धमाचौकड़ी मचाने वाले हाइपर एक्टिव बच्चों को शांत करने के लिए अपनाएं ये 5 उपाय, आप भी रहेंगे रिलैक्स

Updated at: Jul 15, 2020
धमाचौकड़ी मचाने वाले हाइपर एक्टिव बच्चों को शांत करने के लिए अपनाएं ये 5 उपाय, आप भी रहेंगे रिलैक्स

शैतान और चंचल स्वभाव वाले बच्चों को बचनप से ही इन 5 तरीकों से कंट्रोल करें, तो भविष्य में उन्हें करियर और जीवन में सफलता मिलनी निश्चित है।

Anurag Anubhav
परवरिश के तरीकेWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 15, 2020

बच्चे तो शैतानी करते ही हैं- ये बात आप भी अक्सर सुनते या कहते हैं। लेकिन बच्चों की चंचलता की भी एक लिमिट होती है। अगर बच्चा हर समय कुछ न कुछ बिगाड़ता है, लोगों को परेशान करता है या उछलता-कूदता रहता है, तो इसका मतलब ये है कि वो हाइपर एक्टिव है। मां-बाप की जिम्मेदारी ऐसे बच्चों के प्रति बढ़ जाती है। इसका कारण यह है कि चंचल और ज्यादा एक्टिव स्वभाव के अपने फायदे भी हैं और नुकसान भी हैं। कई बार ध्यान न दें तो ऐसे बच्चे मार-पीट, छीना-झपटी और लड़ाई-झगड़े की तरफ बढ़ जाते हैं। जबकि सही से ध्यान दिया जाए तो ऐसे हाइपर एक्टिव बच्चे स्पोर्ट्स, पढ़ाई-लिखाई और सोशल एक्टिविटीज में बहुत आगे तक जाते हैं। इसलिए अगर आपका बच्चा बहुत अधिक धमाचौकड़ी मचाता है, तो इससे निराश न हों, बल्कि उसे सही दिशा दें। हम आपको बताते हैं ऐसे बच्चों को कंट्रोल करने के 5 आसान तरीके।

hyperactive children

सही दिशा में मोड़ें ऐसे बच्चे की ऊर्जा

बच्चा अगर शैतानी करता है, उछलता-कूदता है, तो इसका मतलब है कि उसके शरीर में एनर्जी बहुत ज्यादा है। इस एनर्जी को आप सही दिशा में मोड़ दें, तो आपको इसके अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जैसे अगर बच्चे का खेलने-कूदने में मन लगता है, तो आप उसे खेलने से न रोकें। आजकल स्पोर्ट्स भी एक अच्छा करियर का विकल्प है। खेल-कूद के अलावा आप ऐसे बच्चों को कुछ क्रिएटिव करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, जिससे बच्चा अपनी ऊर्जा का सार्थक इस्तेमाल कर सकता है, जैसे- बाग की सफाई, गाड़ी धोने का काम, मिट्टी खोदने का काम, पैदल चलने का काम, एक्सरसाइज करने आदि में ऐसे बच्चे खूब आगे रहते हैं। इसलिए आप उन्हें उनकी रूचि के हिसाब से क्रिएटिव काम दें।

इसे भी पढ़ें: क्या दुलार के चक्कर में आप बच्चों को बिगाड़ रहे हैं? ये हैं ओवर पैरेंटिंग के 5 संकेत, जिनसे बिगड़ते हैं बच्चे

एक तय टाइमटेबल फॉलो करवाएं

हाइपर एक्टिव बच्चों के साथ समस्या ये होती है, कि ऐसे बच्चों को अपनी मर्जी के मुताबिक कंट्रोल करना आसान नहीं होता है। ऐसे में आदत बहुत काम आ सकती है। जब बच्चा छोटा हो, तभी आप उसके लिए एक तय टाइमटेबल या शेड्यूल बना दें, जिसके अनुसार बच्चे के स्कूल जाने, खाने, होमवर्क करने, खेलने और सोने का समय फिक्स हो। इस तरह की बंदिशों से शुरुआत में बच्चे को परेशानी होती है, लेकिन धीरे-धीरे जल्द ही अपने आपको इस टाइमटेबल के अनुसार ढाल लेता है और उसके व्यक्तित्व में एक तरह की स्थिरता आती है।

शुगर और कार्ब्स कम खिलाएं

हाइपर एक्टिव बच्चों के स्वभाव में ही एनर्जेटिक रहना होता है, लेकिन एनर्जी के लिए शरीर को ग्लूकोज तो खाने से ही मिलता है। इसलिए अगर आपका बच्चा हाइपर एक्टिव है, तो बचपन से ही उसकी मीठा खाने की आदत और कार्बोहाइड्रेट्स (कार्ब्स) खाने की आदत को कंट्रोल करें। शुगर और कार्ब्स दोनों ही शरीर में ग्लूकोज बढ़ाते हैं, जिससे ज्यादा एनर्जी बनती है और बच्चा फिर इस एनर्जी का इस्तेमाल शैतानी करने में करने लगता है। डाइट पैटर्न बदलकर भी बच्चे के स्वभाव में थोड़ी स्थिरता लाई जा सकती है।

active children

किसी एक्टिविटी में लगा दें

शैतान और धमाचौकड़ी मचाने वाले बच्चों को अगर आप किसी एक्टिविटी में लगा दें, तो इससे वो बिजी भी रहता है और उसकी एनर्जी का सही इस्तेमाल भी हो पाता है। जैसे इस तरह के बच्चों को डांस क्लास, जूडो-कराटे क्लास, स्वमिंग क्लास आदि के लिए भेज सकती हैं। इसके अलावा इस तरह के बच्चों के लिए एथलीटिक्स और स्पोर्ट्स बहुत अच्छे विकल्प हैं। ये एक्टिविटीज बच्चों को उनकी एनर्जी के इस्तेमाल करने का सही मौका देती हैं।

इसे भी पढ़ें: घर से पढ़ रहे बच्चों की इन 5 तरीकों से मदद करें मां-बाप, पढ़ाई में लगेगा ज्यादा मन और बच्चे बनेंगे स्मार्ट

ऐसे बच्चे की कुछ शैतानियों को माफ करें

बच्चा हाइपर एक्टिव है, तो ऊपर बताए गई टिप्स को तो फॉलो ही करें। साथ ही बच्चों की कुछ शैतानियों को आपको नजरअंदाज करना चाहिए। बल्कि इस तरह की शैतानियां करने के लिए आप उसे अलग से थोड़ा टाइम दे सकती हैं, जैसे- बिस्तर पर उछलने की आदत, ग्राउंड में दौड़ने की आदत, पैदल चलने की आदत, डांस करने की आदत आदि। अगर आप अपनी तरफ से कहकर बच्चे से ये एक्टिविटीज कराएंगी, तो थोड़े समय में वो इन्हें छोड़ देगा या अगर जारी भी रखेगा तो इससे आपको कोई नुकसान नहीं होने वाला है।

Read More Articles on Tips for Parents in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK