इस जड़ी—बूटी को पानी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है।

सफेद मूसली 

सफेद मूसली ऐसी आयुर्वेदिक औषधी है, जो गर्भावस्‍था में जच्‍चा-बच्‍चा को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करती है। यदि डिलिवरी के बाद महिलाओं में दूध उत्पादन में कमी होती है, तो सफेद मूसली का सेवन करने से महिला को दूध उत्‍पादन में वृद्धि में मदद मिलती है।

सौंफ और मेथी के बीज 

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए सौंफ व मेथी के बीज दोनो ही फायदेमंद हैं। क्योंकि यह दोनों ही शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाते हैं। यह एक ऐसा हार्मोन है, जो दूध उत्पादन में मदद करता है। सौंफ का इस्तेमाल आप चाय के तौर पर कर सकते हैं, इसके लिए आप गर्म पानी में सौंफ डालें और फिर इसमें मीठे के लिए स्वादानुसार शहद मिला लें। इसके अलावा, आप मेथी के बीज को पानी में डालकर सेवन किया जा सकता है। आप इसका सेवन दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं। 

 

सहजन और तुलसी 

सहजन की चाय का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए काफ फायदेमंद माना जाता है। लेकिन यदि रोजाना आधा या एक गिलास दूध के साथ सहजन के रस का सेवन किया जाए, तो यह महिलाओं में दूध के उत्पादन के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा, 5 से 6 तुलसी के पत्तो को 1 या 2 कप पानी में 2 मिनट के लिए उबालें और फिर इसमें 1 चम्मच शहद डालें और इसके बाद इसका सेवन करें।

 

दालचीनी

दाजचीनी आमतौर पर हर भारतीय घरेलू रसोई में पाया जाता है। यह वजन घटाने के साथ—साथ महिलाओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी फायदेमंद है। इसके लिए आप दालचीनी पाउडर को पानी या दूध में मिलाकर कर सकते हैं। 

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जीरा 

जीरा लगभग हर रसोई में पाया जाता है, यह महिलाओं में दूध उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके लिए आप गर्म दूध में 1 चम्मच चीनी के साथ एक चम्मच जीरा मिलाकर रोजाना रात को सोने से पहले सेवन कर सकते हैं।

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