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स्कूली बच्चों में 'बिहैवियर प्रॉब्लम्स' से निपटने में मदद करेंगी ये 5 टिप्स

परवरिश के तरीके By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 07, 2018
स्कूली बच्चों में 'बिहैवियर प्रॉब्लम्स' से निपटने में मदद करेंगी ये 5 टिप्स

आपके बच्चों के गलत व्यवहार के कारण कई बार आपको शर्मिन्दा होना पड़ता है। इसलिए बच्चों को स्कूल जाने से पहले कुछ व्यवहारिक बातें सिखाना और समझाना जरूरी है।

छोटे बच्चे अक्सर जिद्दी और नासमझ होते हैं। उन्हें इस बात की समझ नहीं होती है कि किसके सामने कैसे पेश आना चाहिए या किसके क्या कहना चाहिए। आपके बच्चों के गलत व्यवहार के कारण कई बार आपको शर्मिन्दा होना पड़ता है। इसलिए बच्चों को स्कूल जाने से पहले कुछ व्यवहारिक बातें सिखाना और समझाना जरूरी है, जिससे वो दूसरे बच्चों और लोगों से आसानी से घुल-मिल पाए। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसी ही टिप्स।

घर में अच्छा रखें माहौल

घर का नकारात्मक माहौल बच्चे के स्वभाव पर असर डालता है। यदि माता-पिता आपस में लड़ते-झगड़ते रहते हैं या माता—पिता हमेशा बच्चों को डांटते हैं तो इससे बच्चे के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ता है और वो भी लड़ना-झगड़ना और त्वरित प्रतिक्रिया देना सीख जाता है। इसलिए यदि माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे का व्यवहार दूसरों के प्रति अच्छा हो और वो सभ्य बने, तो उन्हें अपने घर के माहौल को सकारात्मक और मिलनसार बनाना होगा।

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बच्चे में जगाएं आत्मविश्वास

एकल परिवारों में रहने वाले इकलौते बच्चों में अक्सर गुमसुम, शर्मिले, चुप रहने और सीधे साधे होने की समस्या रहती है। यदि माता-पिता अधिक सोशल न हों तो भी ऐसा होता है। ऐसे में आप अपने बच्चे को रोजाना पार्क या आसपास की मार्केट में ले जाएं। अपना सामाजिक दायरा बढ़ाएं। उसे नए लोगों से मिलने का भरपूर अवसर दें। इससे आपका बच्चे में आत्मविश्वास पैदा होगा और उसकी यह समस्या दूर हो जाएगी।

फैमिली मीटिंग करें

वीकेंड पर एक फैमिली मीटिंग बुलाएं। अपने बच्चों को बताएं कि उनके स्कूल टाइम से लेकर बेड-टाइम तक की दिनचर्या अब से अलग होगी। उन्हें बताएं कि उनको अब क्या करना होगा। उन्हें समझाएं कि अब से उन्हें रात को सोने से पहले सारा काम निपटाना होगा।

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बच्चों का भरोसा जीतें

पियर प्रेशर में बच्चे जब गलत काम करते हैं तो घर पर इसलिए ही नहीं बता पाते हैं क्योंकि उन्हें अपने पैरेंट्स पर भरोसा नहीं होता है। अगर आप बच्चों का भरोसा जीत लेते हैं तो मुमकिन है कि बच्चे अपनी गलतियों को बताने की हिम्मत कर सकें। बच्चों का भरोसा जीतने के लिए जरूरी है कि आप जितना उन्हें बचपन से गलतियों पर टोकते हैं उससे कहीं ज्यादा अच्छे काम के लिए उनका प्रोत्साहन करें और इसके लिए उन्हें कुछ न कुछ उपहार देते रहें।

उम्मीदें और परिणाम निश्चित करें

बच्चों के स्कूल से घर आने के बाद क्या किया जाना है, उसके लिए नियम बना लें। जैसे कि, शूज़, जैकेट व बैग को उनकी जगहों पर रखना। लंच बॉक्स और वॉटर बॉटल खाली करना। अपना होमवर्क करना। उन्हें ये भी बताएं कि अगर वो अपना काम नहीं करेंगे तो उसके परिणाम क्या होंगे।

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