जंक फूड खा-खाकर बच्चा हो गया मोटा तो इन 5 टिप्स से सिखाएं उसे वेट कंट्रोल, बच्चे की निकली हुई तोंद होगी अंदर

Updated at: Aug 13, 2020
जंक फूड खा-खाकर बच्चा हो गया मोटा तो इन 5 टिप्स से सिखाएं उसे वेट कंट्रोल, बच्चे की निकली हुई तोंद होगी अंदर

बच्चों को जंक फूड खाने में बड़ा मजा आता है लेकिन इससे उनके स्वास्थ्य पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ता है। आप इन 5 टिप्स से बच्चों में वेट कंट्रोल कर सकते है

Jitendra Gupta
बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 13, 2020

हममें से ज्यादातर लोग इस बात से सहमत होंगे कि गोलू-मोलू से बच्चे, जिनके गाल मोटे होते हैं और ठुड्डी लटकी हुई होती है बचपन में काफी प्यारे लगते हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती जाती है उनकी ये लटकी हुई चर्बी उनके और उनके माता-पिता के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य चिंता में बदल जाती है। चाहे वह बच्चों हो या फिर बड़े किसी भी उम्र में अधिक वजन का होना डायबिटीज, हृदय रोग और अस्थमा जैसी कई बीमारियों के लिए एक प्रवेश द्वार हो सकता है। बचपन का मोटापा विशेष रूप से शहरी आबादी के बीच एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बन गया है, यह सब हमारी जीवनशैली के कारण है। शरीर पर चढ़ी ये अतिरिक्त चर्बी न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बन सकती है बल्कि यह उनकी मानसिक शक्ति को भी प्रभावित करती है। जैसा कि बच्चे अपने माता-पिता या अभिभावकों पर निर्भर होते हैं, यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे उनका मार्गदर्शन करें और उन्हें अपने वजन का प्रबंधन करने और स्वस्थ जीवन शैली की आदतों को बढ़ावा देने में मदद करें। इस लेख में हम आपको कुछ सरल उपाय बता रहे हैं, जिसके जरिए आप अपने मोटे बच्चों को वेट कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कौन सी हैं ये आदतें । 

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बच्चों में विकसित करें हेल्दी खाने की आदत 

अपने बच्चे को बचपन में ही स्वस्थ खाने की आदतों के बारे में सिखाना या फिर ये आदतें विकसित करने में मदद करना बहुत ही आवश्यक है। यह बड़े होने पर भी उनके साथ रहती हैं। जब भी बात वजन प्रबंधन करने की आती है तो डाइट इसमें एक प्रमुख भूमिका निभाती है। उन्हें एक बार में ही ऐसा करने के लिए मजबूर न करें बल्कि हर दिन छोटे-छोटे प्रयास करें। सब्जियों, फलों और साबुत अनाज उत्पादों के साथ उनकी थाली में छोटी-छोटी जगह बनाएं। उनके चीनी सेवन को सीमित करें और उन्हें अधिक पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करें।

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उन्हें सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करें

चूंकि वे इस उम्र में कठोर एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं इसलिए उन्हें सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें टेलीविजन के सामने ज्यादा वक्त बिताने की अनुमति देने के बजाय, उन्हें आउटडोर गेम खेलने के लिए कहें या उन्हें अपने साथ तेज चलने के लिए कहें। यहां तक कि बच्चों के लिए योग भी अच्छा है। 3 से 5 साल के बच्चों को दिन भर में सक्रिय होना चाहिए, जबकि 6 से 17 साल के बच्चे दिन में कम से कम 60 मिनट तक शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए।

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बच्चों के लिए नींद भी जरूरी 

नींद भी एक महत्वपूर्ण कारक है जो आपके बच्चे के वजन को प्रभावित करती है। एक दिन में पर्याप्त मात्रा में नींद न लेने से वे अपने सामान्य आहार से अधिक खा लेंगे। याद रखें, बच्चों को वयस्कों की तुलना में अधिक नींद की आवश्यकता होती है। उम्र के साथ घंटों की संख्या बदलती रहती है। 

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बच्चों को प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करने दें

चिप्स और चॉकलेट जैसे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ भी वजन बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं। इसके बजाय उन्हें ताजे फल, साबुत अनाज अनाज, नट्स, और दही जैसे स्वस्थ स्नैक्स खाने के लिए दें। कुकीज़ और कैंडी एक समय पर दिए जाने चाहिए न कि रोजाना। 

खाने के बारे में विचार बनाने से बचें

भोजन को अच्छे या बुरे के रूप में लेबल न करें। यह बच्चों को उन खाद्य पदार्थों से अधिक लुभाता है जो प्रतिबंधित होते हैं। आपको उन्हें स्वस्थ खाने के लिए पुरस्कार के रूप में चॉकलेट और कुकीज़ देने से भी बचना चाहिए। जब भी आप उन्हें हेल्दी खाने के लिए कुछ देते हैं तो उन्हें बताए जैसे कि आंखों के लिए गाजर कितनी फायदेमंद है। इस तरह के सकारात्मक शब्दों का उपयोग करें। इससे उन्हें वेजी खाने के महत्व को समझने में मदद मिलेगी।

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