Diabetes Diet: दिन में 3 बार 500 mg दालचीनी का सेवन ब्लड शुगर लेवल करेगा कंट्रोल, ग्लूकोज लेवल भी होगा बेहतर

Updated at: Jul 27, 2020
Diabetes Diet: दिन में 3 बार 500 mg दालचीनी का सेवन ब्लड शुगर लेवल करेगा कंट्रोल, ग्लूकोज लेवल भी होगा बेहतर

आपने दालचीनी के स्वास्थ्य लाभ के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन कितनी बार इसका सेवन करना चाहिए ये जानना बहुत ही जरूरी है। 

Jitendra Gupta
डायबिटीज़Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 27, 2020

ज्यादातर डायबिटीज रोगियों के लिए अपने ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करना एक वास्तविक चुनौती है, खासकर ऐसे वक्त में जब कोरोना महमारी ने दुनिया को अपनी चपेट में लिया हुआ है और इसका सबसे ज्यादा खतरा शुगर के मरीजों को ही है। । डायबिटीज रोगियों को अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए दैनिक आधार पर कई एहतियाती उपायों का पालन करना पड़ता है। इसी के चलते उन्हें ऐसे विभिन्न खाद्य पदार्थों के सेवन में भी कटौती करनी पड़ती है, जो उनके लिए हानिकारक माने जाते हैं। भोजन और ब्लड शुगर के स्तर के बीच संबंध को समझना आपके लिए इस बात को पहचानने में मदद कर सकता है कि आपको क्या खाना चाहिए और कब खाना चाहिए। हम जानते हैं कि जिन खाद्य पदार्थों का हम दैनिक आधार पर उपभोग करते हैं उनमें कई औषधीय गुण होते हैं और इनके सेवन को बढ़ाकर डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। कुछ दिनों पहले एक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आपकी रसोई में एक ऐसा विशिष्ट मसाला उपलब्ध है, जो डायबिटिज के रोगियों में ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर करने में मदद कर सकता है।

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क्या कहता है ये अध्ययन 

एंडोक्राइन सोसाइटी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, दिन में तीन बार थोड़ी मात्रा में दालचीनी या दालचीनी कैप्सूल लेने से तेजी से बढ़ रहे ग्लूकोज के स्तर को कम करने और खाना खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल में स्पाइक को कम करने में मदद मिल सकती है। ये अध्ययन 51 प्रीबायेटिक लोगों पर किया गया था, जिन्हें प्रति दिन तीन बार 500 मिलीग्राम का दालचीनी कैप्सूल दिया गया। अध्ययन के परिणाम काफी आश्चर्यजनक रहे।

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पिछले अध्ययनों में भी सामने आए थे सकरात्मक प्रभाव

यह पहला मौका नहीं है जब आधुनिक विज्ञान ने दालचीनी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में गिनाया हो। पहले भी कुछ अध्ययनों में, यहां तक कि अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि दालचीनी डायबिटिज रोगियों में ब्लड शुगर  और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकती है।

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शरीर के लिए कितना फायदेमंद है ये जादुई मसाला

हम इस लेख में दालचीनी के बारे में बात कर रहे हैं, जो न केवल आपके भोजन को सुगंधित बनाता है बल्कि इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के मीठे और नमकीन व्यंजनों में भी बखूबी किया जाता है। ये मसाला दालचीनी के पेड़ की आंतरिक छाल से बनाया जाता है और ये अपने औषधीय गुणों के लिए दुनियाभर में काफी लोकप्रिय है। दालचीनी को सिनेमेलडिहाइड नाम के एक यौगिक से अपनी विशिष्ट सुगंध प्राप्त होती है, जो बड़ी मात्रा में मसाले में मौजूद होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म पर दालचीनी के अधिकांश शक्तिशाली प्रभाव इस यौगिक की उपस्थिति के कारण ही होते हैं।

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दालचीनी के अन्य औषधीय गुण, जिनसे शरीर को मिलता है जबरदस्त फायदा

  • इस जादुई मसाले में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट,, मुक्त कणों से होने वाले ऑक्सीडेटिव नुकसान से शरीर की रक्षा कर सकते हैं।
  • दालचीनी प्रकृति में एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है और शरीर को संक्रमण से लड़ने और टिश्यू क्षति को रिपेयर करने में मदद कर सकता है।
  • यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है।
  • अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग से पीड़ित लोगों के लिए भी दालचीनी फायदेमंद साबित हो सकती है।
  • यह फंगी के कारण श्वसन पथ के संक्रमण के इलाज के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।
  • यह मसाला कैंसर कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि को रोक सकता है।

कितना जरूरी है दालचीनी का प्रयोग 

हम दालचीनी का उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार करने में करते हैं, लेकिन अगर आप डायबिटीज के लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए अपना सेवन बढ़ा रहे हैं, तो आपको सबसे पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसके लक्षणों को केवल प्रबंधित किया जा सकता है, इसलिए अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले बहुत सावधानी बरतें।

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