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दिल के रोगों को बढ़ावा देने वाले 5 कारण, जिन्हें आप सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं

Updated at: Jan 27, 2020
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 27, 2020
दिल के रोगों को बढ़ावा देने वाले 5 कारण, जिन्हें आप सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं

स्वस्थ दिख रहे व्यक्ति को भी अचानक हार्ट अटैक आ सकता है। कई बार हार्ट अटैक के कारण इतने सामान्य होते हैं कि लोगों का इनपर ध्यान ही नहीं जाता है।

ये कहावत बहुत पुरानी है कि "मौत बहाना ढूंढती है"। कई बार बाहर से स्वस्थ लगने वाला व्यक्ति अचानक से बीमार पड़ता है और जांच कराने पर किसी गंभीर बीमारी का शिकार मिलता है। ऐसी घटनाएं हमारे आसपास अक्सर घटती हैं और लोग इसे 'कर्म फल' या 'परमात्मा की इच्छा' समझकर भूल जाते हैं। मगर विज्ञान हर चीज की गहराई तक जाता है और इसकी पड़ताल करता है। कई बार शरीर में घट रहे बदलावों का पता हमें लक्षणों के रूप में तब तक नहीं दिखाई देता है, जब तक कि ये गंभीर न हो जाए। ऐसी आनन-फानन स्थिति के कारण बहुत सारे लोग अपनी जान गंवाते हैं।

क्या आपको पता है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण हार्ट की बीमारियां बनती हैं। हृदय अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट फेल्योर, स्ट्रोक आदि ऐसी बीमारियां हैं, जो कई बार व्यक्ति को संभलने का भी मौका नहीं देती हैं। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे बेहद सामान्य लगने वाले कारण, जो दिल के रोगों को बढ़ावा देते हैं, मगर जानकारी के अभाव में लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

तेज गुस्सा

गुस्सा करना सामान्य है। हर व्यक्ति को कभी न कभी गुस्सा आता ही है। मगर क्या आप जानते हैं कि गुस्सा करने के बाद आपको हार्ट अटैक का खतरा 5 गुना तक बढ़ जाता है? जी हां, रिसर्च बताती हैं कि गुस्सा करने के 2 घंटे बाद तक व्यक्ति को स्ट्रोक, हार्ट अटैक और अनियंत्रित दिल की धड़कनों का खतरा बना रहता है। इसका खतरा 40 की उम्र पार कर चुके लोगों में ज्यादा होता है, मगर हर किसी को ऐसी स्थिति से सावधान रहना चाहिए।

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दांतों की बीमारियां

दांतों की बीमारी से हार्ट अटैक? सुनकर अजीब लग सकता है। मगर हार्ट और मुंह के स्वास्थ्य के बीच काफी गहरा संबंध पाया गया है। कई सारी रिसर्च के आधार पर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मसूड़ों के बैक्टीरिया खून (ब्लड स्ट्रीम) में पहुंचकर हार्ट के रोगों का कारण बन सकते हैं। इन बैक्टीरिया के कारण रक्त वाहिकाओं में सूजन आ जाती है और रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप हर 6 महीने में एक बार अपना डेंटल टेस्ट कराते रहें और मुंह में होने वाले किसी भी रोग को गंभीरता से लें।

अकेलापन

जो लोग बहुत ज्यादा अकेलेपन का सामना करते हैं, उनमें हार्ट की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। साइंस डेली में 2018 में छपी एक रिसर्च के अनुसार अकेलापन हार्ट संबंधी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। जब आप लोगों के साथ वक्त बिताते हैं, तो आप तनावमुक्त रहते हैं और एक्टिव रहते हैं। थोड़े समय के लिए अकेलापन कई बार आपको मानसिक रूप से शांत करता है। मगर लंबे समय में ये कई मानसिक परेशानियों के साथ-साथ हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ाता है।

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लंबे समय तक काम करना

बॉस को इम्प्रेस करने के लिए या एक्सट्रा इनकम के लिए अगर आप रोजाना 10-12 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो सावधान हो जाएं। 'द लैंसेंट' में छपी एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह में 55 घंटे से ज्यादा काम करने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे- लंबे समय तक बैठे रहना, ज्यादा तनाव लेना, ज्यादा एल्कोहल का सेवन आदि। इसी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह में 45 घंटे या इससे कम काम करना आपके दिल के लिए सुरक्षित माना जाता है।

मोटापा

मोटापा इन दिनों एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। पेट के आसपास जमा चर्बी भी हार्ट अटैक का कारण बनती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी महिला की कमर 35 इंच से ज्यादा और पुरुष की कमर 40 इंच से ज्यादा है, तो उसे अपना वजन घटाना शुरू कर देना चाहिए। पेट के आसपास इतनी ज्यादा मात्रा में चर्बी जमा होने से हार्ट अटैक का खतरा रहता है। आप किसी भी उम्र में वजन घटाना शुरू करके हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं।

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