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रात में सोते वक्त पसीना आने के पीछे हो सकते हैं ये 5 कारण, नजरअंदाज करने पर हो सकती हैं दिक्कत

विविध By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 26, 2019
रात में सोते वक्त पसीना आने के पीछे हो सकते हैं ये 5 कारण, नजरअंदाज करने पर हो सकती हैं दिक्कत

आधी रात में पसीना आने से मतलब है आप पसीने से तरबतर होकर उठते हैं और कभी-कभार आपको चादरें बदलने की नौबत तक पड़ जाती है। आमतौर पर यह चिकित्सा से संबंधित हो सकता है।

जब आपके कमरे में अधिक गर्मी होती है या फिर आप एक साथ कई चादरें औड़ लेते तो आपको पसीना आ सकता है। लेकिन हम इसके बारे में बात नहीं कर रहे हैं। आधी रात में पसीना आने से मतलब है आप पसीने से तरबतर होकर उठते हैं और कभी-कभार आपको चादरें बदलने की नौबत तक पड़ जाती है। आमतौर पर यह चिकित्सा से संबंधित हो सकता है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें रात को सोते वक्त बेहद पसीना आ जाता है तो हम आपको इसके पीछे के ऐसे 5 कारण बताने जा रहे हैं, जिनको आप ठीक कर इससे निजात पा सकते हैं।

थाइरॉयड का अतिसक्रिया होना (Overactive Thyroid)

ज्यादा पसीना आना और गर्मी के प्रति संवेदनशील होना हाइपरथाइरॉयडिज्म का प्रमुख लक्षण है। आपकी थाइरॉयड ग्रंथि आपके मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है इसलिए जब यह अधिक हार्मोन बनाने लगती है तो आपकी बॉडी अतिसक्रिय होने लगती है। आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है और आपको भूख व प्यास लग सकती है, आपकी नब्ज तेज चलने लगती है या फिर आपके हाथ कांपने लगते हैं।

लो ब्लड शुगर (Low Blood Sugar)

क्या आपको डायबिटीज है? जब आप सोते वक्त जांचते हैं तो आपका ब्लड ग्लूकोज स्थिर होता है लेकिन सोने के बाद इसमें अचानक गिरावट आ जाती है। इसके पीछे आपकी दिन भर की भागदौड़, शाम को की गई एक्सरसाइज या फिर देर रात खाना खाना हो सकता है। अगर आप अपनी डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन का प्रयोग करते हैं तो इसके लिए रात को ली गई हाइपोगिल्समिया जिम्मेदार हो सकती है। जब आपका ग्लूकोज सोने से पहले 140 मिलीग्राम/डीएल के मुकाबले कम हो जाए या कुछ घंटे में इसमें गिरावट आ जाए तो कुछ खा लें।

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नींद में सांस लेना (Sleep Apnea)

जब आप इस स्थिति से गुजर रहे होते हैं तो आपको रात में सांस लेने के दौरान कई बार दिक्कत होती है। क्योंकि आपकी बॉडी को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा होता है, जिसके कारण आपको पसीना आने लगता है। हर बार जब आप दोबारा से सांस लेना शुरू करते हैं तो आपकी मांसपेशियों को दोगुना काम करना पड़ता है। जो लोग रात में सांस लेने के लिए सीपीएपी मशीन का प्रयोग करते हैं उन्हें रात में अक्सर पसीना आता है।

एसिड रिफलक्स (Acid Reflux)

सीने में जलन और सीने में दर्द ही आपको रात में नहीं उठाता। पेट की समस्या का उपचार न कराना आपको रात में पसीना से तरबतर कर सकता है। सोने से पहले कम खाना खाएं और हो सके तो टहलें। फैटी, तले और टमाटार से बने उत्पाद खाने से बचें। अगर आपको सप्ताह में दो बार भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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दवाएं (Medications)

बहुत सी दवाएं रात में पसीने के कारण बन सकती हैं, इसमें बुखार के लिए मेडिकल से खरीदी गई दवाएं भी शामिल हैं। ट्राइसाइक्लिक या टीसीए जैसे पुराने एंटीडिप्रेसेंट्स के साथ-साथ बुप्रोपियन व वेनलाफैक्सिन, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और कोर्टिसोन व प्रेडनिसोन जैसे स्टेरॉयड सामान्य रूप से रात में पसीना आने का कारण बन सकते हैं। ग्लूकोमा के लिए दवाएं और मुंह का सूखना भी पसीने की ग्रंथियों को उत्तेजित करती हैं। इसलिए अपने फार्मासिस्ट या डॉक्टर से जांच कराएं।

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