• shareIcon

धूम्रपान से इन 5 तरीकों से होती है त्‍वचा प्रभावित, बढ़ता है कैंसर का खतरा

विविध By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 23, 2019
धूम्रपान से इन 5 तरीकों से होती है त्‍वचा प्रभावित, बढ़ता है कैंसर का खतरा

धूम्रपान आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है इस बात से कोई भी व्‍यक्ति अंजान न‍हीं है। लेकिन क्‍या आप यह जानते हैं कि धूम्रपान न केवल आपके दिल और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आपकी त्‍वचा को भी बुरी तरह प्रभावित करता है

धूम्रपान आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है इस बात से कोई भी व्‍यक्ति अंजान न‍हीं है। लेकिन क्‍या आप यह जानते हैं कि धूम्रपान न केवल आपके दिल और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आपकी त्‍वचा को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। जी हां धूम्रपान से होने वाले बड़े खतरों जैसे कि हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों के कैंसर के विकास के लिए धूम्रपान न करने वालों की तुलना में अधिक संभावना होती है, यह तो सभी ने सुना होगा लेकिन आइए जानते हैं कि धूम्रपान आपकी त्वचा को किस तरह प्रभावित करता है। 

धूम्रपान से त्‍वचा को नुकसान 

धूम्रपान करने से आपके स्‍वास्‍थ्‍य के साथ आपकी त्‍वचा पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। इससे आपकी त्वचा में ब्‍लड सर्कुलेशन में बाधा उत्पन्न होती है, जो कि आपकी त्वचा को आवश्यक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से वंचित करती है, और हानिकारक फ्री रेडिकल्स और संक्रमण का कारण बनती है। जिससे कि आपकी त्वचा को अधिक नुकसान पहुंचाता है। 

समय से पहले बुढ़ापा 

जी हां धूम्रपान करने से समय से पहले चेहरे पर बुढ़ापा दिखने लगता है। क्‍योंकि धूम्रपान उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है। "सिगरेट या बीड़ी का धुआं ऑक्सीडेटिव तनाव या फ्री रेडिकल्‍स का कारण बनता है।  जिसकी वजह से कम कोलेजन बनता है और इसका असर आपकी त्‍वचा पर दिखने लगता है। धूम्रपान आपकी त्वचा को यूवी प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है, ब्‍लड सर्कु्लेशन और इलास्टिन कम हो जाता है। कोलेजन और इलास्टिन में कमी के कारण आपकी त्वचा ढीली पड़ने लगती है यानि त्‍वचा पर कम उम्र में ही झुर्रियां दिखने लगती हैं। 

झुर्रियां व फाइन लाइन्‍स 

बीड़ी सिगरेट के धुएं से निकलने वाला निकोटीन रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने का कारण बनता है और इसलिए ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी से त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। यह झुर्रियों को अधिक तेजी से विकसित करने का कारण बनता है। "धूम्रपान करने वालों के मुंह के आसपास झुर्रियां विकसित होने की आशंका होती है। धूम्रपान करने वाले अपने मुंह के आसपास की मांसपेशियों का इस्तेमाल तब करते हैं, जब वे श्वास लेते हैं और ऐसे में फाइन लाइन्‍स और झुर्रियों का तेजी से विकास हो सकता है।

इसे भी पढें: सुबह-सुबह फल खाने की है आदत? खाली पेट ये 5 फल खाना पड़ सकता है सेहत पर भारी

काले होंठ

लगातार धूम्रपान के कारण आपके होंठों का रंग बदल जाता है। यही वजह है कि आपके होंठ देखकर बताया जा सकता है कि आप धूम्रपान करते हैं या नहीं। धूम्रपान से गर्मी के लगातार संपर्क में आने से होंठों का कालापन और पिगमेंटेशन हो सकता है।

त्वचा के घाव को ठीक होने में अधिक समय लगना 

धूम्रपान के कारण त्‍वचा पर चोट, घाव या सर्जरी को ठीक होने में अधिक समय लगता है। इसके अलावा मुंह में अल्सर भी लंबे समय तक बना रह सकता है, और घाव के संक्रमण और घाव का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्किन कैंसर सर्जरी, त्वचा में घाव बाद धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में विफलता की दर अधिक होती है।

इसे भी पढें: सेनिटाइजर के ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा के कैंसर, लिवर और फेफड़ों के रोगों का खतरा, बरतें सावधानी

स्किन कैंसर का खतरा 

धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान न करने वालों की तुलना में त्वचा कैंसर के लिए अधिक जोखिम होता है। धूम्रपान करने से सूरज की यूवी किरणें त्वचा के लिए अधिक हानिकारक होती हैं। इसके अलावा, बीड़ी या सिगरेट से जीब और मुंह के कैंसर का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। 

Read More Article On Miscellaneous In Hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK