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फास्ट फूड्स खाने से मोटापा ही नहीं हो सकती हैं ये 6 बीमारियां, जानें कारण

तन मन By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 21, 2018
फास्ट फूड्स खाने से मोटापा ही नहीं हो सकती हैं ये 6 बीमारियां, जानें कारण

आजकल ज्यादातर लोग फास्टफूड्स और जंकफूड्स के शौकीन हैं। इसका कारण है कि ये आसानी से मिल जाता है और कई तरह के केमिकल्स और टेस्ट इंहैंसर की वजह से ये स्वादिष्ट भी लगता है। लेकिन आपको बता दें कि फास्ट फूड्स ज्यादा खाने से आप कई तरह की बीमारियों का

अक्सर जब आप जंक फूड्स खाते हैं, तो लोग समझाते हैं कि इससे मोटापा बढ़ता है। मगर क्या आपको पता है कि जंक फूड्स और फास्ट फूड्स को खाने से मोटापा के अलावा भी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आजकल ज्यादातर लोग फास्टफूड्स और जंकफूड्स के शौकीन हैं। इसका कारण है कि ये आसानी से मिल जाता है और कई तरह के केमिकल्स और टेस्ट इंहैंसर की वजह से ये स्वादिष्ट भी लगता है। लेकिन आपको बता दें कि फास्ट फूड्स ज्यादा खाने से आप कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

मुंह की बदबू

मुंह की बदबू फास्ट फूड्स और जंक फूड्स खाने वालों की एक बड़ी परेशानी है। लोग अक्सर सोचते हैं कि लहसुन प्याज की वजह से उनके मुंह से बदबू आ रही है मगर अक्सर आपके मुंह से आने वाली ये बदबू लहसुन प्याज की नहीं बल्कि उस नमी और जले तेल-मसालों की वजह से होती है, जो फास्टफूड्स में इस्तेमाल किए जाते हैं। दरअसल इन फास्टफूड्स में मौजूद केमिकल्स आपके मुंह का पीएच लेवल बिगाड़ देते हैं और रिएक्शन की वजह से आपके सांसों और मुंह से बदबू आने लगती है।

पाचन की समस्या

ज्यादातर फास्टफूड्स और जंक फूड्स भारी होते हैं और आसानी से पचते नहीं हैं। इनके सेवन से पेट के अंदर एसिड-बेस का संतुलन बिगड़ जाता है और खाना पूरी तरह नहीं पच पाता है। इसी कारण से पेट में बदबूदार गैस बनती है। कई बार फास्टफूड्स ज्यादा खाने से पेट में इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है।

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अमीबिक पेचिश

अमीबिक पेचिश का मुख्य कारण खुले में बिकने वाले स्ट्रीट फूड्स, फास्ट फूड्स, जंक फूड्स और ज्यादा तला-भुना खाना है। ये सभी फूड्स शरीर के लिए हानिकारक होते हैं क्योंकि इन्हें बनाने में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है और खराब क्वालिटी की चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा अमीबिक पेचिश का मुख्य कारण दूषित पानी पीना या बासी खाना खाना है। किसी भी स्थिति में आपको 6 घंटे से ज्यादा देर का बना हुआ खाना नहीं खाना चाहिए। खाने के कभी भी दोबारा गर्म करके न खाएं क्योंकि कई आहारों में इसके कारण बैक्टीरिया बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। चीनी और मैदे से बने फूड्स जैसे बिस्किट, टॉफी, नूडल्स और पिज्जा आदि के सेवन से भी ये समस्या हो सकती है।

फूड एलर्जी

भोजन में पाए जाने वाले किसी तत्व आमतौर पर प्रोटीन के प्रति शरीर के प्रतिरोधी तंत्र (इम्यून सिस्टम) द्वारा की जाने वाली प्रतिक्रिया ही फूड एलर्जी है। दरअसल जब हमारा शरीर खाने के प्रति ज्यादा क्रियाशील हो तो उससे फूड एलर्जी की समस्या पैदा हो सकती है, यहां तक कि प्रोटीन युक्त खाना भी कभी-कभी आपके शरीर के लिए नुकसानदेह परिणाम दिखाता है। इसलिए कुछ भी खाने से पहले यह तय कर लें कि वह आपके शरीर के लिए सही है या नहीं।

डायरिया

वैसे तो मौसम के बदलने के साथ बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए। खाने से कहीं ज्यादा ध्यान देना चाहिए पानी और तरल पदार्थों पर। दूषित आहार व पानी के सेवन से होने वाली बीमारियां हैं टायफायड, जांडिस, डायरिया और यहां तक कि अधिक समय तक दूषित आहार या पानी के सेवन से आपकी किडनी भी खराब हो सकती है।

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दांतों में कैविटीज का खतरा

फास्ट फूड व आलू से बने पदार्थो के अधिक सेवन से दांतों में कैविटी की समस्या बढ़ सकती है। कैविटी दांतो के लिए नुकसानदेह हो सकती है इसलिए इसे नजरअंदाज किए बिना फिलिंग करा लें। वरना खाली जगह में नुकीला दांत लड़ने या कोई चीज फंसने से कैंसर का खतरा रहता है। दंत चिकित्सकों के मुताबिक सुबह व रात में टूथब्रश न करने से दांतों में खाद्य पदार्थ चिपके रहते हैं। इससे बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जो एसिड निकालते हैं। धीरे-धीरे वह जगह खोखली हो जाती है और बगल के दांत नुकीले हो जाते हैं। उनकी रगड़ से कैंसर हो सकता है।

कमजोर होता है दिमाग

फास्‍ट फूड न सिर्फ बच्‍चों की शारीरिक सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इसका असर बच्‍चों के मा‍नसिक विकास पर भी पड़ता है। फास्‍ट फूड का अधिक सेवन बच्‍चों के आईक्‍यू लेवल को कम कर देता है। बचपन में बच्‍चों को मिला पोषण उनके मानसिक विकास में बेहद अहम भूमिका निभाता है। यही पोषण उनके आई क्‍यू लेवल पर दूरगामी प्रभाव भी छोड़ता है।

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