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नवजात बच्चों में अपच, उल्टी और पेट दर्द की समस्या से ऐसे पाएं छुटकारा, जानें 5 जरूरी टिप्स

नवजात की देखभाल By शीतल बिष्ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 19, 2019
नवजात बच्चों में अपच, उल्टी और पेट दर्द की समस्या से ऐसे पाएं छुटकारा, जानें 5 जरूरी टिप्स

नवजात बच्चे का पाचन तंत्र बहुत संवेदनशील होता है। नवजात बच्चे के आहार में एक छोटा सा बदलाव और छोटी सी गलती आपके बच्चे के पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपचार शिशु के लिए सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि इनका किसी भी तरह के कोई

नवजात बच्चे का पाचन तंत्र बहुत संवेदनशील होता है। नवजात बच्चे के आहार में एक छोटा सा बदलाव और छोटी सी गलती आपके बच्चे के पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। बहुत सी महिलाएं, जो कि पहली बार माँ बनती हैं, वह अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिंतित रहती हैं। नवजात बच्‍चे को सही देखभाल बहुत जरूरी होती है, क्‍योंकि इतनी छोटी सी उम्र में आप अपने नवजात शिशु को हर चीज के लिए दवा नहीं दे सकती हैं। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपचार शिशु के लिए सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि इनका किसी भी तरह के कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। बच्‍चे के पाचन के संबंधित कुछ समस्‍याओं के कुछ सामान्‍य संकेत होते हैं, जिनसे आप आसानी से पहचान सकते हैं। जैसे- कब्‍ज, गैस, उल्‍टी-दस्‍त, बच्‍चे का बार-बार रोना और बुखार आना। 

बच्‍चे की पाचन समस्‍याओं के लिए आयुर्वेदिक उपचार

स्तनपान की स्थिति 

स्तनपान कराते समय गलत स्थिति भी पाचन समस्याओं का कारण बन सकती है। इससे गैस या एसिड भी हो सकती है। बच्‍चे को दूध पिलाते समय ध्‍यान रखें कि बच्चे का सिर उसके पेट से अधिक ऊंचा हो। यह बच्‍चे को दूध पिलाने का सही तरीका है। इससे बच्‍चे के पेट मे दूध आसानी से चला जाता है। इसके अलावा जब आप बच्‍चे को गोद मे लेते हैं, तो आप अपनी स्थिति ऐसी रखें कि शिशु का सिर थोड़ा ऊँचा हो और बच्‍चे की गर्दन को सहारा देने के लिए अपना हाथ या नरम तकिया रखें।

बच्चे की मालिश करें

आप अपने नवजात शिशु की मालिश जरूर करें। इससे बच्चे की पाचन संबंधी समस्याओं को कम हो सकती है। आप अपने बच्‍चे के पेट व छाती के आस-पास हल्‍के हाथों से मालिश करें, ध्‍यान रखें ज्‍यादा जोर न दें। आप अपने नवजात शिशु की मालिश के लिए कोई अच्‍छा और हल्‍की खुशबू वाला बेबी ऑयल या क्रीम का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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बच्‍चे की पीठ थपथपाएं 

कोशिश करें कि आपका बच्‍चा दूध पीने के बाद उल्‍टी कर दूध बाहर न निकाल दे। आप अपने बच्‍चे को दूध पिलाने के बाद बच्चे को अपने कंधे पर रखें और धीरे से उसकी पीठ पर थपथपाएं। यह बच्‍चे की पाचन समस्याओं को रोकने का एक तरीका भी है। इससे बच्‍चे का दूध पीने के बाद थूकना और उल्‍टी को कम करने में भी मदद मिलेगी। 

ग्राइप वाटर 

नवजात शिशुओं में उम्र से ही पेट से संबंधित समस्याओं के लिए ग्राइप वाटर को उपाय के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। ग्राइप वॉटर में सोडियम बाइकार्बोनेट और पानी के अलावा  कई जड़ी बूटियां होती हैं। यह बच्‍चे में गैस की समस्‍या का सबसे बेहतरीन व सुरक्षित उपचारों में से एक है। यह बहुत जल्‍दी काम कर सकता है और बच्चे को कुछ ही समय में प्रभावी रूप से आराम देने में मदद सकता है।

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केवल स्‍तनपान ही कराएं 

अगर आपके बच्चे को स्‍तनपान कराने के बाद पाचन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो ऐसे में आप अपने बच्चे को अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ न दें। आप अपने बच्चे को कुछ और खिलाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा अपने बच्चे के आहार से अचानक स्तनपान कराना बंद न कर दें। जब तक कि आपका बच्चे का अच्‍छे से विकास न हो और वह अन्य भोजन का ठीक से खाने में सक्षम न हो। जब बच्‍चा अन्‍य भोजन खाने लग जाए, तो धीरे-धीरे स्‍तनपान कराना कम करें। ध्‍यान रखें कि कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना अपने बच्चे को किसी भी तरह की दवाई न दें। 

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